Delhi: जावेद मट्टू की पुलिस हिरासत पांच दिन के लिए बढ़ाई, 11 आतंकी मामलों में था वांछित
दिल्ली कोर्ट ने हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी जावेद मट्टू की पुलिस हिरासत पांच दिन के लिए बढ़ा दी है। मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट नबीला वली ने पहले दी गई सात दिन की पुलिस हिरासत की समाप्ति पर सुनवाई की।
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अदालत ने शुक्रवार को हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी जावेद अहमद मट्टू की पुलिस हिरासत पांच दिन के लिए बढ़ा दी। मट्टू को दिल्ली के निज़ामुद्दीन इलाके से गिरफ्तार किया गया था। पिछले हफ्ते मट्टू को सात दिन की हिरासत में भेज दिया गया था।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने पिछले गुरुवार को कहा था कि उसने 32 वर्षीय हिजबुल मुजाहिदीन आतंकवादी को गिरफ्तार किया है, जो जम्मू-कश्मीर में कम से कम 11 आतंकी मामलों में शामिल होने के लिए पिछले 13 वर्षों से वांछित था।
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान मट्टू ने खुलासा किया कि हिजबुल मुजाहिदीन में उसका एक सहयोगी मोहम्मद रफ अब्दुल्ला नजर संगठन के वित्तीय मामलों की देखभाल करता है। स्पेशल सेल ने कहा कि नज़र पशमीना शॉल और कालीन का व्यवसाय करने के बहाने पाकिस्तान से धन मुहैया करा रहा था। इस पैसे का इस्तेमाल कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन की गतिविधियों के वित्तपोषण में किया गया था।
स्पेशल सेल ने अदालत के समक्ष मट्टू के उन सहयोगियों का सत्यापन और पता लगाने के लिए आगे की हिरासत का अनुरोध किया जिन्होंने आतंकवादी हमलों को अंजाम देने में उसकी सहायता की थी। स्पेशल सेल मट्टू को मुहैया कराए गए हथियारों और गोला-बारूद के स्रोत का भी पता लगाना चाहती है।
पुलिस ने कहा कि उसके कुछ सहयोगियों की पहचान अब्दुल माजिद जरगर, अब्दुल कय्यूम नजर, तारिक अहमद लोन, इम्तियाज कुंडू, मेहराज हलवाई और वसीम गुरु के रूप में की गई है।
पुलिस ने कहा कि सोपोर के रहने वाले नज़र, हलवाई और गुरु सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ में मारे गए। नज़र मॉड्यूल का परिचालन प्रभारी था। लोन की भी कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा घेरे जाने पर मृत्यु हो गई। भागने की कोशिश में वह कथित तौर पर एक पुल से कूद गया लेकिन डूब गया। पुलिस ने कहा कि ये सभी पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादी थे।
पुलिस के मुताबिक उन्हें कुछ दिन पहले सूचना मिली थी कि जम्मू-कश्मीर से एक वांछित आतंकवादी हथियार और गोला-बारूद लेने के लिए दिल्ली आएगा। वह पाकिस्तान की आईएसआई के इशारे पर ऐसा कर रहा था। उसका पाकिस्तान स्थित हैंडलर कश्मीर और अन्य स्थानों पर आतंकी हमले करेगा।
खूंखार आतंकी है जावेद मट्टू
बारामूला के सोपोर के कुशल मट्टू निवासी जावेद अहमद मट्टू उर्फ इरसाद अहमद मल्ला उर्फ एहसान ने कॉलेज में पढ़ाई छोड़ दी थी। ये उत्तरी कश्मीर, विशेषकर सोपोर, जम्मू-कश्मीर के इलाके में सक्रिय हिजबुल मुजाहिदीन के सात खूंखार आतंकवादियों के गिरोह का सरगना है। वह पिछले 13 वर्षों से अपनी पकड़ से बचता रहा है। सुरक्षा बलों के साथ गोलीबारी में घायल होने के बाद वह भूमिगत हो गया था और पाक आईएसआई के निर्देश पर नेपाल भाग गया, क्योंकि जम्मू-कश्मीर पुलिस उसका पीछा कर रही थी। इसके पैर में गोली लगी थी। इसके बाद इसने आतंकी वारदात कम कर दी थीं।
इन आतंकी वारदातों में शामिल रहा
जावेद जम्मू-कश्मीर में 11 ज्ञात आतंकवादी हमलों में वांछित था और उस पर 10 लाख से अधिक का इनाम था। वह जम्मू-कश्मीर में पांच ग्रेनेड हमलों में शामिल रहा है। साथ ही पांच पुलिस कर्मियों की हत्या और कई पुलिस कर्मियों और आम नागरिकों को घायल करने में भी शामिल था। जावेद सोपोर में एक आईईडी विस्फोट में भी शामिल रहा है।