{"_id":"67f6de78c6e8c7bc6b0ace9d","slug":"delhi-fake-doctor-arrested-for-killing-patient-by-performing-wrong-surgery-2025-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: गलत सर्जरी कर मरीज की जान लेने वाली फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, बिहार से जाली डिग्री लेकर खोल रखा था क्लीनिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: गलत सर्जरी कर मरीज की जान लेने वाली फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, बिहार से जाली डिग्री लेकर खोल रखा था क्लीनिक
Thu, 10 Apr 2025 02:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 10 Apr 2025 02:24 AM IST
सार
12वीं पास यह महिला बीएएमएस की फर्जी डिग्री लेकर खुद को डाॅक्टर बताकर मरीजों का इलाज करती थी। गलत सर्जरी के कारण एक मरीज की मौत हो गई थी। इस वजह से नौ साल से अधिक समय से फरार थी।
विज्ञापन
demo
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने फर्जी महिला डाॅक्टर किरण श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। 12वीं पास यह महिला बीएएमएस की फर्जी डिग्री लेकर खुद को डाॅक्टर बताकर मरीजों का इलाज करती थी। गलत सर्जरी के कारण एक मरीज की मौत हो गई थी। इस वजह से नौ साल से अधिक समय से फरार थी।
विज्ञापन
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि आरोपी किरण संगम विहार की निवासी है, उसे ग्रेटर कैलाश-दो से पकड़ा गया। यहां वह एक वरिष्ठ नागरिक की देखभाल करने वाली महिला के रूप में काम कर रही थी। आरोपी महिला ने कथित तौर पर बिहार से बीएएमएस की फर्जी डिग्री ले रखी थी। 2008 में रणहौला के विकास नगर में क्लीनिक खोलकर महिलाओं का इलाज करती थी। 2009 में रणहौला निवासी रमेश कुमार ने गर्भवती पत्नी को पेट दर्द पर इसके क्लीनिक में भर्ती कराया।
विज्ञापन
एफआईआर के अनुसार, फर्जी डॉक्टर ने दवा देकर मरीज को छुट्टी दे दी। जब दर्द जारी रहा, तो उसे अगले दिन फिर से भर्ती कराया गया और सर्जरी की गई। मरीज को फिर से छुट्टी मिलने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसे डीडीयू अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई। जांच में पता चला कि आरोपी महिला डाॅक्टर के पास कोई औपचारिक चिकित्सा शिक्षा नहीं थी और उसने कथित तौर पर अपने प्रमाण-पत्रों में जालसाजी की थी। ऐसे में उसे गिरफ्तार कर लिया गया, बाद में उसे जमानत मिल गई।
विज्ञापन
अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया था
अदालत में पेश न होने के बाद फर्जी महिला डॉक्टर को 2016 में भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। पूछताछ के दौरान उसने 2005-06 में उत्तम नगर में एक डॉक्टर की सहायता करते हुए बुनियादी उपचार सीखने की बात कबूल की। बाद में जाली डिग्री हासिल कर अपना क्लीनिक खोला। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदलती रही।