पुलिस को कॉल कर बोला युवक: 'साहब...मैंने पत्नी-बेटे का गला रेत दिया, क्या करूं', खून से लथपड़ पड़े थे शव
आरोपी ने बताया कि उसे अपनी पत्नी अंजलि के चरित्र पर शक था, इसलिए उसने उसकी हत्या कर दी। वह अपने छोटे बेटे को अपना बेटा नहीं मानता था। झगड़ा होने पर वह अकसर अंजलि को कहता था कि छोटा बच्चा उसका बच्चा नहीं है। आरोपी बृजेश ने जब अपनी पत्नी और बेटे की हत्या की, उस दौरान उसका चार साल का बेटा उसी कमरे में मौजूद था।
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दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम में शुक्रवार देर रात तीन बजे एक युवक ने फोन किया। फोन पर उसकी बातों को सुनकर पुलिसकर्मी दंग रह गए। क्योंकि फोन करने वाले ने बताया कि उसने अपनी पत्नी और बेटे की हत्या कर दी है। घटना शकूर पुर इलाके की थी। सुभाष प्लेस की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। बिस्तर पर एक महिला और डेढ़ साल के बच्चे का शव पड़ा था।
आरोपी ने दोनों के गले को सब्जी काटने वाले चाकू से रेत दिया था। पास ही युवक नशे में धुत बैठा हुआ था। पुलिस ने छानबीन करने के बाद मां-बेटे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था, इसलिए उसने उसकी हत्या कर दी। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर जांच कर रही है।
मरने वाली महिला की पहचान अंजलि (24) और बेटे ऋतिक के रूप में हुई। अंजलि अपने पति बृजेश और चार और डेढ़ साल के दो बेटों के साथ शकूरपुर इलाके में रहती थी। मूलत: गांव धरमज्ञानी औरेया यूपी निवासी बृजेश इलाके में एक फैक्टरी में बल्ब का होल्डर का पैकिंग करने का काम करता था।
शुक्रवार देर रात तीन बजे बृजेश ने पुलिस को फोन कर बताया कि उसने अपनी पत्नी और बच्चे की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही सुभाष प्लेस थाना प्रभारी राजेश कुमार पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। बृजेश पत्नी और बच्चे के शव के पास बैठा था। पास ही खून से सना चाकू पड़ा था। पुलिस कर्मियों ने देखा कि आरोपी ने पत्नी और बेटे के गर्दन को चाकू से रेता था। पुलिस ने बृजेश को गिरफ्तार कर लिया और छानबीन करने के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
छानबीन के बाद पुलिस अधिकारी ने बताया कि अंजलि की साल 2016 में बृजेश से शादी हुई थी। उसके बाद वह दिल्ली आकर काम करने लगा। वह एक फैक्टरी में पैकिंग का काम करता था। पुलिस ने बताया कि वह नशे का आदी है। पूछताछ में उसने बताया कि उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। उसके लगता था कि उसकी पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति से संबंध हैं। इस बात को लेकर उसकी पत्नी से अकसर झगड़ा होता था। शुक्रवार रात भी वह शराब के नशे में घर आया और पत्नी के साथ झगड़ा करने लगा। कहासुनी होने पर उसने पत्नी और बेटे की गला रेतकर हत्या कर दी। उसके काफी देर बाद उसने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
करीब चार घंटे तक पत्नी और बच्चे के पास ही बैठा रहा आरोपी
शुरूआती जांच में पता चला है कि आरोपी ने रात में घर आने के बाद खाना खाया। उसके बाद उसकी अपनी पत्नी से कहासुनी होने लगी। कहासुनी के दौरान उसने पत्नी की पिटाई कर दी। उस दौरान उसका डेढ़ साल का बेटा रोने लगा। उसने बेटे को थप्पड़ मार दिया। जिससे वह जोर-जोर से रोने लगा। इसकी वजह से पत्नी उससे बहस करने लगी। तभी करीब साढ़े 11 बजे उसने अपनी पत्नी और बेटे की चाकू से गला रेत दिया। हत्या करने के बाद वह करीब चार घंटे तक पत्नी और बेटे के शव के पास बैठा रहा। इस दौरान उसने पत्नी के चेहरे को हिला कर भी देखा कि वह जिंदा है या मर गई। धीरे-धीरे नशा उतरने पर उसे अपने किए पर पछतावा होने लगा। वह कुछ देर पत्नी और बेटे के शव को देखकर रोने भी लगा। रात करीब तीन बजे उसे लगा कि उससे गलती हो गई है। उसके बाद उसने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
हत्या के दौरान वहीं मौजूद था आरोपी का चार साल का बेटा
बृजेश ने जब अपनी पत्नी और बेटे की हत्या की, उस दौरान उसका चार साल का बेटा उसी कमरे में मौजूद था। जिसने अपने पिता को मां से झगड़ा करते और मां और छोटे भाई की हत्या करते हुए देखा। मां और भाई पर हमला करते देख वह रोने लगा था, जिसे आरोपी ने डांट कर चुप करवा दिया। उसके बाद वह बिस्तर पर लेटकर कुछ देर अपनी मृत मां और भाई को देखता रहा और फिर उसे नींद आ गई। देर रात तीन बजे जब पुलिस के घर आने पर उसकी नींद खुली।
डेढ़ साल के बेटे को अपना नहीं मानता था आरोपी
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी को काफी दिन से अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। वह अपने छोटे बेटे को अपना बेटा नहीं मानता था। झगड़ा होने पर वह अकसर अंजलि को कहता था कि छोटा बच्चा उसका बच्चा नहीं है। जब भी उसकी पत्नी से झगड़ा होता था तब वह अपने छोटे बच्चे को भी मारने की कोशिश करता था। लेकिन अंजलि उसे बचा लेती थी।
आए दिन होता था दंपति के बीच झगड़ा
बृजेश के पड़ोसियों ने बताया कि दंपति के बीच आए दिन झगड़ा होता था। रात में शराब के नशे में घर पहुंचने के बाद आरोपी पत्नी से झगड़ा करने लगता था। लोगों ने बताया कि रात दस बजे वह झगड़ा शुरू कर देता था। कई बार पड़ोसियों को झगड़ा रोकने के लिए कहना पड़ता था। कई बार अंजलि झगड़े के दौरान कमरे से बाहर निकल जाती थी। झगड़ा करने के दौरान आरोपी जिस तरह से व्यवहार करता था इससे अंजलि को लगता था कि उसका पति कभी भी उसकी और बेटे की हत्या कर सकता है। लेकिन उसने कभी भी पुलिस से इसकी शिकायत नहीं की थी।