Delhi Assembly Elections : बाबरपुर सीट पर पहले भाजपा... अभी आप, और यह रहा सात विधानसभा चुनावों का इतिहास
दिल्ली की सियासत में आप की एंट्री से पहले इस सीट पर भाजपा का प्रभाव रहा। वर्ष 1993 से 2013 तक हुए पांच चुनावों में से चार बार भाजपा का कब्जा रहा, जबकि बीते दो चुनावों से आप को जीत मिली। कांग्रेस सिर्फ 2003 में यह सीट जीत सकी थी।
विस्तार
उत्तर-पूर्वी दिल्ली की बाबरपुर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक व दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय कर रहे हैं। दिल्ली की सियासत में आप की एंट्री से पहले इस सीट पर भाजपा का प्रभाव रहा। वर्ष 1993 से 2013 तक हुए पांच चुनावों में से चार बार भाजपा का कब्जा रहा, जबकि बीते दो चुनावों से आप को जीत मिली। कांग्रेस सिर्फ 2003 में यह सीट जीत सकी थी।
वर्ष 1993 में अस्तित्व में आई बाबरपुर विधानसभा की बसावट मिली-जुली है। इसमें नवीन शाहदरा और न्यू जाफराबाद जैसी पॉश मानी जाने वाली कॉलोनियां हैं। इसके अलावा बाबरपुर, बलबीर नगर, कबीर नगर, शिवाजी पार्क और कबूल नगर कर्दमपुरी, नार्थ घोंडा, ईस्ट व वेस्ट गोरख पार्क, वेलकम, जनता कॉलोनी, न्यू जाफराबाद, सुभाष मोहल्ला, नूर-ए-इलाही इलाके आते हैं। वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद बाबरपुर विधानसभा में मौजपुर का काफी बड़ा इलाका इसमें जोड़ा गया है।
पहले भाजपा अब आप का दिखा दम
वर्ष 1993 से 2013 तक के विधानसभा चुनावों में लगातार चार बार भाजपा का इस सीट पर कब्जा रहा। वर्ष 2003 को छोड़कर नरेश गौड़ 1993 से जीतते रहे। कांग्रेस प्रत्याशी विनय शर्मा ने 2003 में नरेश गौड़ को शिकस्त दी थी, लेकिन आप के मैदान में आने के बाद गौड़ की सियासत हाशिये पर चली गई। गोपाल राय ने लगातार दो बार गौड़ काे परास्त किया। इस सीट से अभी किसी भी पार्टी ने टिकट तय नहीं किया है।
चार वार्ड में दो पर भाजपा का कब्जा
दो महिला आरक्षित वार्डों के साथ बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र में एमसीडी के चार वार्ड हैं। इनमें से दो पर भाजपा व एक-एक पर आप व कांग्रेस के पार्षद हैं। महिला आरक्षित सुभाष मोहल्ला से भाजपा की मनीषा सिंह, गोरखपार्क से आप की प्रियंका सक्सेना और कर्दमपुरी से भाजपा के मुकेश कुमार बंसल पार्षद व कबीर नगर से कांग्रेस के जरीफ पार्षद हैं।
नाम बदलने की भी उठी मांग
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने इस विधानसभा क्षेत्र का नाम बदलकर परशुराम नगर करने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने बीते साल उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र भी लिखा है। वहीं, घोंडा से भाजपा विधायक अजय महावर ने भी विधानसभा में कई बार नाम बदलने की मांग की है।
प्रमुख मुद्दे
- मौजपुर रोड, बाबरपुर सौ फुटा रोड, बाबरपुर बस टर्मिनल समेत दूसरी प्रमुख सड़कों की हालत खराब और अतिक्रमण। फुटपाथ पर दुकानें लगने से लोग परेशान रहते हैं। अवैध पार्किंग की भी जगह-जगह भरमार है जिससे दिनभर जाम लगा रहता है
- दूषित पानी और सीवर जाम की समस्या यहां आम है। मौजपुर गांव में सीवर ओवरफ्लो रहता है। नालियों व सीवर का पानी सड़क पर बहता रहता है
जनता बोली
हमारे यहां सबसे बड़ी समस्या पानी की है। पानी बहुत ही ज्यादा गंदा आता है। कई बार कीचड़ मिला होता है। इससे पीने के लिए पानी बाहर से खरीदकर मंगाना पड़ता है।
- अंशु शर्मा, कर्दमपुरी वार्ड
बिजली विभाग ने हमें दुखी कर रखा है। हर माह करीब 1000 रुपये बिल आता है। पता एक होने से बीते दो महीने से एक पड़ोसी का बिजली बिल हमारे में ही जोड़ दिया गया। पूरा बिल 42,000 रुपये के करीब है।
- आशू पॉल, गोरख पार्क वार्ड
10 साल से विजय पार्क की गालियां टूटी हैं। विकास के सारे काम ठप पड़े हैं। इससे लोगों को घर से निकलने में ही परेशानी होती है। सड़क पर भी राहत नहीं मिलती। सड़कें टूटी होने से हर समय जाम लगा रहता है। जगह-जगह कूड़ा रहता है।
- दीपा कुमारी, मौजपुर
कबीर नगर सहित विजय पार्क रोड का पिछला हिस्से में काफी गंदा पानी आता है। विधायक से कहने के बावजूद भी पानी की आपूर्ति ठीक नहीं है। सड़क टूटी पड़ी है। बिजली के बिल हजारों में आते हैं। सफाई व्यवस्था भी चौपट है।
- हाजी उस्मान, कबीर नगर
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1993 से अब तक सीट का सियासी सफर
वर्ष -------जीते (पार्टी)-----हारे (पार्टी)
- 1993----नरेश गौड़ (भाजपा) -भोपाल सिंह (कांग्रेस)
- 1998---नरेश गौड़ (भाजपा) -अब्दुल हमीद (कांग्रेस)
- 2003--विनय शर्मा (कांग्रेस) -नरेश गौड़ (भाजपा)
परिसीमन के बाद 2008 से
- 2008--नरेश गौड़ (भाजपा) - हाजी दिलशाद अली (बसपा)
- 2013--नरेश गौड़ (भाजपा)- जाकिर खान (कांग्रेस)
- 2015--गोपाल राय (आप)- नरेश गौड़ (भाजपा)
- 2020--गोपाल राय (आप)- नरेश गौड़ (भाजपा)