AAP प्रवक्ता ने पूरे मामले को जातीय रंग दिया, कहा- बिना सबूत के MLAs को किया अरेस्ट
दिल्ली सचिवालय में हुए हंगामे के दूसरे दिन बुधवार पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने बुधवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात की। मंत्री ने शिकायत की कि दिल्ली सचिवालय में मंगलवार को उनके व उनके सहायक के साथ मारपीट की गयी।
इस मौके पर उन्होंने जरूरी प्रमाण भी उपराज्यपाल को दिखाया। उपराज्यपाल ने भरोसा दिया है कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी। दूसरी तरफ मुख्य सचिव की एमएलसी रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद आम आदमी पार्र्टी (आप) ने एक तस्वीर जारी की।
इसे इमरान हुसैन का सहायक बताया गया है। तस्वीर में दिख रही सहायक की पीठ पर मारपीट के निशान हैं।
पार्टी का सवाल है कि दिल्ली सचिवालय में हुयी मारपीट के 24 घंटे के बाद मंत्री के सहायक की पीठ में गहरे निशान हैं। लेकिन मुख्य सचिव का पद उसके पास न होने से उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
दलित व मुसलिम विधायक ही क्यों हुये गिरफ्तार
इसके अलावा पार्टी नेता आशुतोष ने पूरे घटनाक्रम का जातीय रंग देने की भी कोशिश की। आशुतोष ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री आवास पर 11 विधायक मौजूद थे।
लेकिन दलित विधायक प्रकाश जरवाल और मुसलिम विधायक अमानतुल्लाह को ही क्यों गिरफ्तार किया गया। आशुतोष के मुताबिक, मुख्य सचिव न तो प्रकाश जरवाल के खिलाफ सबूत पेश कर पाए हैं और न ही अमानतुल्लाह खान के खिलाफ।
इसके बावजूद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। यह पार्टी की छवि धूमिल करने की कोशिश है।