जिस हथिनी को दो माह से ढूंढ रहे थे पुलिस और वन विभाग, वो दिल्ली से ही हुई बरामद
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दो महीने से लापता चल रही लक्ष्मी जिसकी तलाश दिल्ली पुलिस और वन विभाग दोनों कर रहे थे, वह आखिर मंगलवार देर रात मिल ही गई। लक्ष्मी वो हथिनी है जिसे उसके महावत (केयरटेकर) ने छुपा रखा था। आरोपी केयरटेकर को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
डीसीपी ईस्ट जसमीत सिंह ने बताया कि लक्ष्मी और उसके महावत को ट्रेस करके इसकी सूचना वन विभाग को दे दी गई है। इन्हें चिल्ला गांव के पूर्वी यमुना खादर से बरामद किया गया।
आरोपियों के खिलाफ शकरपुर पुलिस स्टेशन में हथिनी के साथ कथित रूप से भागने का केस दर्ज है। लक्ष्मी और उसके महावत को ढूंढने के लिए वन विभाग के 14 सदस्यों और पुलिस के तीन सदस्यों की टीम बनाई गई थी। लक्ष्मी का महावत अपने दो साथियों के साथियों के साथ उसे लेकर 6 जुलाई को भाग गया था।
नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन दो महीनों के दौरान लक्ष्मी यमुना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में छिपी थी जहां लंबी झाड़ियां हैं। मंगलवार को पुलिस ने लक्ष्मी को खोजने का अभियान पूरी तरह से नए सिरे से शुरू किया गया जब पुलिस को पता चला कि लक्ष्मी का महावत उसे लेकर दिल्ली में ही यमुना किनारे कहीं है।
59 वर्षीय लक्ष्मी दिल्ली की आखिरी हथिनी है और इस वक्त वह जूनॉटिक वायरल बीमारी से जूझ रही है। लक्ष्मी को पुनर्वास के लिए दिल्ली से बाहर ले जाया जाना था। लक्ष्मी के महावत का परिवार गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट भी गया लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई। इनके जमानत पर 23 सितंबर को अगली सुनवाई होगी।
अधिकारी ने बताया, ‘‘हमने पुलिस से यमुना पुश्ता इलाके में गश्त बढ़ाने का अनुरोध किया क्योंकि हमें संदेह था कि हथिनी को कहीं रखा गया है। शकरपुर पुलिस ने सुबह-सुबह महावत और हथिनी को पकड़ा और हमें सूचित किया।’’ उन्होंने बताया कि हथिनी सुरक्षित है। इसे सुबह स्नान कराया गया और नाश्ता दिया गया। उन्होंने बताया कि हथिनी को हरियाणा में पुनर्वास केंद्र भेजा जाएगा।