'डोंट वरी दिल्ली में BJP सरकार बन रही है'
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दिल्ली में सरकार बनाने के बनते-बिगड़ते खेल को लेकर दिल्ली की राजनीति मंगलवार को दिनभर गरमाई रही। प्रदेश भाजपा में भी इस बात को लेकर मंथन चलता रहा कि अगर दिल्ली के उपराज्यपाल उन्हें सरकार के लिए आमंत्रित करते हैं तो क्या जवाब दिया जाएगा।
यह कवायद इसलिए चल रही है क्योंकि उपराज्यपाल नजीब जंग ने जो चिट्ठी राष्ट्रपति को भेजी है, उसमें उन्होंने साफ तौर पर लिखा है कि अगर भाजपा को सरकार बनाने का न्योता देने की इजाजत मिली तो वह शुक्रगुजार होंगे।
राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में यह भी कहा गया है कि भाजपा चूंकि सबसे बड़ी पार्टी है लिहाजा उसे सरकार बनाने का न्योता मिलना चाहिए। इतना ही नहीं इस बात का भी जिक्र किया गया है कि सरकार बनाने के न्योते के साथ भाजपा को सात दिनों के भीतर विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कहा जाएगा।
फिसल गई सतीश उपाध्याय की जुबान!
चार सितंबर को लिखे गए पत्र का मंगलवार को सार्वजनिक होने के बाद भाजपा कार्यालय में हलचल तेज हो गई। इस बात की चर्चा भाजपा की साप्ताहिक बैठक में भी हुई। दिल्ली के उपराज्यपाल के पत्र के सार्वजनिक होने के बाद भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि अगर प्रदेश उपाध्यक्ष शेर सिंह डागर के स्टिंग का खुलासा नहीं हुआ रहता तो उपराज्यपाल की तरफ से सरकार बनाने का न्योता आ गया होता।
मंगलवार को सरकार बनाने के मुद्दे पर प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय की जुबान भी फिसल गई। आम तौर पर उपराज्यपाल के निमंत्रण के बाद फैसला लेने का बयान देने वाले उपाध्याय पत्रकारों से बातचीत में यह कह बैठे कि डोंट वरी शाम को सरकार बन रही है यार।
हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि पत्रकारों का संबोधन खत्म होने के बाद किसी अन्य मुद्दे पर वह इस तरह का बयान दे बैठे। उन्होंने कहा कि पहले भी कहते रहे हैं कि उपराज्यपाल के निमंत्रण के बाद ही फैसला लेंगे और अब भी इसी स्टैंड पर कायम हैं। उन्होंने यह भी नहीं कहा कि सरकार नहीं बनाएंगे। निमंत्रण आने पर सरकार बनाने को लेकर सोचेंगे।
निर्दलीय विधायकों के संपर्क में ‘आप’
दिल्ली में भाजपा पर वार करने के साथ आम आदमी पार्टी कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों के संपर्क में है। कोशिश यही है कि दिल्ली में सरकार बनाने की भाजपा की कोशिश पर पानी फेरा जा सके।
इसको लेकर ‘आप’ की निर्दलीय विधायक रामबीर शौकीन और कांग्रेस विधायक आसिफ मोहम्मद खान से बात हुई थी। मंगलवार को पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी माना कि भाजपा को मिलने वाले समर्थन को रोकने के लिए निर्दलीय विधायक से संपर्क किया गया था।
शौकीन ने बताया कि मनीष सिसोदिया ने फोन कर कहा कि वह उनसे मिलना चाहते थे। सिसोदिया ने कहा था कि भाजपा दिल्ली में सरकार बनाने की कोशिश कर रही है, इससे दिल्लीवासियों को खतरा है। शौकीन ने बताया कि इसके बाद दो बार फिर फोन आया, लेकिन मैंने जवाब देना सही नहीं समझा।
वहीं, आसिफ का कहना है कि सात सितंबर को एक जानकार का फोन आया था कि ‘आप’ के नेता मुलाकात करना चाहते हैं, लेकिन हमने शर्त रखी कि मुलाकात मीडिया की जानकारी में होगी।
दोबारा बात हुई तो सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद का समय तय हुआ था, लेकिन अभी तक उनसे संपर्क नहीं हुआ है। इस बारे में केजरीवाल का कहना है कि मनीष ने उनके सामने ही शौकीन से बात की थी। रामबीर भाजपा को समर्थन देने के संकेत दिए थे। हमारी कोशिश उन्हें समझाने की थी, इसमें क्या गलत है।