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Delhi : बेसमैंट में छात्रों की मौत मामले में छह के खिलाफ आरोप पत्र, सीबीआई का दावा- केस के लिए पर्याप्त सुबूत

Wed, 16 Oct 2024 02:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 16 Oct 2024 02:09 AM IST
सार

मृत छात्र नवीन डेल्विन के पिता ने दलील दी कि सीबीआई ने वर्तमान आरोपी या किसी लोक सेवक से जुड़े भ्रष्टाचार के पहलुओं की जांच नहीं की है। फिलहाल अदालत ने आरोपपत्र पर सुनवाई 29 अक्तूबर तय की है।

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Delhi: Charge sheet against six in case of death of students in basement
सीबीआई - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

सीबीआई ने ओल्ड राजिंदर नगर के आईएएस स्टडी सर्कल में छात्रों की मौत मामले में सीईओ अभिषेक गुप्ता, देशपाल सिंह, 4 सह-मालिकों सरबजीत सिंह, परविंदर सिंह, तेजिंदर सिंह और हरविंदर सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। उन पर आपराधिक साजिश और गैर इरादतन हत्या से संबंधित धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है। वहीं मृत छात्र नवीन डेल्विन के पिता ने दलील दी कि सीबीआई ने वर्तमान आरोपी या किसी लोक सेवक से जुड़े भ्रष्टाचार के पहलुओं की जांच नहीं की है। फिलहाल अदालत ने आरोपपत्र पर सुनवाई 29 अक्तूबर तय की है।

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राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) निशांत गर्ग के समक्ष आरोपपत्र दायर किया गया है। सुनवाई के दौरान मृत छात्र डेल्विन के पिता ने तर्क रखा कि आरोप पत्र अधूरा है और अदालत इसे स्वीकार नहीं कर सकती। उन्होंने आगे तर्क दिया कि मंजूरी-निर्माण योजना आरोप पत्र में नहीं है। उन्होंने कहा, सीबीआई ने आरएयू के आईएएस स्टडी सर्कल के अन्य भागीदारों यानी अभिषेक गुप्ता की पत्नी और उनके ससुर से भी पूछताछ नहीं की है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अदालत की टिप्पणी के अनुसार अग्नि एनओसी प्राप्त करने में अवैधता थी। दूसरी तरफ सीबीआई की और से पेश वरिष्ठ लोक अभियोजक ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच खुली है। अगर इस पहलू पर कुछ आता है तो हम इसकी जांच की जाएगी। सीबीआई ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सामग्री है।
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अदालत के सवाल पर सीबीआई ने कहा कि अभिषेक गुप्ता द्वारा लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए थे। 9 अगस्त, 2021 को जारी अधिभोग प्रमाण पत्र के अनुसार बेसमेंट व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए नहीं था। स्टोर और पार्किंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। आरोपी 28 दिसंबर 2021 को इस बेसमेंट का मालिक बन गया। पहले नीलम रानी मालिक थी और उसने ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था।
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सीबीआई अभियोजक ने कहा कि आरोपियों को पूरी जानकारी है कि बेसमेंट से व्यावसायिक गतिविधियां नहीं की जा सकती हैं। घटना से एक महीने पहले स्थानीय निवासी और छात्र किशोर कुशवाह ने एमसीडी में शिकायत दर्ज कराई थी कि बेसमेंट में पानी भर सकता है। सीबीआई ने कहा कि आरोपी देशपाल 25 साल से कर्मचारी है। उसे हर साल होने वाली घटनाओं की जानकारी थी। फिर भी बेसमेंट में लाइब्रेरी चल रही थी। बेसमेंट को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए अनुमति नहीं थी।

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