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दिल्ली: पांच करोड़ की ठगी करने वाला चिटफंड कंपनी का मालिक गिरफ्तार
Fri, 08 Oct 2021 07:19 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Fri, 08 Oct 2021 07:19 PM IST
सार
आरोपी ने चिटफंड कंपनी में निवेश पर आकर्षक मासिक रिटर्न देने का आश्वासन दिया और निवेशकों को योजना में निवेश करन के लिए प्रेरित किया। उसकी बातों में आकर निवेशकों ने अपनी गाढ़ी कमाई को चिटफंड योजना में निवेश कर दिया।
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गिरफ्तारी
- फोटो : is
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विस्तार
आर्थिक अपराध शाखा ने चिटफंड कंपनी में निवेश पर आकर्षक रिटर्न देने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने 17 परिचितों को चिटफंड योजना में निवेश करवाया और कंपनी बंद कर फरार हो गया। जांच में पता चला कि आरोपी ने निवेशकों से पांच करोड़ रुपये की ठगी की है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर जांच कर रही है।
शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर के सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान वेस्ट पटेल नगर निवासी प्रमोद कुमार सेठी(52) के रूप में हुई है। वर्ष 2016 में ललित आहूजा व 16 अन्य लोगों ने शाखा में ठगी की शिकायत की। जिसमें बताया कि प्रमोद कुमार सेठी चिटफंड कंपनी चला रहा था।
आरोपी ने चिटफंड कंपनी में निवेश पर आकर्षक मासिक रिटर्न देने का आश्वासन दिया और निवेशकों को योजना में निवेश करन के लिए प्रेरित किया। उसकी बातों में आकर निवेशकों ने अपनी गाढ़ी कमाई को चिटफंड योजना में निवेश कर दिया।
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2015 में बंद कर दी थी चिटफंड योजना
वर्ष 2015 में आरोपी ने चिटफंड योजना को बंद कर दिया। उसने निवेशकों के पैसे को वापस नहीं किया। जिससे निवेशकों को पांच करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। शिकायतकर्ताओं की शिकायत पर शाखा ने वर्ष 2016 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस आरोपी की ओर से दिए गए नोटबुक, चिटफंड योजना, निवेशकों और उनकी सदस्यता राशि के विवरण को जब्त कर उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा। एफएसएल की रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि नोटबुक पर आरोपी ने एंट्री की थी।
जांच में पता चला कि आरोपी व्यक्तिगत रूप से जानने वाले पीड़ितों को निशाना बनाया। पीड़ितों से भारी रकम वसूलने के बाद योजना को बंद कर दिया और किसी न किसी बहाने निवेश की गई राशि को वापस करने से इंकार कर दिया। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच कर आरोपी का पता लगाया और 5 अक्तूबर को पटेल नगर से उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी कबाड़ का काम कर रहा था।
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शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर के सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान वेस्ट पटेल नगर निवासी प्रमोद कुमार सेठी(52) के रूप में हुई है। वर्ष 2016 में ललित आहूजा व 16 अन्य लोगों ने शाखा में ठगी की शिकायत की। जिसमें बताया कि प्रमोद कुमार सेठी चिटफंड कंपनी चला रहा था।
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आरोपी ने चिटफंड कंपनी में निवेश पर आकर्षक मासिक रिटर्न देने का आश्वासन दिया और निवेशकों को योजना में निवेश करन के लिए प्रेरित किया। उसकी बातों में आकर निवेशकों ने अपनी गाढ़ी कमाई को चिटफंड योजना में निवेश कर दिया।
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2015 में बंद कर दी थी चिटफंड योजना
वर्ष 2015 में आरोपी ने चिटफंड योजना को बंद कर दिया। उसने निवेशकों के पैसे को वापस नहीं किया। जिससे निवेशकों को पांच करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। शिकायतकर्ताओं की शिकायत पर शाखा ने वर्ष 2016 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस आरोपी की ओर से दिए गए नोटबुक, चिटफंड योजना, निवेशकों और उनकी सदस्यता राशि के विवरण को जब्त कर उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा। एफएसएल की रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि नोटबुक पर आरोपी ने एंट्री की थी।
जांच में पता चला कि आरोपी व्यक्तिगत रूप से जानने वाले पीड़ितों को निशाना बनाया। पीड़ितों से भारी रकम वसूलने के बाद योजना को बंद कर दिया और किसी न किसी बहाने निवेश की गई राशि को वापस करने से इंकार कर दिया। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच कर आरोपी का पता लगाया और 5 अक्तूबर को पटेल नगर से उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी कबाड़ का काम कर रहा था।