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छह साल बाद इतना 'जहरीला' रहा 22 अक्तूबर: पूरे हफ्ते बेहद खराब श्रेणी में रहेगी दिल्ली की हवा; AQI पहुंचा 313

Sun, 22 Oct 2023 08:25 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 22 Oct 2023 08:25 PM IST
सार

Delhi Air Pollution: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक रविवार को यानि 22 अक्तूबर के दिन हवा छह वर्ष बाद बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। जहां रविवार को दिल्ली का एक्यूआई 313 दर्ज किया गया।

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Delhi covered in smog after six years the air reached very poor category on October 22
स्मॉग की चादर में लिपटी दिल्ली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में रविवार को हवा खराब श्रेणी से निकलकर बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। वायु गुणवत्ता बीते छह वर्ष में 22 अक्तूबर के दिन सबसे प्रदूषित रहा। जहां दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 313 दर्ज किया गया। यह बेहद खराब श्रेणी है। सुबह से ही स्मॉग देखने को मिला, जोकि धूप निकलने के बावजूद भी नहीं हटा। वहीं, 28 इलाकों में हवा बेहद खराब दर्ज की गई, तो नौ इलाकों में हवा खराब रही। 

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शनिवार के मुकाबले के वायु सूचकांक में 55 अंक की वृद्धि देखी गई। सर्वाधिक वायु सूचकांक नेहरू नगर में दर्ज किया गया और सबसे कम सूचकांक डीटीयू का रहा। वहीं, एनसीआर में ग्रेटर नोएडा में हवा सबसे खराब रही। दिल्ली की हवा समग्र रूप से हवा बेहद खराब दर्ज की गई। कमोबेश यही स्थिति पूरे सप्ताह बनी रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों के अनुसार हवा की दिशा व गति बदलने से स्मॉग छा रहा है। वहीं, पराली का धुआं अब और परेशान करेगा। बता दें दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का दूसरा चरण लागू है।

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छह वर्ष बाद दिल्ली का एक्यूआई 22 अक्तूबर को रहा बेहद खराब
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक रविवार को यानि 22 अक्तूबर के दिन हवा छह वर्ष बाद बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। जहां रविवार को दिल्ली का एक्यूआई 313 दर्ज किया गया। इससे पहले वर्ष 2017 में 329 किया गया था दर्ज, जोकि बेहद खराब श्रेणी में था। वहीं, वर्ष 2022 में 22 अक्तूबर को एक्यूआई 265 दर्ज किया गया था। इसी तरह वर्ष 2021 में 170, 2020 में 296, 2019 में 207, 2018 में 272 एक्यूआई दर्ज किया गया था।

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सप्ताह भर हवा रहेगी बेहद खराब खराब श्रेणी में
सतह पर चलने वाली हवा के तकरीबन शांत पड़ने से सुबह ज्यादातर इलाकों में स्मॉग की घनी चादर पसरी रही। इससे प्रदूषक कण दिल्ली के वातावरण में टिक गए। इनका दूर-दूर तक फैलना संभव नहीं हो सका। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक रविवार को हवा उत्तर-पूर्वी दिशा की ओर से चली। इस दौरान हवा की गति चार से 12 किलोमीटर प्रतिघंटे से रही। 

सोमवार को हवा उत्तर-पूर्वी दिशा से चलने का अनुमान है। हवा की गति चार से आठ किलोमीटर प्रतिघंटे से चलेगी। वहीं, सुबह के समय धुंध छाए रहने का भी अनुमान है। इस दौरान हवा बेहद खराब श्रेणी में रहने का अनुमान है। वहीं, मंगलवार को भी हवा उत्तर-पूर्वी दिशा की ओर से चलेगी। हवा की चाल चार से आठ किलोमीटर प्रतिघंटे रहने का अनुमान है। सफर इंडिया के मुताबिक शनिवार को दिल्ली में पीएम 2.5 की मात्रा लगभग 128 दर्ज की गई, जोकि खराब श्रेणी में है। वहीं, पीएम 10 की मात्रा करीब 253 दर्ज की गई।

नेहरु नगर में सबसे अधिक हवा प्रदूषित
सीपीसीबी के मुताबिक दिल्ली के 28 इलाकों में बेहद खराब में हवा दर्ज की गई। इनमें नेहरू नगर में सर्वाधिक वायु सूचकांक रहा, यहां एक्यूआई 384 था। न्यू मोती बाग व ओखला फेज-दो में एक्यूआई 377, शादीपुर में 375, मुंडका में 358, जहांगीरपुरी में 338, पंजाबी बाग में 349, आईटीओ में 324, द्वारका सेक्टर आठ में 336, बवाना में 328, वजीरपुर में 354 दर्ज किया गया। वहीं, बुराड़ी क्रॉसिंग में 294, डीटीयू में 219, दिलशाद गार्डन में 283, एनएसआईटी द्वारका में 275 समेत 9 इलाकों में हवा खराब रही।

ग्रेटर नोएडा में सबसे प्रदूषित रही हवा
सीपीसीबी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में ग्रेटर नोएडा का सबसे अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया गया। यहां एक्यूआई 354 रहा, जोकि बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, फरीदाबाद में 322, दिल्ली में 313, नोएडा में 304, गाजियाबाद में 246 व गुरुग्रा में 255 एक्यूआई दर्ज किया गया।

बस व मेट्रो के बढ़ाए गए फेरे
ग्रेप के दूसरे चरण के लागू होने के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) और दिल्ली परिवहन विभाग (डीटीसी) बसों के फेरे बढ़ाने का फैसला लिया है। डीएमआरसी के मुताबिक उन्होंने नियम को देखते हुए मेट्रो की लाइन में दो-दो फेरे बढ़ाने का फैसला लिया है। वहीं, डीटीसी ने बताया कि उन्होंने जहां सबसे अधिक भीड़-भाड़ रहती है उन रूट पर बसों के रूट बढ़ाए गए हैं।

पाबंदियां
स्टेज-1 (एक्यूआई 201 से 300 के बीच)
-सड़कों का नियमित तौर पर पानी का छिड़काव।
-निर्माणाधीन स्थलों पर एंटी स्मॉग गन।
-निर्माणधीन स्थल व निर्माण सामग्री व उसको ले जाने वाले वाहनों को ढंकना अनिवार्य।
-आवाजाही सामान्य रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस की जाम प्वाइंट पर तैनाती।
-जनरेटर चलाने पर बंदिश।
-पीयूसी नियमों का सख्ती से पालन।

स्टेज-2 (एक्यूआई 301 से 400)
-इमरजेंसी सेवाओं के अलावा डीजल जनरेटरों पर बैन
-होटल, रेस्तरां, भोजनालयों व ढाबों के तंदूर में लकड़ी व कोयले का इस्तेमाल बंद
-पार्किंग फीस को बढ़ाया जाएगा
-अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी
-खुले में कूड़ा जलाने की इजाजत नहीं
-स्टेज-1 की बंदिशें लागू रहेंगी।
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