प्रधानमंत्री के सामने 'सीलिंग' का मुद्दा न उठाने से दिल्ली के व्यापारी नाराज
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शुक्रवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में देश के व्यापारियों को संबोधित किया। लेकिन व्यापारी नेताओं ने प्रधानमंत्री के सामने दिल्ली में हो रही सीलिंग का मुद्दा नहीं उठाया। इस कारण से व्यापारी कार्यक्रम के बाद अपने ही नेताओं पर भड़क गए जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। कई अन्य व्यापारी नेताओं के बीच बचाव के बाद स्थिति सामान्य हुई।
करोलबाग के व्यापारी नरेंद्र माथुर ने बताया कि दिल्ली के व्यापारी सीलिंग के कारण सबसे ज्यादा परेशान हैं। इसकी वजह से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। कई बड़े व्यापारियों को सीलिंग के कारण करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ा है, जबकि हजारों छोटे व्यापारियों का रोजगार ठप हो गया है।
माथुर के मुताबिक कार्यक्रम के आयोजन के समय ही व्यापारी संगठन कैट के नेता बीसी भरतिया और प्रवीण खंडेलवाल से व्यापारियों ने इस मुद्दे को पीएम के सामने उठाने की बात कही गई थी। उन्होंने इस मुद्दे को पीएम के सामने उठाने की बात भी कही थी। लेकिन पूरे कार्यक्रम में इस मुद्दे को नहीं उठाया गया।
'दिल्ली बोले दिल से, नरेंद्र मोदी फिर से' और 'देश से आई एक पुकार, व्यापारी भी चौकीदार' जैसे नारे लगाने वाले व्यापारियों ने कार्यक्रम के बाद कहा कि प्रधानमंत्री से उन्हें कोई शिकायत नहीं है, लेकिन उनके सामने सही मुद्दे न पहुंचाने की स्थिति में उन्हें कोई लाभ नहीं मिल रहा है जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
'मुद्रा योजना का जमीनी लाभ नहीं मिल रहा'
प्रधानमंत्री ने लगभग 45 मिनट के अपने भाषण में अपनी सरकार की कई खूबियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जीएसटी जैसे फैसले लागू करने से पूरे देश के व्यापारियों को बार-बार टैक्स देने के झंझट से मुक्ति मिली है।
सरकार ने बिजनेस करने के लिए नियमों में छूट दी है जिसके कारण भारत ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के रैंक में भारत ऊपर आया है। मुद्रा योजना को भी उन्होंने अपनी बड़ी उपलब्धि बताया जिसकी वजह से युवाओं को अपना रोजगार शुरु करने के अवसरों में वृद्धि हुई है।
लेकिन कानपुर के एक व्यापारी ने अमर उजाला को बताया कि मुद्रा योजना के दावे जमीन पर खरे नहीं उतर रहे हैं। सरकार द्वारा बैंकों को मुद्रा लोन देने के आदेश के बाद भी वे किसी न किसी बहाने मुद्रा लोन देने में अनाकानी कर रहे हैं जिसकी वजह से इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापारियों के लिए जरुरत के समय एक निश्चित रकम तक का ब्याज तत्काल मिल जाने को अपनी उपलब्धि बताया। लेकिन एक अन्य व्यापारी ने बताया कि बैंकों के रवैये में अभी भी कोई विशेष परिवर्तन नहीं आया है। कमीशनबाजी के बिना आज भी लोन मिलने की गुंजाइश नहीं रहती।
'ईमानदारी से बिजनेस करने वालों को परेशानी नहीं'
कानपुर व्यापारी संगठन के अध्यक्ष अशोक वाजपेयी ने कहा कि सरकार के कुछ फैसलों से व्यापार करने में आसानी हुई है। जीएसटी जैसी व्यवस्था के कारण ईमानदारी से व्यापार करने वालों को आसानी हुई है, लेकिन ब्लैक मार्केट में होने वाले व्यापार में भारी कमी हुई है। सोने-चांदी के थोक व्यापारी अशोक वाजपेयी ने कहा कि ब्लैक में बाजार कम हो जाने से सफेद में बाजार को बढ़ावा मिला है। इससे सरकार को राजस्व में भारी लाभ मिला है।