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सरकार की जेब भरी, आम लोगों की आय बढ़ी, विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2018-19 पेश

Sat, 23 Feb 2019 10:53 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 23 Feb 2019 10:53 PM IST
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Delhi Economic Survey 2018-19 Presented in Assembly
अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली विधानसभा में शनिवार को दिल्ली का आर्थिक सर्वेक्षण 2018-19 पेश किया गया। सर्वेक्षण में दिल्ली सरकार की जेब भरी है वहीं आम लोगों की आय में भी वृद्धि दर्शाई गई है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति आय वर्तमान मूल्यों पर 1,25,397 रुपये की तुलना में 3,65,529 रुपये पर पहुंचने की संभावना है। उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया की ओर  से पेश सर्वेक्षण में बताया गया कि दिल्लीवालों की आय देशवासियों की तुलना में तीन गुना हो गई है। प्रदेश पर कर्ज का बोझ भी लगातार घट रहा है। कर राजस्व की वार्षिक वृद्धि  दर भी 2016-17 के मुकाबले 2017-18 में 14.70 प्रतिशत बढ़ी है। सत्र 2018-19 के दौरान विकास दर 8.61 प्रतिशत रहने का अनुमान है। 

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सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने सामाजिक क्षेत्र पर सबसे अधिक धन राशि खर्च की है। वित्त वर्ष 2018-19 में कार्यक्रम व परियोजनाओं के लिए कुल आवंटित बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिए 83.60 प्रतिशत बजट आवंटित किया। शिक्षा के क्षेत्र में जहां 27.36 प्रतिशत, वहीं सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के लिए 16.63, चिकित्सा और जन स्वास्थ्य पर 14.61, आवास और शहरी विकासर पर 14.1, परिवहन पर 11.67 और जलापूर्ति व स्वच्छता पर 10.68 प्रतिशत बजट आवंटन किया गया। 
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बढ़ रहे वाहनों के शौकीन
दिल्ली में बेशक पार्किंग की समस्या दिनोदिन बढ़ रही हो, लेकिन वाहनों का शौक कम नहीं हो रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 में 1.03 करोड़ वाहन थे तो 2018 में  बढ़कर 109.86 लाख पहुंच गए। पिछले साल की तुलना में इस प्रकार 5.81 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के अंतर्गत 31 दिसंबर तक  327 किलोमीटर मेट्रो लाइन परिचालित की गई। दिल्ली सड़क सुरक्षा नीति अधिसूचित कर दी गई है। इसमें पैदल व साइकिल चालकों की सड़क दुर्घटनाओं से पूरी तरह सुरक्षा के अलावा सड़क का इस्तेमाल करने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
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दक्षिणी दिल्ली में सबसे ज्यादा हरियाली, पूर्वी दिल्ली में सबसे कम
वन और वृक्षाच्छादित क्षेत्र 2015 में 299.77 वर्ग किलोमीटर था, जो 2017 में बढ़कर 305.41 वर्ग किलोमीटर हो गया है। दिल्ली का हरित क्षेत्र 2015 में करीब 20.2 प्रतिशत था, जो 2017 में बढ़ कर 20.6 प्रतिशत हो गया है। दक्षिण दिल्ली जिले में वन आच्छादित क्षेत्र सबसे ज्यादा 83.35 वर्ग किलोमीटर है। पूर्वी दिल्ली जिले में वन आच्छादित क्षेत्र सबसे कम 3.70 वर्ग किलोमीटर है। सरकार ने व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया। अभियान में 19 हरित एजेंसियों, पर्यावरण क्लबों और निवासी कल्याण संगठनों को शामिल किया गया। पांच लाख पौधे लगाए गए। 2018 तक 13.95 लाख पौधे और 9.24 लाख झाड़ियंा लगाई गईं। पिछली दो कृषि गणनाओं के आधार पर कृषि-जोतों की संख्या 2010-11 में 20497 से बढ़कर 2015-16 में 20675 हो गई थी। 

बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी
दिल्ली सरकार की बिजली बिल में छूट का लाभ यह हुआ है कि बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। दिल्ली में विद्युत आपूर्ति 2014-15 के दौरान 37484 मिलियन यूनिट थी, जो 2017-18 में बढ़ कर 38510 मिलियन यूनिट हो गई। विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या 2017-18 में 57.55 लाख थी। पिछले 10 वर्षों में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या में 71.92 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। बिजली खरीद पिछले दस साल के दौरान 55.38 प्रतिशत बढ़ी है। 

आर्थिक सर्वेक्षण की खास बातें
-2018-19 के दौरान वर्तमान मूल्यों पर दिल्ली के सकल राज्य मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में तृतीयक क्षेत्र का योगदान 84.12 प्रतिशत रहा। इसके बाद माध्यमिक क्षेत्र 14 प्रतिशत और प्राथमिक क्षेत्र 1.88 प्रतिशत है। 
-दिल्ली सरकार ने 2016-17 से 2020-21 की अवधि के लिए 5वें दिल्ली वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू किया है।  
-दिल्ली सरकार ने अधिकृत औद्योगिक क्षेत्रों में मौजूदा प्रदूषण फैलाने वाले ईंधनों के स्थान पर पाइप वाली प्राकृतिक गैस अपनाने वाले उद्योगों को एक लाख रुपये तक का प्रोत्साहन देने और रेस्तराओं को कोयला आधारित तंदूर के स्थान पर विद्युत या गैस आधारित तंदूर लगाने के लिए 5000 रुपये तक सब्सिडी प्रदान करने की नीति बनाई। 
-दिल्ली में चालू फैक्ट्रियों की संख्या 2014 में 8968 थी, जो 2017 में बढ़ कर 9059 हो गईं। इसी तरह, इन फैक्ट्रियों में कार्यरत अनुमानित श्रमिक 2014 में 416927 से बढ़कर 2017 में 420156 हो गए।
-2018 के अंत तक दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर लगभग 83 एफओबी का काम पूरा किया गया। 6 एफओबी के कार्य प्रगति पर हैं। 
-ढिचाउंकलां, बवाना सेक्टर-1, रानीखेडा 1,2,3 और द्वारका सेक्टर 22 में बस डिपो का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। रेवला खानपुर और खडख़ड़ी नाहर में बस डिपो का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।

-डीटीसी की 200 बसों में सीसीटीवी वीडियो निगरानी प्रणाली स्थापित की गई है। सरकार ने सभी डीटीसी और क्लस्टर बसों में सीसीटीवी कैमरा लगाने का फैसला किया है। 2153 मार्शल डीटीसी बसों में तैनात किए गए हैं।
-दिल्ली में स्वास्थ्य पर प्रति व्यक्ति खर्च 2014-15 में 2116 रुपये था जो 2017-18 में बढ़ कर 2493 रुपये हो गया। 

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