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Delhi : मेधा पाटकर के खिलाफ सजा पर फैसला सुरक्षित, मानहानि मामला में अदालत एक जुलाई को सुनाएगी निर्णय
Sat, 08 Jun 2024 01:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 08 Jun 2024 01:58 AM IST
सार
अदालत ने शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर के खिलाफ दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना की ओर से दर्ज कराए गए मानहानि मामले में सजा की अवधि पर अपना फैसला एक जुलाई तक के लिए सुरक्षित रख लिया।
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अदालत (सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अदालत ने शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर के खिलाफ दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना की ओर से दर्ज कराए गए मानहानि मामले में सजा की अवधि पर अपना फैसला एक जुलाई तक के लिए सुरक्षित रख लिया। यह मामला तब दर्ज किया गया था जब वे गुजरात में एक एनजीओ के प्रमुख थे।
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मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट राघव शर्मा ने दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के पीड़ित प्रभाव रिपोर्ट (वीआईआर) के बाद फैसला सुरक्षित रखा है।पीड़ित को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए आरोपी की दोषसिद्धि के बाद रिपोर्ट तैयार की जाती है। इस अपराध के लिए अधिकतम दो साल तक की साधारण कैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
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इससे पहले 24 मई को अदालत ने कहा था कि पाटकर द्वारा सक्सेना को कायर कहने और हवाला लेनदेन में उनकी संलिप्तता का आरोप लगाने वाले बयान न केवल अपने आप में मानहानिकारक थे, बल्कि उनके बारे में नकारात्मक धारणाओं को भड़काने के लिए गढ़े गए थे।
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