Delhi-NCR में 24 घंटे की हड़ताल: डॉक्टरों का प्रदर्शन..मरीज परेशान, शिवाजी स्टेडियम के पास पुलिस ने रोका
Delhi Doctors Strike: दिल्ली के अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। आज लेडी हार्डिंग से जंतर-मंतर तक रैली निकाली जानी थी, लेकिन पुलिस ने सभी डॉक्टरों को शिवाजी स्टेडियम के पास ही रोक लिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में हुई डॉक्टर की हत्या के विरोध में दिल्ली में डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। एम्स ने मरीजों की सुविधा के लिए इमरजेंसी को बाधित न करने का फैसला लिया है। एम्स की इमरजेंसी में रोज 800 से ज्यादा मरीज आते हैं। इसमें ज्यादातर काफी गंभीर होते हैं। आज सुबह 6 बजे से 24 घंटे की हड़ताल शुरू हो गई है। निजी अस्पताल के आपातकालीन में सुविधा मिल रही है। वार्ड में भी सुविधा मिल रही है लेकिन डॉक्टरों ने काली पट्टी बांध रखी है।
दिल्ली के इन अस्पतालों में प्रदर्शन जारी, मरीज परेशान
दिल्ली में हॉक्टरों ने मोर्चा खोल दिया है। जनकपुरी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में इलाज के लिए आ रहे मरीज परेशान हो रहे हैं। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इस दौरान सीनियर फैकेल्टी ने प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों को संबोधित किया और ममता बनर्जी जमकर निशाना साधा।
वहीं पश्चिमी दिल्ली के सबसे बड़े दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भी इमरजेंसी चालू है। मरीज को सुविधा मिल रही है। उत्तर पूर्वी दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में डाक्टरों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसके अलावा दिल्ली एम्स में रेजिडेंस डॉक्टर, नर्स और टेक्निकल स्टाफ भी प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं। इसके अलावा निजी अस्पताल में भी हड़ताल चालू है।
Delhi | RG Kar Medical College rape-murder case | Resident Doctors' Association UCMS (University College of Medical Sciences) and GTBH (Guru Teg Bahadur Hospital) will continue their strike today. They will have a General body meeting at 9.30 am.
As part of the strike, OPD… pic.twitter.com/IdzxgDKj79 — ANI (@ANI) August 17, 2024
गाजियाबाद में भी प्रदर्शन
दिल्ली से सटे गाजियाबाद के कौशांबी में यशोदा अस्पताल में डॉक्टरों का प्रदर्शन हो रहा है। डॉक्टर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन का बयान
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुनील सिंघल ने कहा कि मेडिकल प्रोटेक्शन लॉ अभी भी है। लेकिन इसका प्रभावी ढंग से इस्तेमाल नहीं होता। स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए एक यूनिफॉर्म कानून चाहिए। केंद्रीय स्तर पर कानून बनने से एकरूपता आएगी। अस्पताल में काम करने के लिए सुरक्षित माहौल देना ही हमारी पहली मांग हैं।
आगे कहा कि कोलकाता में डॉक्टर के साथ जो हुआ उसे एक व्यक्ति नहीं कर सकता। उसके साथ जो बर्बरता हुई उसे बताया नहीं जा सकता। कोलकाता में अपराधी को बचाने की कोशिश की जा रही है। हम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मांग करते हैं कि आरोपी को गिरफ्तार किया जाए। सभी दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
यह हड़ताल हमारी सांकेतिक है। इस दौरान हम डेंगू, मलेरिया सहित इमरजेंसी के मरीजों को इलाज दे रहे हैं। आगे हमारी हड़ताल होगी या नहीं यह आने वाले घंटो में पता चलेगा। फिलहाल, 24 घंटे की हमारी सांकेतिक हड़ताल है।
यूसीएमएस और जीटीबीएच में हड़ताल
वहीं दूसरी तरफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन यूसीएमएस (यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज) और जीटीबीएच (गुरु तेग बहादुर अस्पताल) आज अपनी हड़ताल जारी रखेंगे। सुबह 9.30 बजे उनकी आम सभा होगी।
