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Delhi Assembly Session: ओ-जोन में अतिक्रमण हटाने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने, लक्ष्मी योजना पर तकरार
Sat, 08 Aug 2026 03:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 08 Aug 2026 03:18 AM IST
सार
नियम 280 के तहत चर्चा में आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्य सचेतक संजीव झा ने आरोप लगाया कि बुराड़ी, मिलन विहार, जगतपुर, वजीराबाद और ओखला समेत कई इलाकों में तोड़फोड़ से लाखों लोग भय में हैं।
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Delhi Assembly Session, file
- फोटो : Delhi Assembly
विस्तार
दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन शुक्रवार को ओ-जोन में अतिक्रमण हटाने के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। नियम 280 के तहत चर्चा में आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्य सचेतक संजीव झा ने आरोप लगाया कि बुराड़ी, मिलन विहार, जगतपुर, वजीराबाद और ओखला समेत कई इलाकों में तोड़फोड़ से लाखों लोग भय में हैं।
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झा ने सरकार से ओ-जोन में रहने वाले 12 से 15 लाख लोगों को कानूनी सुरक्षा देने की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 2019 में शुरू पीएम-उदय योजना के तहत इन कॉलोनियों को संरक्षण देने की बात थी, लेकिन स्वामित्व अधिकार देते समय ओ-जोन की कॉलोनियों को योजना से बाहर कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अदालत में भी प्रभावित लोगों का पक्ष मजबूती से नहीं रख सकी।
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विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि ओ-जोन का मुद्दा गंभीर है और भाजपा के सांसद-विधायक संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं। उन्होंने सदन में आश्वासन दिया कि ओ-जोन में पहले से बने मकानों में तोड़फोड़ नहीं होने दी जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि अदालत के आदेश नए निर्माणों पर लागू होते हैं।
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दवा घोटाले को लेकर आप का हंगामा, पांच विधायकों को मार्शलों ने बाहर किया, सदन एक घंटे तक रहा स्थगित
650 करोड़ रुपये के दवा और स्वास्थ्य उपकरण खरीद घोटाले के आरोपों पर चर्चा की मांग को लेकर आप विधायकों ने सदन में हंगामा किया। इसके बाद संजीव झा, सोम दत्त, विशेष रवि, कुलदीप कुमार और जरनैल सिंह को मार्शलों की मदद से सदन से बाहर किया गया। हंगामे के कारण सदन एक घंटे के लिए स्थगित रहा। बाद में आप विधायकों ने विधानसभा परिसर में ओआरएस के पैकेटों की माला पहनकर प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
आतिशी की गैरमौजूदगी पर भी घमासान
नेता प्रतिपक्ष आतिशी की गैरमौजूदगी को लेकर भी सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने रहे। संजीव झा और जरनैल सिंह ने प्रश्नकाल नहीं होने पर आरोप लगाया कि वह सवालों से बच रही है। मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि पिछली आप सरकार के पांच साल में 74 बैठकों में सिर्फ नौ बार प्रश्नकाल हुआ और 2024 में एक भी प्रश्नकाल नहीं हुआ। कपिल मिश्रा ने आतिशी की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली की बेटियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष सदन में मौजूद नहीं हैं। उन्होंने उनके गोवा में होने का दावा किया, जिस पर आप विधायकों ने विरोध जताया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने भी आतिशी और पूर्व मंत्री गोपाल राय की अनुपस्थिति को लेकर आप पर निशाना साधा।
लक्ष्मी योजना पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने सदन की कार्यवाही को शोर-शराबे और आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित बताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास उपलब्धियां गिनाने को कुछ नहीं है, इसलिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदन में दिल्ली लक्ष्मी योजना का बखान किया। यादव ने भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच बनावटी लड़ाई का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने पिछली आप सरकार से जुड़ी 14 सीएजी रिपोर्टों में किसी मामले में जांच के आदेश नहीं दिए। उन्होंने दिल्ली लक्ष्मी योजना के पंजीकरण पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि पोर्टल पर करीब 1.50 लाख आवेदन ही अंतिम रूप से जमा हुए हैं।
सदन में गूंजी कृषि भूमि का सर्किल रेट बढ़ाने की मांग, वर्षों से नहीं बढ़ी हैं दरें
विधानसभा के मानसून सत्र में शुक्रवार को किसानों की कृषि भूमि के सर्किल रेट बढ़ाने का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। भाजपा विधायकों गजेंद्र दलाल, मनोज शौकीन और सूर्य प्रकाश खत्री ने सरकार से वर्षों से लंबित इस मांग पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की। मुंडका विधायक गजेंद्र दलाल ने कहा कि यदि किसान मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए तो जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें भी आंदोलन में शामिल होना पड़ेगा। विधायकों ने कहा कि दिल्ली में कृषि भूमि के सर्किल रेट वर्षों से नहीं बढ़े हैं, जबकि बाजार भाव कई गुना बढ़ चुका है। अधिग्रहण के दौरान किसानों को करीब 53 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा मिलता है, जबकि जमीन का बाजार मूल्य कई करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच गया है।