मोहल्ला क्लीनिक पर CM रेखा का बड़ा फैसला: 553 क्लीनिकों पर होगा सीधा असर, सात दिन में मांगी विस्तृत रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के जिला उपायुक्तों को मोहल्ला क्लीनिकों को 30 दिनों के अंदर अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर तैयार करने के निर्देश दे दिया है।
विस्तार
नवनिर्वाचित सरकार के शपथ लेते ही एक्शन मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में मंत्रियों के समूह ने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश देने शुरू कर दिए हैं।
एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ शुक्रवार को बैठक हुई। जिसमें सबसे पहले मोहल्ला क्लीनिकों की स्थिति रिपोर्ट तलब की गई है। अधिकारियों को एक सप्ताह में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
कई बिंदुओं पर देनी होगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर गुरुवार को मोहल्ला क्लीनिक पर स्थिति रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। स्थिति रिपोर्ट में मोहल्ला क्लीनिकों के बंद और चालू हालत पर रिपोर्ट, चिकित्सकों की तैनाती, दी जा रही सुविधाओं समेत कई बिंदुओं पर रिपोर्ट दी जानी है।
मोहल्ला क्लीनिकों को 30 दिनों के अंदर अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर तैयार करने के निर्देश
इससे पहले स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के जिला उपायुक्तों को मोहल्ला क्लीनिकों को 30 दिनों के अंदर अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर तैयार करने के निर्देश दे दिया है। ताकि अगले एक माह में 11 आरोग्य मंदिर संचालित हो जाएं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक जिले में एक डिस्पेंसरी या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का चयन कर उसे अर्बन आरोग्य मंदिर में तब्दील करने की सिफारिश स्वास्थ्य विभाग में भेजने का निर्देश दिया है।
बनाए जाएंगे 1139 शहरी अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर
बता दें दिल्ली के 553 मौजूदा मोहल्ला क्लीनिकों को शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन योजना (पीएम-एबीएचआईएम) के तहत दिल्ली में कुल 1139 शहरी अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए जाने हैं। मौजूदा 553 मोहल्ला क्लीनिक हैं जिनकी सुविधाएं बढ़ाकर अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तब्दील किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
दिल्ली में टूटी सड़कों की समस्या जल्द दूर की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान टूटी सड़कों के साथ ही विभाग की अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं की स्थिति के बारे में जानकारी ली। बताया जा रहा है कि टूटी सड़कों की समस्या जल्द दूर करने के लिए अधिकारियों को कहा गया है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया तेज करने की बात कही गई है। साथ ही यदि इसमें फंड की कमी है तो उसे भी किया जाएगा।
कई बड़ी परियोजनाओं के निर्माण में फंड की कमी
अधिकारियों का कहना है कि कई बड़ी परियोजनाओं के निर्माण में फंड की भी कमी है। दूसरी ओर निर्माणाधीन अस्पतालों की परियोजनाओं को भी जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इन परियोजनाओं में भी फंड की कमी है। बैठक में लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा भी थे।
रोड हिस्ट्री रजिस्टर होगा तैयार
अधिकारियों का कहना है कि सभी सड़कों की रोड हिस्ट्री रजिस्टर में दर्ज होगी। इससे निर्माण और मरम्मत कार्य में पारदर्शिता होगी। इस संबंध में विभाग की ओर से एक आदेश भी निकाला गया है। इसमें सभी जोन को 15 मार्च तक रोड हिस्ट्री रजिस्टर तैयार करना है। विभाग के अंतर्गत 1440 किलोमीटर लंबी सड़कें आती हैं। बीते कुछ समय से बदहाल सड़कों को लेकर शिकायतें बढ़ी हैं। माना जा रहा है कि रखरखाव को लेकर करोड़ों रुपये खर्च हुए हैं। इसके बावजूद सड़कों की हालत ठीक नहीं हुई है। ऐसे में रोड हिस्ट्री रजिस्टर तैयार किया जा रहा है। रजिस्टर में पेज नंबर, वर्क ऑर्डर नंबर, बिल की तारीख, खर्च की गई राशि और भुगतान की तारीख आदि की जानकारी दी जाएगी।
तीन जगह का निरीक्षण करेंगे पीडब्ल्यूडी मंत्री
लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा शनिवार को विभाग के तीन जगह चल रहे काम का निरीक्षण करेंगे। भैरों मार्ग से सराय काले खां रिंग रोड के मरम्मत कार्य, बारापूला फेज तीन परियोजना और मूल चंद अंडरपास स्थित पंप के काम का निरीक्षण करेंगे।