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कम समय में नियंत्रित किया जा सकता है पराली से होने वाला प्रदूषण, राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी : केजरीवाल
Mon, 19 Oct 2020 04:47 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Mon, 19 Oct 2020 04:47 PM IST
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अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter @CMODelhi
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि मैं केंद्रीय पर्यावरण मंत्री की इस बात से सहमत हूं कि प्रदूषण एक दिन में ठीक नहीं हो सकता, इसके लिए कम से कम चार साल लगेंगे। अगर हम सारी सरकारें, सारी पार्टियां मिलकर राजनीति छोड़ के ईमानदारी के साथ लगे तो चार साल से काफी कम समय में प्रदूषण पर काबू पा सकते हैं।
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All governments should come together and launch a joint war against air pollution. If all governments and all parties come together leaving politics aside we can control pollution in less than 4 years time: Delhi CM Arvind Kejriwal. pic.twitter.com/PNSv4nh0tS
— ANI (@ANI) October 19, 2020विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि पराली से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण को काफी कम समय में नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने समाधान दिए हैं। केवल राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी नजर आ रही है।
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केजरीवाल ने कहा कि मेरा निवेदन है कि हर महीने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के साथ केंद्रीय पर्यावरण मंत्री की बैठक होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने पर रोक और वायु प्रदूषण पर काबू के लिए प्रभावित राज्यों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका है। केजरीवाल ने कहा कि फसल अवशेषों को जैव-अपघटित किया जा सकता है या उसे बायोगैस, कोयले और यहां तक कि कार्डबोर्ड में भी बदला जा सकता है।
उन्होंने कहा कि धान के पुआल को संपीडित (कंप्रेस) कर बायोगैस या कुकिंग कोल में बदला जा सकता है। हरियाणा के करनाल में कुछ कारखाने ऐसा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल अवशेषों को एक साल के भीतर अवसर में बदला जा सकता है, बशर्ते पराली जलाने पर रोक के लिए एक निश्चित समयसीमा हो।