{"_id":"58b9c2a24f1c1b214e831d2f","slug":"delhi-became-the-vehicle-to-keep-the-millionaires","type":"story","status":"publish","title_hn":"शौकीन मिज़ाजों की दिल्ली अब वाहन रखने में भी बन गई करोड़पति ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शौकीन मिज़ाजों की दिल्ली अब वाहन रखने में भी बन गई करोड़पति
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 04 Mar 2017 04:13 PM IST
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मौजमस्ती और खुद पर खर्च करने की शौकीन दिल्ली ने मोटर-वाहन रखने में करोड़पति बनकर नया रिकार्ड कायम किया है। दिसंबर, 2016 तक दिल्ली में 63.21 लाख दुपहिया और 30.33 लाख कार समेत एक करोड़, 41 हजार वाहन रजिस्टर्ड हो चुके हैं। इसमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बात करें तो महज 33 हजार और 30 हजार मैक्सी कैब के साथ एक लाख ऑटो रिक्शा हैं।
दिल्ली की आबादी 2011 की जनगणना के हिसाब से 1.67 करोड़ है, जो प्रोजेक्टेट आबादी के हिसाब से 2 करोड़ से भी 2016 में कम है। इसे यूं कह सकते हैं कि बच्चा हो या बड़ा, हर दूसरे आदमी के पास कोई न कोई वाहन है। वहीं परिवार में वाहनों की संख्या की बात करें तो यहां 2011 की जनगणना के हिसाब से 34 लाख परिवार हैं।
ऐसे में हर परिवार में वाहनों की संख्या तीन के आसपास बनती है। सेंटर फॉर साइंस की पर्यावरण विशेषज्ञ अनुमिता राय चौधरी का कहना है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट ठीक करने के साथ पार्किंग व वाहन रजिस्ट्रेशन महंगा करना पड़ेगा। वाहनों की बढ़ती संख्या को रोकना जरूरी है। दिल्ली में वाहन रजिस्ट्रेशन की संख्या में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है।
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हर साल 5-7 लाख वाहनों के रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं। मार्च, 2016 तक 97 लाख वाहन रजिस्टर हुए थे, जो महज 9 महीने में दिसंबर, 2016 तक 1 करोड़ के पास पहुंच गया। दिल्ली में वाहन रजिस्ट्रेशन का ये आंकड़ा चेन्नई, मुंबई और कोलकाता के आंकड़े को जोड़ दें तो उससे ज्यादा है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट ठीक करने की जरूरत : केजरीवाल
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को ही ऑनलाइन सेवाएं शुरू किए जाने वाले कार्यक्रम में माना कि ट्रैफिक और प्रदूषण सबसे बड़ी चुनौती है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट बड़े स्तर पर करने की जरूरत है। 100-100 बसें लाने से काम नहीं चलेगा, हजार में लाना पड़ेगा।
---
मोटर साइकिल, स्कूटर 63, 21, 413
कार 30, 33, 059
बसें 33, 228
थ्री व्हीलर 1, 04, 854
मैक्सी कैब 29, 948
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दिल्ली की आबादी 2011 की जनगणना के हिसाब से 1.67 करोड़ है, जो प्रोजेक्टेट आबादी के हिसाब से 2 करोड़ से भी 2016 में कम है। इसे यूं कह सकते हैं कि बच्चा हो या बड़ा, हर दूसरे आदमी के पास कोई न कोई वाहन है। वहीं परिवार में वाहनों की संख्या की बात करें तो यहां 2011 की जनगणना के हिसाब से 34 लाख परिवार हैं।
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ऐसे में हर परिवार में वाहनों की संख्या तीन के आसपास बनती है। सेंटर फॉर साइंस की पर्यावरण विशेषज्ञ अनुमिता राय चौधरी का कहना है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट ठीक करने के साथ पार्किंग व वाहन रजिस्ट्रेशन महंगा करना पड़ेगा। वाहनों की बढ़ती संख्या को रोकना जरूरी है। दिल्ली में वाहन रजिस्ट्रेशन की संख्या में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है।
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हर साल 5-7 लाख वाहनों के रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं। मार्च, 2016 तक 97 लाख वाहन रजिस्टर हुए थे, जो महज 9 महीने में दिसंबर, 2016 तक 1 करोड़ के पास पहुंच गया। दिल्ली में वाहन रजिस्ट्रेशन का ये आंकड़ा चेन्नई, मुंबई और कोलकाता के आंकड़े को जोड़ दें तो उससे ज्यादा है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट ठीक करने की जरूरत : केजरीवाल
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को ही ऑनलाइन सेवाएं शुरू किए जाने वाले कार्यक्रम में माना कि ट्रैफिक और प्रदूषण सबसे बड़ी चुनौती है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट बड़े स्तर पर करने की जरूरत है। 100-100 बसें लाने से काम नहीं चलेगा, हजार में लाना पड़ेगा।
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मोटर साइकिल, स्कूटर 63, 21, 413
कार 30, 33, 059
बसें 33, 228
थ्री व्हीलर 1, 04, 854
मैक्सी कैब 29, 948