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दिल्ली में नहीं आएंगी नई बसें, मेट्रो के डिब्बों में होगा इजाफा
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 09 Mar 2017 09:20 AM IST
सार
सार्वजनिक परिवहन को उम्मीद से कम, पुरानी योजनाओं पर जोर
दिल्ली बजट परिवहन विभाग:
सार्वजनिक परिवहन को उम्मीद से कम, पुरानी योजनाओं पर जोर
मेट्रो को 1156 करोड़ रुपये, 582 अतिरिक्त कोच को बजट प्रस्ताव में मंजूरी दी गई है
-डीटीसी के बाड़े में नहीं आएगी नई बसें, मेट्रो के लिए अतिरिक्त कोच लाने को बढ़ाया बजट
-क्लस्टर के जरिए ही अगले एक साल में 736 बसें लाएंगे, 11 बस डिपो को पूरा करने का लक्ष्य
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विस्तार
शिक्षा और स्वास्थ्य पर जहां सरकार ने खजाना खोल दिया है। वहीं, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था इस बार सरकार की ओर से बजट में उम्मीद से कम मिला है। परिवहन व्यवस्था में नई घोषणाएं के बजाए सरकार का जोर सिर्फ पुरानी योजनाओं को अंतिम रूप देने पर जोर दिया है। सिर्फ मेट्रो में अतिरिक्त कोच बढ़ाने की बात की गई है। डीटीसी में बसें खरीदने की बात पर सरकार ने इशारों ही इशारों में मना कर दिया है।
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सरकार 2017-18 के बजट में सरकार ने पूर्व में की गई घोषणाओं को भी शामिल नहीं किया गया है। जिसमें प्रीमियम बस सर्विस, बसों में सीसीटीवी और वाई-फाई जैसी सेवाएं थी। इस बार एक भी नई घोषणा के करने के बजाए सरकार ने सिर्फ क्लस्टर स्कीम के तहत इस इस वर्ष 736 नई बसें उतारने की बात कही है। इसके अलावा 11 नई बस डिपो जो लंबे समय से लंबित चल रहा उसे इस बार पूरा करने के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान किया है।
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हालांकि सरकार ने मेट्रो को लेकर जरूर थोड़ी उदारता दिखाई है। बीते साल 2016-17 में बजट में मेट्रो को 736 करोड़ रुपये दिए थे इस बार इसे बढ़ाकर 1156 करोड़ रुपये कर दिया है। मेट्रो फेज चार को मंजूरी की बात बजट में करने के साथ 582 अतिरिक्त कोच को बजट प्रस्ताव में मंजूरी दी गई है, जिससे मेट्रो में फ्रीक्वेंसी को बेहतर बनाया जा सके।
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डीटीसी नई बसें क्यों नहीं ला रहा इस पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि जहां संभावनाएं है वहां बसें ला रहे है। जहां संभावनाएं नहीं है वहां कंडम कर रहे है। उनके इस जवाब से साफ था कि वह डीटीसी को धीरे-धीरे खत्म करना चाहते थे। इसलिए वह डीटीसी के बजाए बजाए क्लस्टार स्कीम के तहत बसें ला रहे है।
परिवहन व्यवस्था को बजट में प्रावधान
736 बसें क्लस्टर में आएगी।
1156 करोड़ रुपये डीएमआरसी को दिया।
11 बस डिपो बनाएं जाएंगे।
100 करोड़ रुपये बस डिपों को दिए।