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Delhi: केजरीवाल-सिसोदिया ने हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना, आबकारी केस में कोर्ट ने किया था आरोप मुक्त

Sat, 28 Feb 2026 12:47 PM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: Vijay Singh Pundir Updated Sat, 28 Feb 2026 12:47 PM IST
सार

विशेष अदालत ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील आबकारी घोटाले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया एवं तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के कविता और 20 अन्य लोगों को आरोप मुक्त कर दिया। अदालत ने कहा कि गंभीर संदेह तो दूर की बात है, इसमें तो प्रथमदृष्टया मामला भी नहीं बनता। वहीं, आज केजरीवाल, पार्टी नेताओं के साथ हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की।

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Delhi Excise Policy Case Updates Arvind Kejriwal, Manish Sisodia, Sanjay Singh
केजरीवाल ने हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना - फोटो : ANI

विस्तार

राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी घोटाले में सीबीआई की चार्जशीट को खारिज कर दिया है। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को आरोप तय करने से इनकार करते हुए बरी कर दिया। अदालत ने सीबीआई के आरोपों को अपर्याप्त, विरोधाभासी और बिना ठोस सबूतों के बताते हुए जांच एजेंसी की साजिश थ्योरी को कमजोर करार दिया। इस फैसले के बाद आज केजरीवाल और सिसोदिया ने पार्टी नेताओं के साथ दिल्ली के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की।

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मामले की शुरुआत 2022 में हुई थी, जब सीबीआई ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी 2021-22 में कथित अनियमितताओं की जांच शुरू की। एजेंसी ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (आरोपी-8) और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (आरोपी-18) समेत अन्य ने निजी शराब कारोबारियों के साथ मिलीभगत कर नीति को प्रभावित किया, जिससे करोड़ों रुपये का अवैध लाभ हुआ। सीबीआई की मुख्य चार्जशीट और चार पूरक चार्जशीट्स में कुल 23 आरोपी बनाए गए थे, जिनमें विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, समीर महेंद्रू, के. कविता और अन्य शामिल थे। आरोप थे कि नीति में बदलाव से थोक विक्रेताओं को 12% मार्जिन दिया गया, जो कथित तौर पर रिश्वत के रूप में साझा किया गया।

राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष जज जितेंद्र सिंह ने कहा, ऐसा लगता है कि जांच पूर्वनिर्धारित दिशा में आगे बढ़ी, जिसमें नीति बनाने या कार्यान्वयन से जुड़े लगभग हर व्यक्ति को फंसाया गया, ताकि अन्यथा कमजोर कहानी को गहराई और विश्वसनीयता का भ्रम दिया जा सके। कोर्ट ने कहा, रिकॉर्ड पर रखी सामग्री का मूल्यांकन ऐसी जांच पद्धति को उजागर करता है, जिसके जरिये कानूनी रूप से स्वीकार्य सामग्री के अभाव में बड़ी व जटिल साजिश का आभास पैदा करने की कोशिश की जाती है। कोर्ट ने हिदायत दी, अनुमान एवं धारणा की जगह जांच एजेंसियों को निष्पक्षता के साथ सिर्फ प्रामाणिक एवं ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही मुकदमे दायर करने चाहिए।

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598 पन्नों के आदेश में कोर्ट ने कहा, मामला आपराधिक अभियोजन की बुनियादी शर्तों को भी पूरा नहीं करता। ऐसे में आरोपी संख्या 1 से 23 को सभी आरोपों से मुक्त किया जाता है। इनमें विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, समीर महेंदू भी शामिल हैं।

चार्जशीट में अपराध का एक भी सबूत नहीं, जांच अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश
दिल्ली एक्साइज पॉलिसी घोटाले में सीबीआई की हजारों पन्नों की चार्जशीट को राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूरी तरह खारिज कर दिया। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने 598 पेज के अपने आदेश में कहा कि मुख्य चार्जशीट (24 नवंबर 2022) और चार पूरक चार्जशीटों में अपराध का एक भी ठोस सबूत नहीं है। अदालत ने सीबीआई जांच को विरोधाभासी और हेरफेर से भरी बताते हुए जांच अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की। जज ने सीबीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दस्तावेज गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते, अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में पूरी तरह विफल रहा। इसमें कोई आपराधिक साजिश का साक्ष्य नहीं मिला।

अदालत ने सुनवाई के दौरान एजेंसी पर कई बार नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हजारों पेजों में पेश तथ्य गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते। फैसले में जेल में बिताए समय पर भी टिप्पणी की। अदालत ने नोट किया कि मनीष सिसोदिया करीब 530 दिन जेल में रहे, जबकि अरविंद केजरीवाल दो बार के अंतराल में 156 दिन हिरासत में थे।

केजरीवाल को 13 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई मामले में जमानत दी थी। सुनवाई के दौरान सीबीआई की चार्जशीट पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रस्तुत दस्तावेज चार्जशीट से मेल नहीं खाते। आरोप तय करने पर 12 फरवरी 2026 को फैसला सुरक्षित रखा गया था।

ये 23 लोग हुए आरोपमुक्त
अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, कविता कल्वाकुंटला उर्फ के. कविता, दुर्गेश पाठक, कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, अरुण रामचंद्र पिल्लई, मूथा गौतम, समीर महेंद्रू, अमनदीप सिंह ढल, अर्जुन पांडे, बुच्चिबाबू गोरंटला, राजेश जोशी, दामोदर प्रसाद शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद कुमार सिंह, चनप्रीत सिंह रायत, कविता कल्वाकुंटला उर्फ के. कविता, दुर्गेश पाठक, अमित अरोड़ा, विनोद चौहान, आशीष चंद माथुर और सरथ चंद्र रेड्डी। जज ने विशेष रूप से कुलदीप सिंह को आरोपी नंबर 1 बनाने पर आश्चर्य जताया और सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश की।

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