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दिल्ली के कांस्टेबल का हत्यारा गिरफ्तार
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 02 Jun 2015 01:36 AM IST
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सिहानी गेट पुलिस ने मुठभेड़ के बाद 50 हजार के इनामी शूटर विक्रम यादव और उसके साथी आकाश त्यागी को गिरफ्तार किया है। दोनों मेरठ के कुख्यात बदन सिंह उर्फ बद्दो की हत्या करने जा रहे थे।
विक्रम ने दिल्ली में 2001 में उद्यमी रतन रॉय की अपहरण कर हत्या की थी, जिसमें उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। 2009 में पैरोल पर वह तिहाड़ जेल से आया और तब से फरार था।
2012 में इसने दिल्ली के कांस्टेबल राजेंद्र खत्री की हत्या की थी। बदमाशों से दो लाइसेंसी रिवाल्वर, विदेशी पिस्टल, देसी पिस्टल, 57 गोलियां, विक्रम का फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड और एक लग्जरी कार बरामद की गई।
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एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि विक्रम यादव दिल्ली के बवाना गांव का है। आकाश त्यागी उर्फ छोटू मेरठ के दौराला का है। विक्रम पर कांस्टेबल की हत्या के बाद दिल्ली पुलिस ने इनाम घोषित किया था।
इन्हें सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे मुठभेड़ केबाद राजनगर एक्सटेंशन से गिरफ्तार किया। दोनों मेरठ के कुख्यात बदन सिंह उर्फ बद्दो की हत्या करने जा रहे थे। बद्दो माफिया है, जो हाल ही में जेल से छूटा है।
बद्दो ने 2011 में मेरठ में संजय गुर्जर की हत्या कराई थी। संजय के भाई अजय की बद्दो से रंजिश है। अजय और आकाश की दोस्ती है और आकाश विक्रम का दोस्त है। अजय के कहने पर ही बद्दो की हत्या की प्लानिंग की। फिरौती की रकम तय नहीं हुई थी।
नाम बदलकर रहता था विक्रम
एसएचओ अशोक सिसौदिया ने बताया कि विक्रम दिल्ली-एनसीआर में जगह और नाम बदल-बदल कर रहता था और अपराध करता था। सूचना मिल रही है कि इसने इंदिरापुरम से 2013 में कार लूटी थी और पुलिस केपीछा करने पर लोनी में छोड़कर भागा था।
इससे बरामद लाइसेंसी असलहों की जांच की जा रही है कि वे किसके हैं। बरामद लग्जरी कार पर भी फर्जी नंबर प्लेट लगाई हुई है। बदमाशों का कहना है कि असलहे उन्हें अजय गुर्जर ने उपलब्ध कराए थे।
दिल्ली पुलिस को भेजी रिपोर्ट
एसएसपी ने बताया कि विक्रम की गिरफ्तारी की सूचना दिल्ली पुलिस के अफसरों को दे दी गई है। कांस्टेबल हत्याकांड के आईओ से भी थानेदार ने बात की है।
दिल्ली का कांस्टेबल हत्याकांड
सीओ द्वितीय रणविजय सिंह ने बताया कि विक्रम यादव 2009 में पैरोल पर जेल से बाहर आया था, तब से फरार था। इसी दौरान उसने साथी सतीश कुमार उर्फ पवन उर्फ पप्पू निवासी मंगोलपुरी दिल्ली केसाथ मिलकर 21 अप्रैल 2012 को दिल्ली पुलिस केसिपाही राजेंद्र खत्री की हत्या की थी।
इस संबंध में दिल्ली के कंझावाला थाने में केस दर्ज है। दोनों पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया। सतीश को दिल्ली पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
उद्यमी हत्याकांड
एसपी सिटी अजयपाल ने बताया कि विक्रम ने 2001 में नीरज और राजेंद्र कुमार के साथ मिलकर उद्यमी रतन रॉय का अपहरण कर हत्या की थी। इस संबंध में दिल्ली के बदरपुर थाने से तीनों जेल गए थे। तीनों को उम्रकैद हुई थी।
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विक्रम ने दिल्ली में 2001 में उद्यमी रतन रॉय की अपहरण कर हत्या की थी, जिसमें उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। 2009 में पैरोल पर वह तिहाड़ जेल से आया और तब से फरार था।
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2012 में इसने दिल्ली के कांस्टेबल राजेंद्र खत्री की हत्या की थी। बदमाशों से दो लाइसेंसी रिवाल्वर, विदेशी पिस्टल, देसी पिस्टल, 57 गोलियां, विक्रम का फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड और एक लग्जरी कार बरामद की गई।
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एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि विक्रम यादव दिल्ली के बवाना गांव का है। आकाश त्यागी उर्फ छोटू मेरठ के दौराला का है। विक्रम पर कांस्टेबल की हत्या के बाद दिल्ली पुलिस ने इनाम घोषित किया था।
इन्हें सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे मुठभेड़ केबाद राजनगर एक्सटेंशन से गिरफ्तार किया। दोनों मेरठ के कुख्यात बदन सिंह उर्फ बद्दो की हत्या करने जा रहे थे। बद्दो माफिया है, जो हाल ही में जेल से छूटा है।
बद्दो ने 2011 में मेरठ में संजय गुर्जर की हत्या कराई थी। संजय के भाई अजय की बद्दो से रंजिश है। अजय और आकाश की दोस्ती है और आकाश विक्रम का दोस्त है। अजय के कहने पर ही बद्दो की हत्या की प्लानिंग की। फिरौती की रकम तय नहीं हुई थी।
नाम बदलकर रहता था विक्रम
एसएचओ अशोक सिसौदिया ने बताया कि विक्रम दिल्ली-एनसीआर में जगह और नाम बदल-बदल कर रहता था और अपराध करता था। सूचना मिल रही है कि इसने इंदिरापुरम से 2013 में कार लूटी थी और पुलिस केपीछा करने पर लोनी में छोड़कर भागा था।
इससे बरामद लाइसेंसी असलहों की जांच की जा रही है कि वे किसके हैं। बरामद लग्जरी कार पर भी फर्जी नंबर प्लेट लगाई हुई है। बदमाशों का कहना है कि असलहे उन्हें अजय गुर्जर ने उपलब्ध कराए थे।
दिल्ली पुलिस को भेजी रिपोर्ट
एसएसपी ने बताया कि विक्रम की गिरफ्तारी की सूचना दिल्ली पुलिस के अफसरों को दे दी गई है। कांस्टेबल हत्याकांड के आईओ से भी थानेदार ने बात की है।
दिल्ली का कांस्टेबल हत्याकांड
सीओ द्वितीय रणविजय सिंह ने बताया कि विक्रम यादव 2009 में पैरोल पर जेल से बाहर आया था, तब से फरार था। इसी दौरान उसने साथी सतीश कुमार उर्फ पवन उर्फ पप्पू निवासी मंगोलपुरी दिल्ली केसाथ मिलकर 21 अप्रैल 2012 को दिल्ली पुलिस केसिपाही राजेंद्र खत्री की हत्या की थी।
इस संबंध में दिल्ली के कंझावाला थाने में केस दर्ज है। दोनों पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया। सतीश को दिल्ली पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
उद्यमी हत्याकांड
एसपी सिटी अजयपाल ने बताया कि विक्रम ने 2001 में नीरज और राजेंद्र कुमार के साथ मिलकर उद्यमी रतन रॉय का अपहरण कर हत्या की थी। इस संबंध में दिल्ली के बदरपुर थाने से तीनों जेल गए थे। तीनों को उम्रकैद हुई थी।