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दिल्ली: रोहिणी में फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा, एक लैपटॉप, 29 मोबाइल फोन, एक टैबलेट बरामद
Tue, 31 Aug 2021 02:42 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Tue, 31 Aug 2021 02:42 PM IST
सार
प्रधानमंत्री लोन योजना के तहत लोन देने का झांसा देकर कर रहे थे ठगी, प्रबंधक और 11 लड़कियां गिरफ्तार, मालिक की पुलिस कर रही है तलाश।
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ठगी का कॉल सेंटर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Vishnu Sharma
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विस्तार
रोहिणी जिला के साइबर सेल ने रोहिणी सेक्टर छह में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने कॉल सेंटर प्रबंधक और यहां टेलीकॉलर का काम करने वाली 11 लड़कियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रधानमंत्री लोन योजना के तहत लोन देने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। सेंटर से पुलिस ने एक लैपटॉप, 29 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, रजिस्टर, डोंगल और अन्य दस्तावेज बरामद किया है। आरोपी महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के लोगों से ठगी कर रहे थे।
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जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने बताया कि साइबर सेल को सेक्टर 6 रोहिणी के विश्राम चौक के पास एक फर्जी कॉल सेंटर चलने की जानकारी मिली। सूचना को पुख्ता करने के बाद पुलिस टीम ने 28 अगस्त को उक्त सेंटर पर छापा मारा। पुलिस के वहां पहुंचते ही टेलीकॉलर का काम कर रही लड़कियां अपनी मोबाइल फोन छिपाने लगी। छानबीन में पता चला कि आरोपी सेंटर से प्रधानमंत्री लोन योजना के तहत कम ब्याज पर व्यक्तिगत लोन देने के झांसा देकर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने सेंटर के प्रबंधक नांगलोई निवासी दीपक साहनी और 11 लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया।
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पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि लोन दिलाने के टेलीकॉलर लोगों को फोन करती थी। लोन लेने वाले इच्छुक व्यक्ति से उनके दस्तावेज मंगाए जाते थे। उसके बाद उन्हें प्रोसेसिंग फीस जमा करने के लिए कहा जाता था। साथ ही उनसे अन्य मदों में भी पैसे जमा करवाए जाते थे। पैसे मिलने के बाद लोन लेने के इच्छुक व्यक्ति के फोन को ब्लॉक कर दिया जाता था। जांच में पता चला कि आरोपी महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, और मध्य प्रदेश के रहने वाले लोगों से ठगी करते थे। पुलिस के मुताबिक कॉल सेंटर का मालिक अभी फरार है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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