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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi Budget 2020 Economic survey presented in Delhi Legislative Assembly 2019-20

Delhi Budget 2020: कमाई के मामले में दिल्ली देश का दूसरा राज्य

Tue, 24 Mar 2020 06:18 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 24 Mar 2020 06:18 AM IST
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Delhi Budget 2020 Economic survey presented in Delhi Legislative Assembly 2019-20
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
दिल्लीवालों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है। राजधानी में प्रति व्यक्ति आय देश में दूसरे स्थान पर है। यहां के लोग वाहनों के भी शौकीन हैं, जिनका दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली विधानसभा में सोमवार को दिल्ली का आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 पेश किया गया। दर्शाया गया है कि दिल्ली सरकार की जेब भरी है तो वहीं आम लोगों की आय में भी बढ़ोतरी हुई है।
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राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति आय 134432 रुपये की तुलना में 389143 रुपये पर पहुंचने की संभावना है। उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा पेश सर्वेक्षण में बताया गया कि दिल्लीवालों की आय देशवासियों की तुलना में तीन गुना अधिक है। भारत के सर्वाधिक प्रति व्यक्ति आय वाले राज्यों में दूसरे स्थान पर है। दिल्ली ने अपनी राजस्व अधिशेष की स्थिति निरंतर बनाए रखी है।
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2018-19 के दौरान राजस्व अधिशेष 6261 करोड़ रुपये रहा, जबकि 2017-18 में 1569.16 करोड़ रुपये रहा था। प्रचलित मूल्यों पर दिल्ली के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में पिछले पांच साल के दौरान 55 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। 2019-20 के दौरान विकास दर 7.42 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो राष्ट्रीय विकास दर 5 प्रतिशत अधिक है।
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सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने सामाजिक क्षेत्र पर अधिक धन राशि खर्च की है। वित्त वर्ष 2019-20 में कार्यक्रम व परियोजनाओं के लिए कुल आवंटित बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिए 78.84 प्रतिशत आवंटित किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में इस बार सबसे अधिक धनराशि आवंटित की गई है। कुल बजट में जिसका 28.98 प्रतिशत हिस्सा है। सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के लिए 12. 71 प्रतिशत हिस्सा है। चिकित्सा और जनस्वास्थ्य पर 13.83 प्रतिशत है। आवास और शहरी विकास पर 14.50 प्रतिशत, परिवहन पर 13.73 प्रतिशत, जलापूर्ति और स्वच्छता पर 8.78 प्रतिशत रहा। 

बढ़ रहा है वाहन का शौक 

दिल्ली में बेशक पार्किंग की समस्या दिनोंदिन बढ़ रही हो, लेकिन वाहनों का शौक कम नहीं हो रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 में कुल वाहन एक करोड़ तीन लाख थे, जो 2018 में बढ़कर एक करोड़ 86 लाख हो गए। 2019 में बढ़कर एक करोड़ 13 लाख 92 हजार तक पहुंच गए। पिछले साल की तुलना में 3.69 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 

निजी वाहनों के साथ ही सार्वजनिक वाहनों पर भी दबाव काफी बढ़ा है। मेट्रो की जाल दिल्ली में बिछी हुई है। मेट्रो दिल्ली की लाइफ लाइन बन गई है। प्रतिदिन मेट्रो से 25.97 लाख यात्री सफर कर रहे हैं। डीटीसी और कलस्टर बसों में कॉमन मोबिलिटी कार्ड सुविधा लागू की गई है। फरवरी 2020 तक कलस्टर योजना के तहत 733 नई बसें दिल्ली में दौड़ने लगी हैं। डीटीसी बसों में 2809 और कलस्टर बसों में 2809 मार्शल तैनात किए गए। 

दक्षिणी दिल्ली सबसे ज्यादा हरा-भरा
हरियाली के मामले में दक्षिणी दिल्ली टॉप पर है, जबकि पूर्वी दिल्ली में हरियाली काफी कम है। हरित क्षेत्र की बात करें तो 2015 में वन क्षेत्र कुल 299.77 वर्ग किलोमीटर था। 2019 में यह बढ़कर 324.44 वर्ग किलोमीटर हो गया है। 2015 में दिल्ली का हरित क्षेत्र करीब 20.2 प्रतिशत था, जो 2019 में बढ़ कर 21.88 प्रतिशत हो गया है। दक्षिण दिल्ली में वन
क्षेत्र सबसे ज्यादा 84.63 वर्ग किलोमीटर है वहीं पूर्वी दिल्ली में वन क्षेत्र सबसे कम है। यहां 3.75 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ही हरियाली है। 

दिल्ली सरकार का दावा है कि वृक्षारोपण अभियान से दिल्ली में हरियाली बढ़ी है। 19 एजेंसियों, पर्यावरण क्लब और कल्याण संगठनों इसमें योगदान दे रहे हैं। पिछले साल 21.15 लाख पौधे लगाए गए। 4.57 लाख पौधे लोगों को भी बांटा गया। कृषि जोत की संख्या में 1.68 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। 
 

बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी

दिल्ली सरकार की बिजली बिल में छूट का लाभ यह हुआ है कि उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले 10 सालों में 74.81 प्रतिशत उपभोक्ताओं में बढ़ोतरी हुई है। 2018-19 के दौरान 59.94 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। बिजली खरीद में भी वृद्घि हुई। पिछले 10 साल में 57.98 प्रतिशत बिजली ज्यादा खरीदकर वितरण की जा रही है। बिजली की मांग 7016 मेगावाट तक पहुंच गई है।

आर्थिक सर्वेक्षण की खास बातें
-दिल्ली सरकार ने 2016-17 से 2020-21 की अवधि के लिए 5वें दिल्ली वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू किया है।  
-दिल्ली में चालू फैक्टिरयों की संख्या 2014 में 8968 थी, जो 2018 में बढ़कर 9121 हो गईं। इनमें कार्यरत अनुमानित श्रमिक 2014 में 416927 से बढ़कर 2018 में 419578 हो गए।
-दिल्ली जलबोर्ड के पास वितरण के लिए कुल जल संसाधन 937 एमजीडी उपलब्ध है। 
-दिल्ली के करीब 83.42 प्रतिशत परिवारों को पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति की सुविधा है।
-दिल्ली में 675 झुग्गी झोपड़ी बस्ती है। इनमें 3.6 लाख लोग 799 हेक्टेयर भूमि पर रह रहे हैं।
-दिल्ली के स्वास्थ्य क्षेत्र ढांचे के तहत 1432 औषधालय, 7 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 1172 नर्सिंग होम, 251 प्रसूति गृह, 222 पॉलिक्लीनिक, 88 अस्पताल, 17 मेडिकल कॉलेज हैं।
-अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या 57709 हो गई है।
 
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