Delhi Circle Rate: सरकार की होगी बंपर कमाई, लेकिन लुट जाएगा गरीब, दिल्ली में आसमान छुएंगे घर के दाम
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विस्तार
दिल्ली में आज भी अपना घर खरीदना बेहद महंगा है। लाखों परिवारों को किराये के घरों में मुश्किल से गुजारा करना पड़ रहा है। लेकिन दिल्ली सरकार के एक निर्णय से राजधानी में घर बनाने के सपने को लोगों की पहुंच से बाहर कर दिया है। सरकार ने दिल्ली में सर्कल रेट लगभग 10 गुना तक बढ़ा दिया है। कृषि भूमि का सर्किल रेट 53 लाख रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 2.25 से 5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ कर दिया गया है। साउथ दिल्ली और नई दिल्ली में सर्कल रेट सबसे अधिक 5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ होगा। इसका किसानों को लाभ मिलेगा, लेकिन दिल्ली में घर बनाने का सपना पूरा करना बहुत महंगा हो जाएगा। सरकार ने सर्किल रेट बढ़ाने के इस प्रस्ताव को उपराज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेज दिया है। उनकी स्वीकृति के बाद नए रेट लागू हो जाएंगे।
सरकार ने क्या कहा
दिल्ली सरकार ने कहा है कि राजधानी में कृषि भूमि का सर्कल रेट करीब 15 साल बाद बढ़ाया गया है। 2008 के बाद से सर्कल रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी। किसानों की मांग देखते हुए सर्कल रेट में वृद्धि की गई है। सरकार ने दावा किया है कि इसके बाद वह किसानों को उचित मूल्य देकर उनकी भूमि ले सकेगी। अभी पूरी दिल्ली में भूमि का सर्किल रेट एक समान था, लेकिन अब मार्केट रेट के अनुसार अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग सर्किल रेट तय किया गया है।
नए सर्किल रेट के अनुसार, नई दिल्ली जिला और दक्षिणी जिला में 5 करोड़ रुपये प्रति एकड़, उतर, पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम जिले में 3 करोड़ रुपये प्रति एकड़, मध्य और दक्षिण पूर्वी दिल्ली में 2.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और शहादरा, उत्तरी-पूर्वी व पूर्वी जिला में 2.25 करोड़ रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है।
क्या होगा असर
सर्किल रेट बढ़ने से सरकार की कमाई में तेज वृद्धि होने का अनुमान है। भूमि की खरीद-बिक्री में स्टांप ड्यूटी नए बढ़े सर्कल रेट के अनुसार लगेगी। इससे उसी भूमि की खरीद-बिक्री पर उसे पांच से दस गुना तक ज्यादा राजस्व प्राप्त होगा। किसानों से भूमि लेने पर सरकार को ज्यादा मुआवजा देना होगा। इस भूमि पर होने वाले कार्य बहुत महंगे हो जाएंगे।
अभी तक इन कृषि योग्य भूमि पर अवैध कॉलोनियां काटकर बेची जाती हैं। इससे गरीबों को सस्ते में आवास उपलब्ध हो जाता है। लेकिन दरों के बढ़ने से दिल्ली में मकान की कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है, जिससे आम आदमी का घर खरीदने का सपना टूट सकता है।
भाजपा ने किया हमला
दिल्ली भाजपा के महासचिव हर्ष मल्होत्रा ने अमर उजाला से कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार अपना हर निर्णय गरीबों-किसानों के नाम पर लेती है, लेकिन बाद में पता चलता है कि उन्हीं के नाम पर सबसे बड़ी लूट को अंजाम दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में दिल्ली में बाढ़ आई थी, किसानों की फसल नष्ट हो गई। भाजपा ने किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। इससे साबित होता है कि वह केवल सर्कल रेट बढ़ाकर स्टांप ड्यूटी के रूप में अपनी कमाई बढ़ाने की सोच रही है। उसे गरीबों की कोई चिंता नहीं है।
हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल सरकार के पास गरीबों को आवास देने की कोई योजना नहीं है। सर्कल रेट की बेतहाशा वृद्धि से लोगों का घर खरीदने का सपना टूट जाएगा। सर्किल रेट बढ़ने से भूमि के दाम बढ़ जाएंगे, जिससे उसे खरीदने वाले सामने नहीं आएंगे। इससे अपनी आवश्यकता होने पर भी किसान अपनी भूमि को नहीं बेच पाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन हजार से ज्यादा लोगों को आवास उपलब्ध कराया है। दिल्ली सरकार को भी गरीबों को सस्ता मकान उपलब्ध कराने की योजना पेश करनी चाहिए।
गरीबों का घर का सपना टूटा
शहरी मामलों के जानकार और दिल्ली नगर निगम की निर्माण समिति के अध्यक्ष रहे जगदीश ममगांई ने सर्किल रेट बढ़ाने के फैसले को वेतनभोगी, मध्यम वर्ग, गरीब और मेहनतकश विरोधी बताया है। उन्होंने कहा है कि सर्किल रेट में इतनी भारी बढ़ोतरी के कारण गरीब व मध्यम वर्ग के लिए दिल्ली में अपना मकान खरीदना नामुमकिन हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में आज भी 10 लाख से अधिक परिवारों के पास रहने के लिए अपना मकान नहीं है। वेतनभोगी विशेषकर सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्त होने से पहले अपना मकान खरीदने के लिए पाई-पाई जोड़ इसकी व्यवस्था करते हैं, ऐसे में सर्किल रेट की बेतहाशा बढ़ोतरी से उनकी उम्मीदें दम तोड़ देंगी।