बीते शुक्रवार को एम्स, सफदरजंग, लेडी हार्डिंग, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेस, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज सहित दूसरे मेडिकल कॉलेजों के हजारों छात्रों ने निर्माण भवन का घेराव किया। देर शाम तक डॉक्टर निर्माण भवन पर बैठकर प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश भी की, लेकिन डॉक्टर अपनी जगह से नहीं हटे। वहीं, देर शाम डॉक्टरों ने सफदरजंग अस्पताल से इंडिया गेट तक कैंडल मार्च निकाला। इसके अलावा अलग-अलग कॉलेज व अस्पतालों में डॉक्टरों ने अपने स्तर पर प्रदर्शन किया।
प्राइवेट अस्पताल में हड़ताल में शामिल, 24 घंटे काम बंद
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की देशव्यापी हड़ताल के तहत दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने शनिवार को आपातकालीन सेवाएं भी बंद करने का फैसला किया है। 24 घंटे चलने वाली इस हड़ताल में निजी अस्पताल भी शामिल रहेंगे। फैसला लिया गया है कि सुबह 6 बजे से रविवार सुबह 6 बजे तक दिल्ली के सभी क्लिनिक, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर पूरी तरह से बंद रहेंगे। आपातकालीन सेवाओं को भी बंद रखा जाएगा।
आज जंतर-मंतर तक रैली निकालेंगे
न्याय की मांग को लेकर शनिवार को डॉक्टर लेडी हार्डिंग से जंतर-मंतर तक रैली निकालेंगे। साथ ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन भी करेंगे।
फैकल्टी के साथ नर्सिंग स्टाफ ने भी किया प्रदर्शन
डॉक्टरों की मांग का समर्थन करते हुए फैकल्टी ने भी सुरक्षा के लिए जल्द ठोस कानून बनाने की मांग की है। सफदरजंग अस्पताल की फैकल्टी ने मांग रखी है कि जल्द से जल्द ठोस कानून बनना चाहिए। यदि डॉक्टर ही हिंसा का शिकार होते रहेंगे तो वह मरीजों का इलाज कैसे करेंगे। अक्सर डॉक्टरों से मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं। ऐसी स्थिति में काम करना मुश्किल हो जाएगा।
वहीं डॉक्टरों के समर्थन में शुक्रवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ ने भी प्रदर्शन किया। उधर, एम्स की फैक्ल्टी ने शुक्रवार को आपात बैठक कर सभी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं देने का फैसला लिया। उन्होंने एम्स के निदेशक को इस बारे में पत्र लिखकर कहा है कि शनिवार को ओटी, ओपीडी समेत दूसरी सुविधाएं नहीं देंगे।
एम्स में आज होगी बैठक
महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए शनिवार को एम्स के सर्जरी विभाग में समिति की बैठक होगी। बैठक में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर चर्चा होगी। साथ ही लूज प्वाइंट पर चर्चा होगी। साथ ही उसे दूर करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
मेडिकल क\लेज की स्वास्थ्य सेवाएं हुई ठप
झांसी में भी डॉक्टरो की हड़ताल से मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाएं शनिवार को पूरी तरह से चरमरा गई। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने पर्चा बनाने की विंडो बंद करा दी है। वहीं दूसरी तरफ ओपीडी में कहीं सीनियर डॉक्टर मरीज का इंतजार कर रहे हैं तो कहीं इंतजार करते-करते सीनियर डॉक्टर जा चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में रोगियों की जांच भी बंद हो गई है। अल्ट्रासाउंड, एक्सरे भी नहीं हो रहे हैं।
वहीं, दूसरी तरफ उपचार के लिए आए मरीज पर्चा नहीं बनने से बेहाल है। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और आईएमए के डॉक्टर गेट नंबर-2 के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे हैं। झांसी के वरिष्ठ फिजिशियन डॉक्टर डीएन मिश्रा गेट बंद करके चल गए थे। ओपीडी आईएमए अध्यक्ष और सचिव से काफी देर तक कहासुनी हुई।
शिवाजी स्टेडियम के पास प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर
दिल्ली के लगभग सभी अस्पतालों के डॉक्टर शिवाजी स्टेडियम के पास प्रदर्शन कर रहे हैं। इन्हें लेडी हार्डिंग अस्पताल से जंतर मंतर तक प्रदर्शन मार्च करना था, लेकिन शिवाजी स्टेडियम पर ही इन्हें पुलिस द्वारा रोक लिया गया है।