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Delhi Assembly Elections : ओखला और मुस्तफाबाद में त्रिकोणीय मुकाबला तय, ओवैसी के 'आने से' दिलचस्प हुई लड़ाई
Sun, 26 Jan 2025 05:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा
मोहम्मद बिलाल, नई दिल्ली
मोहम्मद बिलाल, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 26 Jan 2025 05:56 AM IST
सार
उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ओखला और मुस्तफाबाद की लड़ाई को त्रिकोणीय मुकाबले में तब्दील कर दिया है।
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demo/file
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
असदुद्दीन ओवैसी के दिल्ली विभानसभा चुनाव प्रचार में उतरने से लड़ाई दिलचस्प हो गई है। उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ओखला और मुस्तफाबाद की लड़ाई को त्रिकोणीय मुकाबले में तब्दील कर दिया है। पार्टी ने ओखला से शिफा उर रहमान और मुस्तफाबाद सीट पर ताहिर हुसैन को उम्मीदवार बनाया है। दोनों उम्मीदवार दिल्ली दंगों में संलिप्तता के आरोप में जेल में बंद हैं और जेल से चुनाव लड़ रहे हैं।
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ओखला सीट पर 1993 में जनता दल व 1998, 2003, 2008 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर परवेज हाशमी ने जीत दर्ज की थी। 2013 के चुनाव में कांग्रेस के आसिफ मोहम्मद खान ने जीत दर्ज की। 2015 व 2020 के चुनाव में आप के अमानतुल्लाह ने जीत दर्ज की। 2015 में 23.84 प्रतिशत मत के साथ भाजपा उम्मीदवार ब्रह्म सिंह दूसरे व 12.08 प्रतिशत मत के साथ कांग्रेस के आसिफ मोहम्मद खान तीसरे स्थान पर रहे थे। 2020 में भाजपा उम्मीदवार ब्रह्म सिंह 29.65 प्रतिशत मत के साथ दूसरे व कांग्रेस उम्मीदवार परवेज हाशमी 2.59 प्रतिशत मत लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे।
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भाजपा ने इस बार मनीष चौधरी, बसपा ने सतीश कुमार, कांग्रेस ने अरीबा खान, आप ने अमानतुल्लाह खान, एआईएमआईएम ने शिफा उर रहमान, चंद्रशेखर आजाद की पार्टी आजाद समाज पार्टी (एएसपी) ने शेर खान, सीपीआई ने इंजमामुल हसन को उम्मीदवार बनाया है। बसपा, भाजपा उम्मीदवार को छोड़कर अन्य पार्टियों ने मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में उतारा है। कांग्रेस को वापसी वहीं आप हैट्रिक के प्रयास में है। एआईएमआईएम के मुस्लिम उम्मीदवार उतारने से आप और कांग्रेस में वोट बंटने पर फायदा भाजपा उम्मीदवार को हो सकता है।
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कांग्रेस को तीसरी, भाजपा और आप को दूसरी जीत की उम्मीद
परिसीमन के बाद 2008 में मुस्तफाबाद सीट बनी थी। 2008, 2013 में कांग्रेस के हसन अहमद ने जीत दर्ज की थी। 2015 में जगदीश प्रधान व 2020 में आप के हाजी युनुस ने जीत दर्ज की थी। 2015 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार हसन अहमद 31.68 प्रतिशत मत के दूसरे व आप के हाजी यूनुस 30.13 प्रतिशत मत के साथ तीसरे पर रहे थे। 2020 के चुनाव में भाजपा के जगदीश प्रधान 42.06 प्रतिशत मत के साथ दूसरे व कांग्रेस के अली मेहंदी 2.98 प्रतिशत मत के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे।
एआएमआईएम के मुस्लिम उम्मीदवार होने से लड़ाई हुई दिलचस्प
इस बार आप ने आदिल अहमद खान, भाजपा ने मोहन सिंह बिष्ट, कांग्रेस ने अली मेहंदी, एआईएमआईएम ने मोहम्मद ताहिर हुसैन, बीएसपी ने अशोक कुमार, राष्ट्रीय रिपब्लिकन पार्टी ने नसरुद्दीन गौरी, राष्ट्रीय जनमोर्चा ने मोहम्मद उस्मान बक्श को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा, बसपा को छोड़कर कांग्रेस, आप, एआएमआईएम ने मुस्लिम उम्मीदवार उतारा है। एआएमआईएम के मुस्लिम उम्मीदवार होने से इस सीट पर लड़ाई दिलचस्प हो गई है। यहां भी मुस्लिम उम्मीदवार उतारने से आप और कांग्रेस में वोट बंटने पर फायदा भाजपा उम्मीदवार को हो सकता है।