केजरीवाल के हर झूठ पर भारी पड़ेगी दो रूपये किलो आटा, बेटियों को स्कूटी देने की योजना: तरुण चुघ
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ पार्टी के ऐसे नेताओं में से हैं जो बेहद शांत तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। लोकसभा चुनाव की तरह दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी शीर्ष नेताओं के प्रवास के प्रबंधन की जिम्मेदारी उनके पास है। दिल्ली चुनाव में पार्टी की तैयारियां किस प्रकार की रही हैं, इसे समझने के लिए हमारे विशेष संवाददाता अमित शर्मा ने उनसे मुलाकात की और चुनाव के विभिन्न पक्षों पर बातचीत की। प्रस्तुत है वार्ता के प्रमुख अंश-
प्रश्न- तरुण चुघ जी, बेहद कम समय में देश के सैकड़ों शीर्ष नेताओं की जनसभाओं का प्रबंधन अपने आप में बेहद कठिन काम है। आप यह कैसे कर पाते हैं?
अगर आप दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी हैं तो आपका प्रबंधन भी सर्वोच्च कोटि का होना आवश्यक हो जाता है। पार्टी का कोई भी काम किसी एक व्यक्ति से किया जाना संभव नहीं होता। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और भारी संख्या में कार्यकर्ताओं का सहयोग रहता है। इसी से यह कठिन काम भी बेहद आसान हो जाता है।
प्रश्न- इस बार आपके कुल कितने नेता बाहर के राज्यों से दिल्ली चुनाव प्रचार में आये हैं? इनके ठहरने से लेकर चुनावी सभाओं तक का प्रबंधन आपने कैसे किया?
देश के लिए यह बेहद अहम चुनाव है। हर शीर्ष नेता इसमें अपनी भागीदारी लेना चाहता है।यही कारण है कि दिल्ली चुनाव में नेताओं की भारी संख्या आपको देखने को मिल रही है। इस बार लगभग 250 शीर्ष नेता चुनाव प्रचार में उतरे हैं। प्रत्येक राज्य के लिए हमने एक टीम बना रखी है। जो भी नेता उस राज्य से प्रवास के लिए आये हैं, उनके आने-जाने, ठहरने से लेकर उनकी सभाओं तक की सारी व्यवस्थाओं के लिए एक-एक टीम बनी है। जिस विधानसभा में जिस नेता की सभा की मांग होती है, उनके विशेष अधिकारियों से मिलकर जगह और समय का चयन कर लिया जाता है।
वार्ता जारी...
प्रश्न- किस नेता की चुनाव सभाओं की मांग प्रत्याशियों के द्वारा सबसे ज्यादा की जा रही है?
देखिये, हमारे पास ऐसे-ऐसे जननेता हैं जिनकी लोकप्रियता बहुत ज्यादा है। यही कारण है कि भारी संख्या में जनसभाओं की मांग होती है। लेकिन उनकी उपलब्धता और किसी क्षेत्र में उनके समीकरणों को ध्यान में रखकर जनसभाओं को निश्चित किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो जनसभाओं के जरिये पूरी दिल्ली के साथ-साथ हम लगभग चालीस विधानसभा क्षेत्रों के लोगों को विशेष रूप से संबोधित करने की कोशिश करेंगे। इनके आलावा गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभाओं की खूब मांग हो रही है।
प्रश्न- आपने नेताओं की पूरी फ़ौज उतार दी है? चुनाव पर इसका क्या असर पड़ने वाला है?
मैं बेझिझक कह सकता हूं कि हम यह चुनाव जीत रहे हैं और भारी बहुमत के साथ जीत रहे हैं। जनता अरविंद केजरीवाल के शासन में साफ़ पानी तक के लिए तरस गई है। कोई भी ऐसी दिल्ली नहीं चाहता जहां लोगों को साफ़ पानी और शुद्ध हवा तक नसीब न हो सके।
प्रश्न- अरविंद केजरीवाल सरकार की बिजली-पानी की योजना अभी भी जनता के बीच लोकप्रिय है। आपको क्या लगता है, आपके किन मुद्दों पर जनता आपको समर्थन देगी?
आप जिस पानी की बात कर रहे हैं उसका पर्दाफाश तो कब का हो चुका है। लोगों को साफ़ पानी तक नहीं मिल पा रहा है। दिल्ली को ऐसी झूठी योजनाओं से क्या मिलने की उम्मीद है? जबकि हम बिजली, पानी के साथ-साथ हर बेटी को कॉलेज स्तर पर स्कूटी, नवीन तक में साइकिल, गरीब बेटियों के विवाह के समय 51 हजार रूपये का सामान, बुजुर्गों-दिव्यान्गों को पेंशन और हर गरीब परिवार को दो रूपये किलो आटा देने का संकल्प कर चुके हैं। मुझे लगता है कि इन योजनाओं के साथ-साथ देश की सुरक्षा पर हमारा वायदा जनता को हमसे जोड़ता है और उन्हीं मुद्दों पर जनता हमारा साथ देगी। ये योजनाएं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जनता का विश्वास अरविंद केजरीवाल के हर झूठ पर भारी पड़ेंगी और हम दिल्ली में सरकार बनाएंगे।