दिल्ली चुनाव: त्रिकोणीय मुकाबले में फंसी है राखी बिड़लान
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मंगोलपुरी विधानसभा क्षेत्र में पिछले चुनाव में चौंकाने वाला नतीजा देने वाली आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार राखी बिड़लान इस बार त्रिकोणीय मुकाबले में फंसी हैं। उनके सामने इलाके से चार बार विधायक रहे राजकुमार चौहान और भाजपा के नए खिलाड़ी माने जा रहे सुरजीत कुमार से कड़ी चुनौती हैं। बसपा उम्मीदवार देवेंद्र कुमार भी मैदान कूदकर मुकाबले को चतुष्कोणीय बनाने में लगे हैं।
वर्ष 1993 से लेकर 2008 तक हुए चार विधानसभा चुनाव में मंगोलपुरी में कांग्रेस के राजकुमार चौहान जीत हासिल की थी। इन चुनाव में भाजपा, जनता दल और बसपा के उम्मीदवार उनके समक्ष कोई चुनौती पेश नहीं कर सके थे।
इस कारण यह क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ माने जाने लग गया था, मगर पिछले चुनाव में केवल सवा साल पहले अस्तित्व में आई आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाकर सबको चौंका दिया, मगर इस बार किसी भी दल के लिए राह आसान नहीं मानी जा रही है। मतदाता पूरी तरह शांत हैं।
मंगोलपुरी में छह प्रत्याशी हैं मुकाबले में
इलाके में अनुसूचित जाति के मतदाताओं की बहुलता के चलते यह क्षेत्र शुरू से ही आरक्षित है, मगर परिसीमन के दौरान इस क्षेत्र में दो गांव और रोहिणी जैसी पॉश कॉलोनी के कुछ सेक्टर भी इसमें शामिल कर दिए गए हैं। इस कारण माना जा रहा है शहरी क्षेत्र और गांव के मतदाता निर्णायक है और वह जिस ओर झुकाव करेंगे जीत उसकी सुनिश्चित होगी।
मंगोलपुरी इलाके में छह प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें पांच विभिन्न दलों के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि एक उम्मीदवार निर्दलीय है। सभी उम्मीदवार एक-दूसरे को चुनावी दंगल में मात देने के लिए पूरी ताकत लगाए हुए है। वह एक-एक मतदाता से संपर्क साधने में लगे हैं और सभी अपनी-अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं।