{"_id":"6173ebfe48796468ec291508","slug":"delhi-dangerous-disease-was-diagnosed-by-gangaram","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: खाने की नली से जुड़ी दुर्लभ बीमारी का डॉक्टरों ने निकाला नया उपचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: खाने की नली से जुड़ी दुर्लभ बीमारी का डॉक्टरों ने निकाला नया उपचार
Sat, 23 Oct 2021 04:33 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sat, 23 Oct 2021 04:33 PM IST
सार
पांच साल में गंगाराम ने तलाश लिया नया इलाज। अभी तक 375 मरीजों को इसका लाभ मिल चुका है।
विज्ञापन
गंगाराम अस्पताल, दिल्ली
- फोटो : Social media
विस्तार
दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल ने पांच साल में नया इलाज तलाश लिया है। इस दौरान 375 मरीजों पर ऑपरेशन के दौरान परीक्षण करने के बाद डॉक्टरों ने इसकी सफलता के बारे में अब जानकारी दी है। शुक्रवार को अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. अनिल अरोड़ा ने बताया कि खाने की नली से जुड़ी दुर्लभ बीमारी से जुड़ा यह इलाज है।
विज्ञापन
एंडस्कोपी के जरिए यह इलाज अब संभव
इस बीमारी को ‘एकलेशिया कार्डिया’ के नाम से जानते हैं। इसके लिए नवीन तकनीक ओरल इंडोस्कॉपिक माइटोमी (पीओईएम) का इस्तेमाल किया गया। एंडस्कोपी के जरिए यह इलाज अब संभव हो पाया है। अस्पताल ने दावा किया कि उत्तर भारत में पीओईएम तकनीक से ऑपरेशन करने के मामले में संस्थान आगे है और बीते पांच साल में यहां के डॉक्टरों ने करीब 375 पीओईएम ऑपरेशन किए हैं। डॉक्टरों ने बताया कि यह ऑपरेशन कराने वाले मरीजों की उम्र 14 से 90 साल के बीच थी और इनमें से 43 प्रतिशत महिलाएं व 57 प्रतिशत पुरुष थे।
विज्ञापन
खाना अंदर ले जाने में दिक्कत होती है
एकलेशिया कार्डिया बीमारी से खाने की नली प्रभावित होती है, जिसमें मरीज को खाना निगलने में परेशानी होती है। चूंकि, आहार नलिका भोजन को अंदर ले जाने जैसा महत्वपूर्ण कार्य करती है। ऐसे में मरीजों को जब खाना अंदर ले जाने में दिक्कत होती है तो धीरे-धीरे उल्टी और फिर सीने में दर्द होता है। वजन घटने के साथ साथ अन्य तरह की बीमारियां भी होने लगती हैं।
विज्ञापन
एक लाख व्यक्तियों में से किसी एक को यह बीमारी
एक अनुमान के तहत एक लाख व्यक्तियों में से किसी एक को यह बीमारी होती है। अभी तक इस बीमारी के कई उपचार मौजूद हैं, लेकिन अब पीओईएम तकनीक भी इसमें शामिल हो चुका है, जिसकी खोज गंगाराम अस्पताल ने की है। इस तकनीक से ऑपरेशन प्रक्रिया में करीब एक से डेढ़ घंटे का वक्त लगता है और मरीज को अधिक एनेस्थीसिया देने की जरूरत भी नहीं पड़ती है।
दर्द रहित और आरामदायक प्रक्रिया
यह दर्द रहित और आरामदायक प्रक्रिया है। इसके चलते अधिकांश मरीज अगले ही दिन से भोजन फिर से शुरू करने में सक्षम होते हैं और 48 घंटों के भीतर उन्हें छुट्टी दे दी जाती है। हाई रेज्यूलेशन एसोफैगल मैनोमेट्री और हाई डेफिनिशन एंडोस्कोप जैसी अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक प्रक्रियाओं के जरिए यह संभव हो पाया है।