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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi Budget: Women wooed, bags opened for education too

दिल्ली बजट : महिलाओं काे रिझाया, शिक्षा के लिए भी खोली झोली

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Mar 2024 06:39 PM IST
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वित्त मंत्री आतिशी ने पेश किया केजरीवाल सरकार का दसवां बजट
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भाषण में बार-बार किया रामराज्य का जिक्र, दस सालों के कामों की तारीफ की
18 साल के ऊपर की महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना
हर महीने मिलेंगे एक हजार रुपये, शिक्षा पर इस बार भी सबसे ज्यादा खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की वित्त मंत्री आतिशी ने सोमवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 76,000 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। केजरीवाल सरकार के दसवें और अपने पहले बजट में आतिशी का सबसे ज्यादा जोर शिक्षा पर रहा। बजट का करीब 22 फीसदी हिस्सा शिक्षा पर खर्च होगा। सरकार के आखिरी बजट में वित्त मंत्री ने आधी आबादी को भी रिझाया है। इसके लिए महिला सम्मान निधि की घोषणा की गई। इसमें 18 साल से ऊपर की महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये मिलेंगे। दिल्ली के लोगों को आवास मुहैया कराने के साथ शहरी विकास पर भी करीब 13 फीसदी खर्च होंगे। करीब दो घंटे के बजट भाषण में रामचरित मानस की चौपाइयां पढ़ते हुए वित्त मंत्री ने बार-बार दिल्ली में राम राज्य का जिक्र किया। केजरीवाल सरकार के अधीन इस दिशा में काम होने का दावा करते हुए वित्त मंत्री ने हक में 2024-25 के बजटीय प्रस्तावों की तुलना 2014-15 के बजट से की। वहीं, इस साल के बजट को 2023-24 के संशोधित अनुमानों से 1.47 फीसदी ज्यादा बताया।


पिछले सालों की तरह इस बार भी सरकार ने अपने कोर इश्यू शिक्षा को प्राथमिकता में रखा है। 2024-25 में 16,396 करोड़ रुपये खर्च करने का बजट में प्रस्ताव है। इसके सहारे मानव संसाधन को भी मजबूत किया जाएगा। बेहतर भविष्य के लिए बच्चों को तकनीकी पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए कोचिंग दिलाई जाएगी। स्वास्थ्य क्षेत्र पर सरकार 8,685 करोड़ रुपये खर्च करेगी। पिछले साल की तुलना में स्वास्थ्य बजट में करीब 11 फीसदी कटौती की गई है। हालांकि, स्वास्थ्य क्षेत्र की पुरानी योजनाओं में कोई बदलाव नहीं किया है।
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बढ़ेगा ई-बसों का बेड़ा

दिल्ली सरकार ने बजट में ई-बसों का बेड़ा बढ़ाएगी। इसके लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ में मेट्रो विस्तार पर भी 500 रुपये खर्च होंगे। इसके साथ सरकार इस साल छह नए फ्लाईओवर तैयार कर लेगी। सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाओं के लिए 1,768 करोड़ रुपये व परिवहन पर 5,702 करोड़ का खर्च का प्रस्ताव है। सरकार का मानना है कि सड़क व परिवहन व्यवस्था के बेहतर होन से पर्यावरण प्रदूषण को भी कम किया जा सकेगा।
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मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना:

बजट में मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना का प्रस्ताव है। इसमें 18 वर्ष से अधिक आयु की हर महिला को हर महीने 1000 रुपये प्रति माह मिलेंगे। बशर्ते वह दिल्ली की मतदाता है। इस योजना में वह महिलाएं शामिल नहीं होंगी जो फिलहाल किसी भी सरकारी पेंशन योजना का हिस्सा हैं। आयकर देने वाली महिलाएं भी इससे बाहर होंगी। इसके लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।



सबको न्याय : दिल्ली सरकार न्याय व्यवस्था को बेहतर करने पर 3,098 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस साल रोहिणी, कड़कड़डूमा, शास्त्री पार्क और राउज एवेन्यू में चार अत्याधुनिक कोर्ट परिसरों का निर्माण शुरू होगा। जिला अदालतों में हाइब्रिड सुनवाई के लिए एक नई योजना प्रस्तावित है और 2024-25 के बजट अनुमान में इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। मुफ्त कानूनी सेवाएं दिलाने के लिए 160.95 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।





रोजगार:

बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम के लिए 40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं, इस साल सभी विश्वविद्यालयों में बिजनेस ब्लास्टर्स सीनियर लॉन्च किया जाएगा। इसके तहत सरकार स्टार्ट-अप में 15 करोड़ रुपये निवेश करेगी।





हर घर बिजली व पानी:
आगामी वित्तीय वर्ष में दिल्ली सरकार के अधीन आने वाली हर इमारत की छत पर सोलर प्लांट होंगे। दिल्ली सरकार हरित ऊर्जा का लक्ष्य 2027 तक 4500 मेगावाट है। यह कुल बिजली आपूर्ति का 25 फीसदी है। इसके लिए सभी सरकारी इमारत की छत पर सौर संयंत्र लगेंगे। पावर सेक्टर के लिए 3,353 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव है। वहीं, हर घर के लिए पानी और सीवरेज सुविधाओं का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए 7,195 करोड़ रुपये खर्च होंगे।



दिल्ली के गांवों का विकास

गांवों में सड़क ढांचा विकसित करने के लिए सरकार 2024-25 में दिल्ली के 360 से ज्यादा गांवों में करीब 1000 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाएंगी। इससे गांव की अर्थव्यवस्था को काफी बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए 900 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव है।






स्थानीय निकायों को वित्तीय सहायता

बजट में स्थानीय निकाय को कुल 8,423 करोड़ रुपये वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इसमें से 3,153 करोड़ रुपये शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और स्वच्छता के लिए होंगे। 2,955 करोड़ रुपये बेसिक टैक्स असाइनमेंट (बीटीए) के रूप में दिए जाएंगे और स्टांप एवं पंजीकरण शुल्क तथा एकमुश्त पार्किंग शुल्क के रूप में 2,315 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।


बजटीय आंकड़े:


कुल बजट: 76,000 करोड़ रुपये

योजनाओं, कार्यक्रमों, परियोजनाओं का बजट: 39,000 करोड़ रुपये

स्थापना : 37,000 करोड़

राजस्व : 60,910.75 करोड़

पूंजी : 15,089.25 करोड़
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