फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi Congress asked for suggestions for election manifesto

दिल्ली चुनावः कांग्रेस ने मांगे सुझाव, किसी को चाहिए बरातघर तो किसी को पार्क और खेल सुविधाएं

Wed, 29 Jan 2020 06:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 29 Jan 2020 06:11 AM IST
विज्ञापन
Delhi Congress asked for suggestions for election manifesto
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pxhere.com

चुनावी घोषणा पत्र में लोगों के मुद्दों को शामिल करने के लिए कांग्रेस ने ई-मेल और सोशल मीडिया के जरिए सुझाव मांगे थे, ताकि जीतने के बाद बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया जा सके। इनमें से महत्वपूर्ण सुझावों को चुनावी घोषणा पत्र में भी शामिल किया जाएगा। सुझावों के माध्यम से किसी ने बरातघर बनवाने की मांग की है तो किसी ने 15 साल पहले जैसी डिस्पेंसरी की मांग की। अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर, पानी की पाइप लाइन समेत पार्क और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग उठी है।

विज्ञापन


कांग्रेस शीला दीक्षित के 15 वर्ष के कार्यकाल को भी तवज्जो देते हुए 15 बनाम पांच वर्ष की तुलना करते हुए दिल्ली सरकार पर निशाना साधती रही है। इसके अलावा कांग्रेस अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने, पेंशन में बढ़ोतरी, 600 यूनिट तक निशुल्क बिजली समेत लाडली योजना को नए सिरे से दोबारा शुरू करने के दावे कर रही है।  
विज्ञापन


स्थानीय मुद्दों पर पर मिल सकता है समर्थन
जामिया और जेएनयू में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बाद छात्रों के समर्थन में उतरते हुए कांग्रेस ने इस वोट बैंक को भुनाने की पुरजोर कोशिश की है। पार्टी के कई नेता आगे बढ़कर आए, ताकि अधिक से अधिक समर्थन मिले। लोगों से मिले सुझावों से यह स्पष्ट हो गया है कि वोट स्थानीय मुद्दों और जनसमस्याओं को हल कराने वाली पार्टी को ही मिलेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

अपने तो आखिर अपने होते हैं...

कोई अपनी बेटी तो कोई पत्नी के लिए चुनाव प्रचार में जुटा है। एक तरफ जहां भाजपा और आम आदमी पार्टी के स्टार प्रचारक धुआंधार प्रचार अभियान में जुटे हुए हैं वहीं, कांग्रेस के 40 स्टार प्रचारकों में से एक भी चुनावी मैदान में नहीं उतरा है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के ऊपर कई अहम जिम्मेदारी हैं। बावजूद इसके, वह अपनों के समर्थन में प्रचार अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। अब तक कांग्रेस का घोषणा पत्र भी जारी नहीं हुआ है। इसलिए पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने रिश्तेदारों के लिए अधिक से अधिक समर्थन जुटाने में कोशिश में लगे हुए हैं। माना जा रहा है कि पार्टी के बजाय खुद या अपनों के समर्थन में वोट मांगने का असर चुनावी नतीजों पर भी पड़ सकता है।
  
पांच नेताओं के पुत्र-पुत्री और पत्नी हैं कांग्रेस प्रत्याशी
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुभाष चोपड़ा की पुत्री शिवानी चोपड़ा कालकाजी विधानसभा क्षेत्र से भाग्य आजमा रही हैं, जबकि आरकेपुरम विधानसभा क्षेत्र से दिल्ली विधानसभा के पूर्व स्पीकर योगानंद शास्त्री की पुत्री प्रियंका सिंह, मॉडल टाउन से पूर्व एमएलए कुंवर करण सिंह की पुत्री आकांक्षा ओला, मुस्तफाबाद के पूर्व विधायक हसन अहमद के पुत्र अली मेंहदी के अलावा कीर्ति आजाद की पत्नी पूनम आजाद संगम विहार क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी हैं। अपनों के प्रचार अभियान में सभी राजनेता बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

किसी नेता के बच्चे में यदि योग्यता है तो उन्हें भी राजनीति में उतरने का बराबर का हक है। उनमें राजनीतिक समझ हैं और जीत की उम्मीद भी।
-सुभाष चोपड़ा, प्रदेशाध्यक्ष-दिल्ली कांग्रेस

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed