पैरोल पर जेल से बाहर आए बदमाश की गोलियां बरसाकर हत्या, चार गिरफ्तार
- सोनिया विहार में भाई के सामने ही मारी नौ गोलियां, मई माह में पैरोल से आया था मृतक, 31 अगस्त को करना था जेल में सरेंडर
- पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर चार आरोपियों को दबोचा, मामले की छानबीन जारी, आपसी रंजिश में दिया गया वारदात को अंजाम
विस्तार
दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में जेल से पैरोल पर बाहर आए एक बदमाश की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। मृतक की शिनाख्त दिनेश भाटी उर्फ दिन्ना (30) के रूप में हुई है। वारदात से पूर्व बदमाशों ने दिनेश को बुरी तरह पीटा।
बाद में उसे नौ गोलियां मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस ने आकाश (27), अजय (26), आरूष (27) और विकास कुमार (22) के रूप में हुई है। जिला पुलिस उपायुक्त वेद प्रकाश सूर्या ने बताया दिनेश सोनिया विहार थाने का बीसी (घोषित बदमाश) था।
उसके खिलाफ 22 अपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ भी कई अपराधिक मामले दर्ज हैं। अभी तक की जांच में पता चला है कि आरोपियों ने आपसी रंजिश में वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक, दिनेश परिवार के साथ गली नंबर-8, सोनिया विहार में रहता था। इसके परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई नरेश और विकास भाटी उर्फ विकास है। दिनेश को एक मामले में 2015 में सात साल की सजा हो गई थी।
फिलहाल वह जेल में सजा काट रहा था। मई माह में वह पैरोल पर बाहर आया था। इसके बाद लगातार पैरोल बढ़वाकर परिवार के साथ मौजूद था। 31 अगस्त को उसे जेल में सरेंडर करना था। पुलिस को दिनेश के भाई विकास ने बताया कि शनिवार रात वह अपने दोस्त सोनू के साथ घर पास ही चाउमिन खा रहा था।
इस बीच आकाश, अजय, आरूष और विकास कुमार व कुछ अन्य युवकों ने उसके भाई दिनेश को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। विकास भाटी भाई की मदद को भागा तो आरोपियों ने उसे पकड़ लिया।
इस बीच आरोप है कि आकाश ने पिस्टल निकालकर बेहद नजदीक से दिनेश को नौ गोलियां मार दी। बाद में सभी फरार हो गए। विकास दिनेश को नजदीकी अस्पताल ले गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस को विकास ने बताया कि चारों आररपी उसके भाई के पहले कभी दोस्त थे। करीब छह साल पूर्व किसी बात पर दिनेश और आकाश का झगड़ा हो गया। दिनेश ने आकाश के चेहरे पर ब्लेड मारकर उसका चेहरा खराब दिया। इसका बदला लेने के लिए आकाश मौका ढूंढ रहा था। लेकिन दिनेश जेल चला गया था।
अब मौका मिलते ही आकाश ने अदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिया। विकास ने आरोप लगाया कि भीड़ के सामने ही उसके भाई की हत्या कर दी गई, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। पुलिस ने मामला दर्ज कर चारों आरोपी आकाश, अजय, आरूष और विकास को गिरफ्तार कर लिया है।