फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi: ED files chargesheet in Delhi Jal Board money laundering case

Delhi: ईडी ने दिल्ली जल बोर्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट की दाखिल, इस मामले में हुआ भ्रष्टाचार

Sat, 30 Mar 2024 02:19 PM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Sat, 30 Mar 2024 02:19 PM IST
सार

दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट में पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले में जगदीश अरोड़ा और अनिल अग्रवाल को आरोपी बनाया है। इन दोनों को ईडी पहले ही हिरासत में ले चुकी है।

विज्ञापन
Delhi: ED files chargesheet in Delhi Jal Board money laundering case
दिल्ली जल बोर्ड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 दिल्ली जल बोर्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को आरोप पत्र दायर किया है। यह फ्लो मीटर खरीद की निविदा में कथित भ्रष्टाचार का मामला है। इस मामले भी अरविंद केजरीवाल को समन जारी हो चुका है।
विज्ञापन

 
जानकारी के लिए बता दें कि बीती पांच फरवरी 2024 को दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार डीजेबी के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता जगदीश अरोड़ा और ठेकेदार अनिल अग्रवाल की ईडी हिरासत को बढ़ा दिया था। इस मामले की सुनवाई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई थी।  जगदीश अरोड़ा और अनिल अग्रवाल को दिल्ली जल बोर्ड को इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्लो मीटर की आपूर्ति से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है जल बोर्ड घोटाला
प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया है कि दिल्ली जल बोर्ड का ठेका बढ़ी हुई दरों पर दिया गया। ताकि ठेकेदारों से रिश्वत वसूली जा सके। ठेके का मूल्य 38 करोड़ रुपये था और इस पर सिर्फ 17 करोड़ रुपये खर्च किए गए और शेष राशि गबन कर ली गई। इस तरह के फर्जी खर्च रिश्वत और चुनावी कोष के लिए किए गए थे। कथित तौर पर जल बोर्ड के पूर्व मुख्य अभियंता जगदीश कुमार अरोड़ा ने एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 38 करोड़ रुपये का ठेका दिया था। 

यह ठेका इलेक्ट्रोमेग्नेटिक फ्लो मीटर्स की आपूर्ति, स्थापना और परीक्षण के लिए दिया गया था। इस मामले में आरोप लगाया गया है कि बोर्ड और एनबीसीसी के अधिकारियों ने रिश्वत के लिए एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर का पक्ष लिया। ईडी ने इस मामले में गत 31 जनवरी को जगदीश कुमार अरोड़ा और ठेकेदार अनिल कुमार अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। 


उधर ईडी ने मामले से जुड़ी मनी ट्रेल की जांच करते हुए आरोप लगाया है कि एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर को अनुबंध दिए जाने के बाद अरोड़ा को नकद और बैंक खाते में रिश्वत प्राप्त हुई थी। यह पैसा अलग-अलग पार्टियों को देने का आरोप लगाया गया। वहीं आम आदमी पार्टी को चुनावी फंड के तौर पर भी पैसा दिया गया। बीते दिनों मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक विभव कुमार, आम आदमी पार्टी के कोषाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता और अन्य लोगों के यहां छापेमारी की थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed