स्कूल खोलने के लिए कोरोना के पूरी तरह खत्म होने का नहीं कर सकते इंतजारः मनीष सिसोदिया
- नौवीं और ग्यारहवीं के छात्रों का स्वागत करने स्वयं स्कूल पहुंचे शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया
- मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा- बच्चों के स्कूलों में पहुंचने से आई खुशहाली
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कोरोना काल में लंबे समय तक स्कूल बंदी के बाद पहली बार नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा के छात्र आज स्कूल पहुंचे। शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने स्वयं स्कूल पहुंचकर छात्रों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों को खोलने के लिए देश से कोरोना महामारी के पूरी तरह खत्म होने का इंतजार नहीं किया जा सकता। हमें कोरोना संक्रमण के प्रति पूरी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। इसके बारे में शिक्षकों और छात्रों दोनों को संवेदनशील बनाया जाएगा। इसके पहले दसवीं और बारहवीं कक्षा के छात्रों की शिक्षा फिजिकल माध्यम से देने की शुरुआत की जा चुकी है। इसका छात्रों और अभिभावकों पर सकारात्मक असर देखते हुए ही नौवीं और ग्यारहवीं के छात्रों के लिए भी स्कूलों को खोलने का निर्णय किया गया है।
उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि महामारी के बाद अब लोगों की जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। लोगों का कामकाज और अन्य दैनिक गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की तरफ लौट रही हैं। ऐसे में अब बच्चों को भी घरों में कैद नहीं रखा जा सकता। उन्हें भी स्कूलों में आकर अपने शिक्षकों के माध्यम से अपने विकास का रास्ता तय करना चाहिए।
ऑनलाइन चलती रही थी पढ़ाई
कोरोना काल में स्कूलों के बंद रहने के बाद भी बच्चों की शिक्षा जारी रखने का प्रयास किया गया। बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से कोर्स कवर कराया गया और सिलेबस को परिवर्तित कर छात्रों के सिर से परीक्षा का तनाव कम करने का प्रयास किया गया। इसका अच्छा असर होने के बाद भी स्कूलों के माध्यम से दी जाने वाली शिक्षा की भारी कमी महसूस की जा रही थी। इसे देखते हुए कोरोना के काबू में आने के बाद अब स्कूलों को खोलने का काम किया गया है।
केजरीवाल ने किया स्वागत
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी स्कूलों को खोलने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि बच्चों के बिना दिल्ली की जिंदगी बेरंग हो गई थी। लेकिन अब बच्चों के स्कूलों में लौटने के साथ ही खुशी का माहौल लौट आया है। उन्होंने कोरोना संक्रमण के प्रति बच्चों को सतर्क रहने के साथ आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने बच्चों के बेहतर भविष्य की कामना की।
अब राजधानी में क्या है कोरोना की स्थिति
देश के साथ-साथ राजधानी दिल्ली में भी कोरोना की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है। राजधानी में रोजाना कोरोना के नए मामलों की संख्या 150-200 के आसपास आ गई है, जबकि इससे होने वाली मौतों की संख्या दस से भी कम तक रह रही है। इससे कोरोना संक्रमण की स्थिति कंट्रोल होने का संकेत मिल रहा है। गुरुवार को दिल्ली में कोरोना के केवल 158 मामले सामने आए जबकि केवल सात लोगों की कोरोना के कारण जान गई।