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दिल्ली: दो माह आईसीयू में जंग लड़ने के बाद डॉक्टर की कोरोना से मौत
Sat, 19 Jun 2021 06:25 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sat, 19 Jun 2021 06:25 PM IST
सार
- सफदरजंग अस्पताल के डॉ. रमेश कुमार ने तोड़ा दम
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corona patient
- फोटो : istock
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विस्तार
दो माह तक आईसीयू में कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे सफदरजंग अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर रमेश कुमार की आखिरकार मौत हो गई। शुक्रवार देर शाम डॉ. रमेश कुमार ने दम तोड़ दिया। हड्डी रोग विशेषज्ञता को लेकर देश के जाने माने डॉक्टरों में से एक रमेश कुमार केंद्रीय हड्डी रोग संस्थान (सीआईओ) के प्रमुख भी रहे।
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रीढ़ की हड्डी से जुड़ी विशेषज्ञ प्राप्त डॉ. रमेश कुमार ने 39 साल में हजारों सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को नया जीवन दिया। उनके नाम 100 से भी अधिक शोध प्रकाशित हो चुके हैं। साल 2016 में धापू देवी नाम की 108 वर्षीय महिला को डॉ. रमेश कुमार की बदौलत ही चलना नसीब हुआ था, क्योंकि कूल्हे में समस्या होने के चलते यह महिला लंबे समय से बिस्तर पर थीं।
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डॉ. रमेश कुमार दो महीने पहले कोरोना वायरस से संक्त्रस्मित हुए थे। अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि करीब दो सप्ताह से डॉ. रमेश कुमार की हालत बिगड़ रही थी। काफी प्रयास के बावजूद उन्हें बचाने में कामयाब नहीं रहे। वहीं डॉ. रमेश कुमार की मौत की सूचना से हर कोई स्तब्ध रह गया। अस्पताल के डॉक्टरों को जब इस सूचना पर यकीन नहीं हुआ तो प्रबंधन के जरिए वॉट्सग्रुप पर इसकी पुष्टि की है। इस दौरान अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने भी गहरा शोक व्यक्त किया।
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