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Delhi Elections : मतदान के बाद सबका अपना सियासी गणित, राजनीतिक थ्योरी भी अपनी; सभी मान रहे अपनी जीत पक्की
Thu, 06 Feb 2025 05:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा
नवनीत शरण, नई दिल्ली
नवनीत शरण, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 06 Feb 2025 05:56 AM IST
सार
आम आदमी पार्टी जहां दिल्ली के विकास और महिला सम्मान योजना पर अपनी जीत सुनिश्चित मानकर चल रही है। वहीं, मतदान के रुझान से भाजपा मान रही है कि वोटर इस बार बदलाव के हक में है। इसके पीछे वह एक्जिट पोल का हवाला भी दे रही है।
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भाजपा नेता प्रवेश वर्मा व आप नेता सौरभ भारद्वाज
- फोटो : ANI
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विस्तार
दिल्ली की सियासत के सिकंदर का पता बेशक आठ फरवरी को चलेगा, लेकिन मतदान के बाद राजनीतिक दलों के अपने-अपने दावे हैं। जीत-हार को लेकर मतदान खत्म होने के साथ ही पार्टियों ने अपना-अपना आकलन शुरू कर दिया। बूथ इंचार्ज से पूरी रिपोर्ट ली गई। आम आदमी पार्टी जहां दिल्ली के विकास और महिला सम्मान योजना पर अपनी जीत सुनिश्चित मानकर चल रही है। वहीं, मतदान के रुझान से भाजपा मान रही है कि वोटर इस बार बदलाव के हक में है। इसके पीछे वह एक्जिट पोल का हवाला भी दे रही है।
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कांग्रेस भी खुद को कमतर नहीं मान रही है। पार्टी का मानना है कि बेशक इस बार वह सरकार बनाने लायक बहुमत न ला सके, लेकिन उसका मूल वोट बैंक लौटता दिख रहा है। तीनों प्रमुख दलों के अपने सियासी गुणा-गणित हैं और अपनी-अपनी थ्योरी भी। इसी भरोसे वह सत्ता की चाबी अपने पास होने का दावा तीनों कर रहे हैं।
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भाजपा मान रही पक्ष में बयार
दिनभर के मतदान के रुझान और एग्जिट पोल को देखते हुए भाजपा नेताओं का दावा है कि इस बार दिल्ली में उसकी सरकार बनेगी। भाजपा मान रही है कि इस बार उसके पक्ष में बयार है। कांग्रेस ने भी आप के वोटरों में सेंध लगाई है। खासकर मुस्लिम मतदाता बंट गए है। ऐसे में आप का आधार खिसक गया है। पंजाब में जिस तरह के आप ने महिला सम्मान योजना लागू नहीं की थी, उससे दिल्ली के वोटर भी भरोसा नहीं कर सके। इतना ही नहीं, मध्य वर्ग ने इस वजह से बढ़-चढ़कर मतदान किया है। बजट में मिली छूट से इनकम टैक्स देने की लोगों में चिंता नहीं है।
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पीएम मोदी पर भी यकीन
भाजपा रणनीतिकार मान रहे हैं कि जनकल्याणकारी योजनाओं के जारी रखने के पीएम मोदी के वायदे पर भी लोगों ने यकीन जताया है। इसका फायदा मिला है। इसके अलावा इस बार मतदाता यह नहीं चाहते है कि कोई ऐसी सरकार बने, जो केंद्र से टकराव के मूड में रहे और विकास बाधित हो। झुग्गी क्लस्टरों में शीशमहल को लेकर काफी विरोध था। झुग्गियों में जरूरी आवश्यकता भी पूरा करने में आप सरकार विफल साबित हुई। लिहाजा, उस पॉकेट में भी बदलाव की बयार है। कहीं न कहीं दिल्ली वालों को लगने लगा था कि आप नेता अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, गोपाल राय और आतिशी भी जीत से दूर हैं।
झुग्गी झोपड़ी के वोटरों पर सभी का दावा
झुग्गी झोपड़ी के वोटर को लेकर सभी पार्टियां अपने तरीके से परिभाषित कर रही हैं। भाजपा का दावा है कि झुग्गी और अनधिकृत कॉलोनियों के वोटरों का ध्रुवीकरण हुआ है। पीएम आवास योजना से भाजपा में विश्वास बढ़ा है। वहीं, आप का दावा है कि झुग्गी व अनधिकृत कॉलोनी के लोगों ने झाड़ू को ही फिर से अपनाया है। कांग्रेस भी मान कर नहीं चल रही है कि आप में जो वोटर चले गए थे उनकी वापसी हो गई है। अनधिकृत कॉलोनी में रहने वाले पूर्वांचली वोटरों पर भी सभी ने दावा ठोका है।