फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi court asks separatist leader shabir shah whether he has confidence in indian constitution or not

दिल्ली कोर्ट के शब्बीर शाह से सवाल: आपको भारतीय न्यायिक व्यवस्था पर भरोसा है या नहीं?

Tue, 29 Jun 2021 01:56 PM IST
पूजा त्रिपाठी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 29 Jun 2021 01:56 PM IST
सार

न्यायाधीश ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सुनवाई के दौरान वकील एमएस खान से पूछा, अपने मुवक्किल से पूछें कि क्या उसे न्यायिक व्यवस्था और भारत के संविधान में विश्वास है?

विज्ञापन
Delhi court asks separatist leader shabir shah whether he has confidence in indian constitution or not
शब्बीर शाह - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दिल्ली की एक अदालत ने धन शोधन के आरोप में गिरफ्तार कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह से मंगलवार को पूछा कि क्या उसे देश की न्यायिक व्यवस्था और संविधान में विश्वास है?

विज्ञापन


विशेष न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान शाह के वकील से यह सवाल किया। न्यायाधीश ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सुनवाई के दौरान वकील एमएस खान से पूछा, अपने मुवक्किल से पूछें कि क्या उसे न्यायिक व्यवस्था और भारत के संविधान में विश्वास है?
विज्ञापन


इस पर वकील ने जवाब दिया कि शाह को देश की व्यवस्था और कानून पर पूरा भरोसा है। न्यायाधीश ने कहा, उससे व्यक्तिगत रूप से पूछें और एक जुलाई को अदालत को सूचित करें। शाह तिहाड़ केंद्रीय जेल में बंद है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रवर्तन निदेशालय ने उसकी जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अदालत को आश्वस्त किया है कि वह छह महीने में साक्ष्य का समापन कर देगी क्योंकि उसे मामले में कई गवाहों का परीक्षण करना है।

अभियोजन के अनुसार, अगस्त 2005 में, दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने कथित हवाला डीलर अहमद वानी को गिरफ्तार किया था, और दावा किया था कि उसके पास से 63 लाख रुपये बरामद किए गए हैं, जिनमें से 52 लाख रुपये कथित तौर पर शाह को दिए जाने थे।


अभियोजन के अनुसार जांच के दौरान वानी ने दावा किया था कि उसने शाह को 2.25 करोड़ रुपये दिए थे। ईडी ने बाद में 2007 में शाह और वानी के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed