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Delhi : कीटनाशकों के बढ़े दाम के खिलाफ किसानों ने खोला मोर्चा, केंद्र सरकार को दिया एक माह का समय
Wed, 07 Aug 2024 05:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 07 Aug 2024 05:34 AM IST
सार
किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार इस फैसले को तुरंत वापस ले। साथ ही किसानों के हितों के सामान पर सब्सिडी, कर्ज माफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित अन्य मांगें भी रखी हैं।
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कांस्टीट्यूशन क्लब में मीडिया से बात करते किसान नेता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
खेती में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशकों के दाम में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार इस फैसले को तुरंत वापस ले। साथ ही किसानों के हितों के सामान पर सब्सिडी, कर्ज माफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित अन्य मांगें भी रखी हैं। किसानों ने मांगें पूरी करने के लिए केंद्र सरकार को एक माह का समय दिया है।
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मंगलवार को कांस्टीट्यूशन क्लब में मीडिया से बात करते हुए भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. ऋषिपाल अंबावता ने कहा कि एक दवा जो पहले 450 रुपये तक की आती थी, उसकी कीमत बढ़कर करीब 1,300 रुपये तक पहुंच गई। इसके अलावा दूसरी दवाओं की कीमत भी बढ़ गई है। हमारी मांग है कि इन्हें तुरंत वापस लिया जाए। इसके अलावा सरकार और अफसरों की मिलीभगत से बाजार में कंपनियां और दुकानदार नकली कीटनाशक बेच रहे हैं। किसान उसे समझ नहीं पाते, इसकी जांच होनी चाहिए। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है। सरकार से इस पर तुरंत कार्रवाई की मांग करते हैं। सरकार को इस संबंध में ज्ञापन सौंपेंगे। यदि इस संबंध में जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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चौ. ऋषिपाल अंबावता ने कहा कि किसानों को उनकी फसल पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी दी जानी चाहिए। इसकी खरीद अभी लागत से डेढ़ गुना होनी चाहिए। लागत में भूमि का किराया करीब 40 हजार रुपये प्रति एकड़ भी नहीं जोड़ा जाता है। खेती से आय न होने के कारण किसान इससे दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ यूनियन किसानों के हित में बुजुर्ग किसानों को पांच हजार रुपये प्रति माह पेंशन देने की मांग रखता है।
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दो अक्तूबर को लाल बहादुर शास्त्री की समाधि पर जुटेंगे किसान
अंबावता ने कहा कि दो अक्तूबर को नई दिल्ली स्थित पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की समाधि पर देशभर से किसान जुटेंगे। यहां पर किसानों के हितों पर चर्चा होगी। साथ ही किसान राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च करते हुए अपनी बात सरकार तक पहुंचाएंगे। वहीं मुकेश सोलंकी ने कहा कि किसानों की कर्ज माफी होनी चाहिए। मौजूदा समय में किसान कर्ज में डूबे हुए हैं।
जो किसानों के हितों की बात करेगा, उनका समर्थन करेंगे
अंबावता ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री से पिछले दिनों मुलाकात हुई थी, उसमें एमएसपी पर चर्चा हुई। मंत्री ने आश्वासन दिया कि किसानों को उनकी फसल पर एमएसपी देने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि सरकार इस दिशा में अच्छा काम करेगी। उन्होंने कहा कि हमने विपक्ष से भी मुलाकात की है। जो भी किसानों के हितों की बात करेगा, हम उनका समर्थन करेंगे।