दिल्ली पर बाढ़ का खतरा, 27 ट्रेनें रद्द होने के बाद लोहे के पुल से शुरू हुई ट्रेनों की आवाजाही
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दिल्ली में यमुना नदी उफान पर है। निचले इलाकों में पानी भर गया है। नदी खतरे के निशान से फिलहाल .68 मीटर ऊपर बह रही है। दिल्ली सरकार का कहना है कि सोमवार को भी जल स्तर बढ़ेगा। उधर, बाढ़ राहत व बचाव कार्य से जुड़ी सभी एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
एक ओर जहां यमुना का जलस्तर बढ़ने के कारण लोहे के पुल पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। वहीं भारतीय रेल ने भी गंभीर स्थिति देखते हुए और लोहे के पुल के अस्थायी रूप से बंद होने के कारण 27 पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी और 7 ट्रेनों के रूट डायवर्ट कर दिए गए।
हालांकि यमुना के जलस्तर में सुधार होने के बाद रेलवे ने दोबारा से यमुना ब्रिज से ट्रेनों की आवाजाही शुरू कर दी है। उत्तरी रेलवे के सीपीआरओ नितिन चौधरी ने बताया कि यमुना के जलस्तर में सुधार होने के बाद अब दोबारा यमुना ब्रिज पर रेल यातायात सामान्य कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इंजीनियर लगातार ब्रिज की स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
#UPDATE Rail traffic on old Yamuna bridge has been restored as water level of Yamuna is safe enough for passing of trains.Railways engineers are continuously monitoring the site and bridge health: CPRO Northern Railway, Nitin Chowdhary. #Delhi
— ANI (@ANI) July 30, 2018
गौरतलब है कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को निजामुद्दीन इलाके का दौरा कर हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार हर हालत से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। लोहे के पुल पर बने सड़क मार्ग को बंद कर दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि हरियाणा के हथनी कुंड बैराज से रविवार को दिनभर औसतन एक लाख क्यूसेक पानी हर घंटे छोड़ा गया। अभी शुक्रवार व शनिवार को बैराज से छोड़ा गया पानी दिल्ली पहुंच रहा है।
बैराज से छोड़े गए 6 लाख क्यूसेक पानी का असर दोपहर बाद दिखेगा
रविवार सुबह 6 बजे जल स्तर 205.44 था। यह शाम छह बजे तक 205.51 मीटर तक पहुंच गया। यह खतरे के निशान 204.83 मीटर से .68 मीटर ऊपर है। अनुमान है कि सोमवार सुबह 6 बजे जल स्तर 205.65 मीटर तक पहुंचेगा। अधिकारियों की मानें तो सोमवार को भी दिनभर जल स्तर बढ़ने का ट्रेंड रहेगा। बैराज से छोड़े गए 6 लाख क्यूसेक पानी का असर दोपहर बाद दिखेगा।
उधर, जल स्तर बढ़ने के बाद जिला प्रशासन निचले इलाकों को खाली करा रहा है। लगातार लाउडस्पीकर से यमुना खादर को खाली करने की चेतावनी जारी की जा रही है। लोगों को खादर से निकाल यमुना पुश्ते पर बनाए गए राहत कैंप में बसाया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने हालात का जायजा लेने के बाद लोगों से अपील की कि वह राहत कैंप में चलें जाएं।
ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को दूसरे रास्तों से गुजरने की दी सलाह, निचले इलाके खाली कराने के लिए अलर्ट
दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार को ज्यादातर निचले इलाके जलमग्न हो गए। प्रशासन लोगों को यमुना खादर से निकालकर बाढ़ राहत कैंपों में पहुंचा रहा है। जिलाधिकारी समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी नियमित दौरे कर रहे हैं।
जल स्तर बढ़ने से पूर्वी दिल्ली को दिल्ली गेट से जोड़ने वाले लोहे के पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि दोनों तरफ से ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया है। जिलाधिकारी के अगले आदेश तक पुल बंद रहेगा।
दो दिन से यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। 27 जुलाई को जल चेतावनी स्तर पर था। वहीं अगले दिन पानी खतरे के निशान को पार कर गया। दिल्ली सरकार का अनुमान है कि सोमवार को भी पानी का स्तर ऊपर जाएगा। हालात बिगड़ते देख प्रशासन को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया है।
बाढ़ की निगरानी में जुटे अधिकारियों का कहना है कि शनिवार शाम हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए 6 लाख क्यूसेक पानी का असर सोमवार को दिखेगा। इससे इस मौसम में जल स्तर र्स्वाधिक ऊंचे स्तर पर पहुंचने की आशंका है। दूसरी तरफ, जल स्तर बढ़ता देखकर पानी यमुना बैराज के ज्यादातर गेट खोल दिए गए हैं।
रिकॉर्ड बना चुका है जलस्तर
- 1978 में जलस्तर 207.49 मीटर पहुंचा था।
- 1988 में 206.92 मीटर किया गया रिकॉर्ड।
- 1995 में जलस्तर 206.93 मीटर तक पहुंचा।
- 2010 में जलस्तर 207.11 मीटर तक पहुंचा।
- 2013 में जलस्तर 207.32 मीटर तक पहुंचा।