Delhi Elections 2025 : आज लोकतंत्र का उत्सव, मतदान जरूर करें; 699 उम्मीदवारों का भाग्य तय करेंगे 'विधाता'
बुधवार को लोकतंत्र के भाग्यविधाता मतदाता 699 सियासी उम्मीदवारों में से 70 के भाग्य का फैसला ईवीएम बटन दबाकर कर देंगे। उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विधानसभा चुनाव की करीब दो महीने से चल रही सियासी जंग निर्णायक दौर में पहुंच गई है। बुधवार को लोकतंत्र के भाग्यविधाता मतदाता 699 सियासी उम्मीदवारों में से 70 के भाग्य का फैसला ईवीएम बटन दबाकर कर देंगे। उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी। मंगलवार को दिनभर सभी दल विपक्षी को चित करने के लिए अपने अंतिम मोहरे फिट करते दिखे। सबका फोकस बूथ प्रबंधन पर रहा। अपने कार्यकर्ताओं को सभी पार्टियों ने नसीहत दी कि वे ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक ले जाएं। साथ में विपक्ष की गतिविधियों पर भी नजर रखें।
बड़ी रैली और चुनावी जनसभा पर रोक लगने के बाद प्रत्याशियों का फोकस डोर-टू-डोर कैंपेन पर रहा। पार्टी प्रत्याशी और उनके परिजन कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर पहुंचकर मतदान करने की अपील करते दिखे। सभी दलों ने इसके लिए पार्टी का परिपत्र तैयार करवाया है। एक तरफ चुनावी एजेंडा छपा है तो दूसरी तरफ मतदाता सूची और बूथ नंबर लिखा है, ताकि किसी को वोटिंग सेंटर जाने के बाद बूथ तलाशने की आवश्यकता न पड़े।
खास तरीके से हुआ प्रचार
विभिन्न इलाकों में मंगलवार को ज्यादातर ऑटो और बैट्री रिक्शा भगवा झंडा लगाए हुए नजर आए। झंडे पर भगवान श्रीराम के फोटो के साथ जय श्रीराम लिखा हुआ था। वहीं, कई दलों ने तिरंगे से प्रचार किया। दूसरी तरफ अलग-अलग इलाकों में पार्टी विशेष की टोपी और झंडे के रंग के कपड़े पहनकर लोग घूमते दिखे। रणनीतिकारों का कहना है कि इसके सहारे यह दिखाने की कोशिश हुई कि पार्टी विशेष के पक्ष में माहौल बना हुआ है।
बूथ एजेंट को दिए निर्देश
मतदान के लिए बूथ एजेंट को दलों ने मतदान की पूर्व संध्या पर दिशा-निर्देश जारी किए। सुबह 6 बजे से ही हर बूथ पर स्थानीय मतदाताओं की सूची के साथ टेबल-कुर्सी पर बैठने को कहा गया है। यह भी ध्यान रखने को कहा गया कि किस पॉकेट व बूथ पर किस घर के मतदाता केंद्र तक नहीं पहुंचे हैं।
बूथ तक मतदाताओं को लाने की तैयारी
ज्यादा से ज्यादा मतदान कराने के लिए दल कई सहूलियतें भी प्रदान कर रहे हैं। इसके लिए पार्टियों ने बैट्री रिक्शा का प्रबंध किया है। इसे हर कॉलोनी और बूथ पर तैनात किया जाएगा। इनका काम यह होगा कि मतदाताओं को उनके घर से केंद्र तक पहुंचाएं और फिर घर तक छोड़कर आएं। बकायदा ऑटो और बैट्री रिक्शा चालकों के फोन नंबर भी जारी किए गए हैं।
...ताकि मतदान की रफ्तार कम न हो
कई बार अचानक से मतदान की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। ऐसे में दलों ने टीमें तैयारें की हैं जो बूथ एजेंट से संपर्क साधकर यह पता करेंगे कि किस घर से मतदाता पोलिंग बूथ तक नहीं पहुंचे हैं। इसके बाद टीमें उस मतदाता के घर पहुंचकर मतदान की अपील करेंगी। व्हाट्सएप ग्रुप के साथ ही अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से भी मतदान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्थानीय कार्यकर्ता उन्हें फोन कर भी मतदान केंद्र तक पहुंचने की अपील करेंगे।
नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल, वीडियो रिकॉर्डिंग व रील पर भी रोक
स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन नियमों का पालन करना सभी उम्मीदवारों, दलों और मतदाताओं के लिए अनिवार्य है। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखना और सभी मतदाताओं को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष वातावरण में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने में सक्षम बनाना है।
चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि सभी संबंधित पक्षों से अपेक्षा की जाती है कि वह नियमों का पूरी तरह पालन करें, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुचारू और निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सके। मतदान को सुविधाजनक बनाने के लिए चुनाव आयोग ने मतदान के लिए हर बूथ पर बारिश, धूप से बचने के लिए शेड, पानी, बच्चों के लिए क्रेच और व्हील चेयर की सुविधा दी है। साथ ही, पैरा मेडिकल टीम भी तैनात रहेंगी। बांस-बल्ली लगाकर महिलाओं के लिए अलग लाइन की भी व्यवस्था की गई है।
मतदान केंद्र के आसपास के नियम
200 मीटर की सीमा : किसी भी उम्मीदवार या राजनीतिक दल को मतदान केंद्र से 200 मीटर की दूरी के भीतर कोई भी बूथ स्थापित करने की अनुमति नहीं होगी। यदि एक ही परिसर में एक से अधिक मतदान केंद्र हैं, तो ऐसे परिसर से 200 मीटर की दूरी के बाहर प्रत्येक उम्मीदवार केवल एक बूथ स्थापित कर सकता है।
बूथ की संरचना : प्रत्येक बूथ पर केवल एक मेज और दो कुर्सियों की अनुमति होगी। मौसम से बचाव के लिए छाता, तिरपाल या कपड़े का टुकड़ा इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन बूथ को कनात या टेंट से घेरा नहीं जाएगा।
प्रचार सामग्री : बूथ पर उम्मीदवार, पार्टी व चुनाव चिह्न का नाम प्रदर्शित करने के लिए केवल एक बैनर की अनुमति होगी, जिसका अधिकतम आकार तीन फीट गुणा साढ़े चार फीट होगा।
वाहनों के उपयोग के संबंध में नियम
उम्मीदवार के लिए वाहन : प्रत्येक उम्मीदवार को अपने उपयोग के लिए एक वाहन की अनुमति है। इसके अलावा निर्वाचन अभिकर्ता के लिए एक वाहन और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में उनके कार्यकर्ताओं के लिए एक वाहन की अनुमति है।
मतदाताओं का परिवहन : उम्मीदवार या उनके एजेंट द्वारा मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने-ले जाने के लिए वाहनों का उपयोग करना प्रतिबंधित है। ऐसा करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123(5) के तहत भ्रष्ट आचरण माना जाएगा।
वाहनों की पार्किंग : मतदाता अपने निजी वाहनों का उपयोग स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों के लिए कर सकते हैं, लेकिन मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में वाहनों को ले जाने की अनुमति नहीं है।
मोबाइल और अन्य उपकरणों का उपयोग
मतदान केंद्र के भीतर: किसी भी मतदाता या मतदान अभिकर्ता को केंद्र के भीतर मोबाइल, वायरलेस सेट आदि ले जाने या उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध कानून व व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों, ड्यूटी मजिस्ट्रेटों, चुनाव ड्यूटी पर तैनात सेक्टर अधिकारियों आदि पर लागू नहीं होगा। 100 मीटर की सीमा : केंद्र के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के चुनाव प्रचार, पोस्टर, बैनर या चिह्न प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं होगी।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
मतदाता पर्चियां: मतदाता पर्चियां केवल सादी सफेद होंगी, जिन पर किसी उम्मीदवार या पार्टी का नाम एवं प्रतीक अंकित नहीं होगा। वीडियो रिकॉर्डिंग और री लः जिन मतदान केंद्रों पर सेल्फी केंद्र बने हैं। वहां भी मतदान के बाद मतदाता साथ में आए परिजन को मोबाइल देकर सेल्फी या फोटो ले सकेंगे। मतदान केंद्रों पर वीडियो रिकॉर्डिंग और रील बनाने पर प्रतिबंध है। यह प्रतिबंध कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों, ड्यूटी मजिस्ट्रेटों, चुनाव ड्यूटी पर तैनात सेक्टर अधिकारियों आदि पर लागू नहीं होगा।
फ्री, बिना डर और शांतिपूर्ण मतदान कराने का दावा
दिल्ली पुलिस ने विधानसभा चुनावों के लिए होने वाले मतदान को फ्री, बिना डर और शांतिपूर्ण कराने का दाव किया है। दिल्ली पुलिस के दिल्ली विस चुनावों के नोडल अफसर व विशेष पुलिस आयुक्त देवेश श्रीवास्तव ने कहा है कि दिल्ली पुलिस ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंगलवार दोपहर तीन बजे तक पोलिंग पार्टियां पोलिंग स्टेशनों में पहुंच गई थीं। देर रात तक सभी पोलिंग पार्टियां पोलिंग स्टेशनों में पहुंच जाएंगी।
विस चुनावों के नोडल अफसर देवेश श्रीवास्तव ने मंगलवार शाम को मीडियाकर्मियों से जानकारी साझा करते हुए बताया कि दिल्ली पुलिस ने व्यापक तैयारियां की हैं। सात जनवरी से जब से आचार संहिता लागू हुई थी तभी से सभी तैयारियां पूरा करना शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस ने पिछले 24 घंटों में लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पिछले 24 घंटे में 14 भगोड़ा बदमाश गिरफ्तार किए गए हैं। आचार संहिता उल्लंघन के 25 मामले दर्ज किए गए हैं। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री डालने आदि को लेकर चार एफआईआर व दो एनसीआर दर्ज की गई हैं। 278 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 12.58 हजार की नकदी जब्त की है।
7 अवैध हथियार, इनको लेकर आठ एफआईआर और नौ अवध हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। 1835 लीटर अवैध शराब के साथ 28 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कुल 27 एफआईआर दर्ज की गई हैं। उन्होंने बताया कि सीनियर पुलिस अधिकारी इलाके में रहेंगे। सभी जगह फ्लैग मार्च किया जा रहा है। पेट्रोलिंग टीमें पेट्रोलिंग कर रही हैं। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि संबंधित थानाध्यक्ष और एसीपी को अपने साथ वीडियोग्राफी के लिए कैमरे रखने होंगे।
चार फरवरी तक जब्त सामान
- आर्म्स एक्ट के तहत 491 आरोपी गिरफ्तार, 469 अवैध हथियार और 513 कारतूस बरामद किए गए हैं
- अवैध शराब की तस्करी के आरोप में 1381 लोगों को किया गिरफ्तार, 1.10 लाख लीटर शराब जब्त की गई है
- मादक पदार्थों को लेकर 177 आरोपी गिरफ्तार, 77.93 करोड़ से अधिक की 196.6 किलो ड्रग्स बरामद की गई है
- करीब एक करोड़ मूल्य की 37.4 किलो चांदी व ०.85 ग्राम सोना बरामद किया गया है
- आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में 1531 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है
- इसके अलावा अवैध गतिविधियों मेंं शामिल 32201 लोगों को गिरफ्तार किया गया है
आकर्षक व जरूरी जनसुविधाओं वाले पांच तरह के बूथ बनाए
विधानसभा चुनाव में मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने पूरा जोर लगाया हुआ है। आकर्षक व जरूरी जनसुविधाओं वाले पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। साथ ही, जिन बुजुर्ग मतदाताओं ने घर से मतदान करने की जगह पोलिंग बूथ पर आकर मतदान की इच्छा जताई है, उन्हें लाने व वापस छोड़ने की सुविधा भी प्रशासन मुहैया कराएगा। इसके लिए फार्म भरवाए गए हैं। ई-रिक्शा के जरिये लाया ले जाया जाएगा।
सामान्य को छोड़कर, मॉडल, पिंक, यूथ, थीम आधारित व पीडब्ल्यूडी बूथ बनाए गए हैं। इनमें मॉडल बूथ पहली बार झुग्गी-झोपड़ी कॉलोनियों में भी बने हैं। इन पर मतदाताओं के लिए सेल्फी प्वाइंट भी बनाए गए हैं। साथ ही, मतदाताओं के लाइव स्केच बनवाने के लिए कुछ जगहों पर आर्टिस्ट भी बैठाए जाएंगे। 70 पिंक बूथ बनाए गए हैं जिन पर महिलाओं से जुड़ी सभी जन सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इन बूथ की कमान पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में होगी। इसी तरह बनाए गए 69 यूथ बूथ के संचालन की कमान युवाओं के हाथ में होगी। इसका मकसद युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में मतदान के लिए प्रेरित करना है। यूथ बूथ सबसे ज्यादा नार्थ दिल्ली में 8 जगह बनाए गए हैं। थीम आधारित बूथ आर्किटेक्चर, इतिहास, पर्यावरण, जलवायु संतुलन आदि थीम पर अकेले नई दिल्ली में 37 बूथ बनाए गए हैं।
सुविधाओं के साथ सहायक भी रहेंगे मौजूद
शारीरिक रूप से अक्षम (पर्सन विद डिसएबिलिटीज) मतदाताओं के लिए अलग से बूथ बनाए गए हैं। 11 जिलों में 70 पीडब्ल्यूडी बूथ बनाए गए हैं। सबसे ज्यादा यह बूथ नार्थ दिल्ली में 8 जगह बनाए गए हैं। बाकी अन्य जिलों में 5, 6, 7 की संख्या में हैं। इन बूथ पर मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर, बैशाखी, समेत अन्य सुविधाएं रहेंगी। रैंप भी बनाए गए हैं। दृष्टिबाधित मतदाता जहां पर हैं, उन्हें वोट डलवाने के लिए सहायक भी मौजूद रहेंगे। इसका प्रशिक्षण भी मतदाताओं को अलग से दिलाया गया है।