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सेना इन पर सर्जिकल स्ट्राइक नहीं कर सकती, ये काम शिक्षकों को करना पड़ेगा- मनीष सिसोदिया
Fri, 21 Jun 2019 08:40 AM IST
Abhishek Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Fri, 21 Jun 2019 08:40 AM IST
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मनीष सिसोदिया
- फोटो : PTI
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समाज में भूखमरी, बेरोजगारी, अशिक्षा, हिंसा और नफरत से शिक्षा के माध्यम से लड़ने की जरूरत है। दिल्ली सरकार के शिक्षक इन बीमारियों पर सर्जिकल स्ट्राइक करने के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उक्त बातें विज्ञान भवन में आयोजित स्कूल प्रिंसिपल के तीन दिवसीय प्रशासनिक क्षमता निर्माण कार्यक्रम के अवसर पर कहीं। इस कार्यक्रम में दिल्ली के सरकारी स्कूलों के सभी प्रिंसिपल भाग ले रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में हम सुर्खियां पढ़ते हैं जो हमें दुखी करती हैं। सेना इन पर सर्जिकल स्ट्राइक नहीं कर सकती, यह काम शिक्षकों को करना पड़ेगा। इस अवसर पर उन्होंने सरकार की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उपमुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिल्ली सरकार के बजट में घोषित किए गए प्रति स्कूल एक से डेढ़ लाख रुपये के टीचर्स इनोवेशन फंड के लिए सर्कुलर जारी करने को कहा है।
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एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली सरकार को सेवा विभाग का अधिकार दिया जाता है तो सभी योग्य वाइस प्रिंसिपल को प्रिंसिपल के रूप में पदोन्नत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में 9वीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए इतने बड़े पैमाने पर ऐसा कोई प्रोजेक्ट नहीं चलाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य है कि हमारे बच्चे नौकरियों के पीछे न भागें, नौकरियां हमारे बच्चों के पीछे-पीछे आएं। चार साल बाद अगर हमारे बच्चे नौकरियों के पीछे भाग रहे होंगे तो समझ लीजिए कि हम अपने मकसद में फेल हो गए।
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