दिल्ली विधानसभा: डीटीसी कर्मचारियों के तबादले के मामले में आप विधायकों के नाम आने पर हंगामा, डिप्टी सीएम ने लगाए प्रत्यारोप
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि दिल्ली में मलाईदार पदों पर नियुक्ति करने में भारी लेन-देन हो रहा है। कुछ माह पहले अपने आका को मासिक शुल्क नहीं पहुंचाने पर एक एडीएम को तबादले का सामना करना पड़ा।
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डीटीसी के कर्मचारियों के तबादले की सिफारिश के लिए पत्र लिखने के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के दो विधायकों के नाम सामने आने पर मंगलवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ।
आप के विधायकों ने बैठक आरंभ होते ही भाजपा एवं सीबीआई के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। उनके शांत नहीं होने पर विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिड़ला ने 10 मिनट तक बैठक स्थागित कर दी। बैठक दोबारा शुरू होने के दौरान भाजपा विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया। बैठक में सीबीआई के दुरुपयोग के विरोध में प्रस्ताव पास किया।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि दिल्ली में मलाईदार पदों पर नियुक्ति करने में भारी लेन-देन हो रहा है। कुछ माह पहले अपने आका को मासिक शुल्क नहीं पहुंचाने पर एक एडीएम को तबादले का सामना करना पड़ा। उन्होंने खुलासा किया कि ऐसे पदों पर नियुक्ति एवं तबादला करने के लिए पत्र नहीं लिखे जाते हैं, बल्कि मौखिक तौर पर आदेश दिए जाते हैं। ऐसे मामलों में कोई कार्रवाई एवं जांच नहीं हो रही है, वहीं छोटे एवं गरीब कर्मचारियों की परेशानी के मद्देनजर उनका तबादला करने के पत्र लिखने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की बात की जा रही है।
उन्होंने आप विधायकों के खिलाफ सीबीआई कार्रवाई को मजाक करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सीबीआई व उसके अधिकारियों की गरिमा खत्म कर दी है। केंद्र सरकार ने आप नेताओं के खिलाफ तोता मैना छोड़ रखे हैं, लेकिन उन्हें आप नेताओं के पास कुछ नहीं मिल रहा है।
इससे पहले सदन की बैठक दोबारा शुरू होने पर विधानसभा उपाध्यक्ष के इस मुद्दे पर चर्चा कराने के निर्णय को विपक्ष ने चुनौती दी। विधानसभा उपाध्यक्ष और सत्तापक्ष के सदस्यों ने चर्चा कराने के निर्णय को सही ठहराया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तर्क-वितर्क हुआ। विपक्षी सदस्यों के शांत नहीं होने पर विधानसभा उपाध्यक्ष ने उनको मार्शलों के माध्यम से बाहर निकलवा दिया।
इसके बाद चर्चा आरंभ करते हुए आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली के सभी सातों लोकसभा सांसदों व भाजपा के सभी आठ विधायकों की ओर से लिखे गए तमाम पत्रों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने भी लोगों के तबादले और नियुक्ति करने संबंधी पत्र लिखे होंगे। लिहाजा आप विधायकों की तरह उनके खिलाफ भी कार्रवाई की पहल होनी चाहिए, क्योंकि सभी जनप्रतिनिधि आम लोगों की मदद के लिए पत्र लिखते है, लेकिन आप विधायकों को बदनाम किया जा रहा है।
वहीं आप विधायक संजीव झा, कुलदीप सिंह, ऋतुराज, विशेष रवि ने कहा कि वह जनता की भलाई के लिए इस तरह के पत्र लिखने का अपराध बार-बार करेंगे। उधर भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने भी जनता की समस्या दूर कराने के लिए पत्र लिखने का समर्थन किया।