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Delhi Assembly Elections 2025 : सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को मनाने में जुटे राजनीतिक दल, पैसे की 'नो लिमिट'
Thu, 09 Jan 2025 05:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
दीपक कार्की, नई दिल्ली
दीपक कार्की, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 09 Jan 2025 05:17 AM IST
सार
राजनीतिक दलों की निगाहें ऑनलाइन कंटेंट में सियासी संदेश को घोलने के लिए ऐसे प्रचारक की तलाश में हैं, जिनकी पहचान कविता-कहानी, लिखने-पढ़ने, मीम्स-कार्टून बनाने, स्टैंडअप कॉमेडी और लोकगीत व संगीत सुनाने से बनी है।
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विस्तार
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही तीनों राजनीतिक दलों की निगाहें अब सोशल मीडिया पर मशहूर शख्सियतों पर टिक गई हैं। वह ऑनलाइन कंटेंट में सियासी संदेश को घोलने के लिए ऐसे प्रचारक की तलाश में हैं, जिनकी पहचान कविता-कहानी, लिखने-पढ़ने, मीम्स-कार्टून बनाने, स्टैंडअप कॉमेडी और लोकगीत व संगीत सुनाने से बनी है। इसमें सियासतदां होना जरूरी नहीं, लेकिन लिखावट में कसावट और पोस्ट में तुकबंदी होनी चाहिए। साथ में पहुंच भी लाखों में हो। वहीं, अलग-अलग इलाकों में सक्रिय यूट्यूबर भी इसमें फिट हैं।
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नाम उजागर न करने की शर्त पर पार्टी रणनीतिकार भी मानते हैं कि इस तरह का चलन इस चुनाव में तेजी से बढ़ा है। पूर्वांचल, उत्तराखंड, पंजाब समेत ऐसे राज्यों से दिल्ली में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बुलाए जा रहे हैं, जिनकी स्थानीय पहचान है। दिल्ली में इनको उसी इलाके में भेजा जा रहा है, जहां उनके प्रदेश के लोगों की आबादी ज्यादा है। इनकी रील्स, यूट्यूब ब्लॉग, मीम्स, कार्टून, फोटो पोस्ट, छोटे-छोटे, लेकिन प्रभावी पॉडकास्ट व सनसनीखेज खबरों के जरिये आम यूजर की जिंदगी में दबे पांव सियासी संदेश घोला जा रहा है। इन्फ्लूएंसर व यू-ट्यूबर को इसके बदले अच्छी कीमत का प्रस्ताव भी रखा जा रहा है। आलम यह है कि जितनी अधिक फॉलोइंग, हर पोस्ट के लिए उतनी ही अधिक रकम भी।
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300 रुपये से शुरू है कीमत
दिलचस्प यह, एक्स पर पोस्ट/रिपोस्ट करने से लेकर इंस्टाग्राम में 24 घंटों के लिए स्टोरी डालने की कीमत महज 300 रुपये से शुरू है। इसमें आपको पैसे देने वाली पार्टी की बढ़ाई या उसके द्वारा किए गए कार्य को हाईलाइट करना होगा। ये रकम यूट्यूब व्लॉग या इंस्टा रील तक पहुंचते-पहुंचते पांच से दस हजार रुपये तक भी पहुंच जाती है। एक्स पर राजनीतिक पेजों के डीएम पर इसको लेकर हजारों रुपये के प्रस्ताव हैं। कई मामलों में तीस से पचास हजार रुपये तक भी दिए जा रहे हैं।
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चुनाव में होगा सोशल मीडिया का खूब इस्तेमाल
राजनीतिक दलों को सोशल मीडिया की परामर्शदाता कंपनी दक्ष न्यू कम्यूनिकेशन के डायरेक्टर आशुतोष मिश्रा बताते है कि यू-ट्यूब समेत सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफार्म दिल्ली चुनाव में बड़ा बाजार बनकर उभरे हैं। इससे पलक झपकते ही नेताजी के बयान, दिनचर्या और सियासी मुद्दे बड़ी आबादी तक पहुंच रहे हैं। त्वरित टिप्पणी या बार-पलटवार एक क्लिक पर लोगों की नजरों के सामने होता है। अपने पसंददीदा कंटेंट क्रिएटर को किसी पार्टी की तारीफ करते देख लोग उस पर जल्दी भरोसा भी कर लेते हैं।
मोबाइल की पहुंच और अनलिमिटेड डेटा प्रभावी
मुंबई की सोशल मीडिया मार्केटिंग कंपनी की एक्सपर्ट स्वीटी टंडन बताती हैं कि सोशल मीडिया ऐसा प्लेटफार्म बनकर उभरा है, जिससे हम हर घर तक दस्तक दे सकते हैं। इन दिनों हर हाथ में मोबाइल है। चाहे वह झुग्गी-झोपड़ी में रहने बाले लोग हों या रेहड़ी-पटरी वाले। काम के बीच में या बोर होने पर लोग इंस्टा पर रील देख लेते हैं या यूट्यूब पर अपने गांव के व्लॉगर का चैनल खोजते हैं। डेटा अनलिमिटेड है ही।
मोबाइल के इनबॉक्स में आ रहे मैसेज
दिल्ली में बसे पहाड़ के लोगों में लोकप्रिय एक हास्य कलाकार की फॉलोइंग करीब एक लाख है। उनका कहना है कि बीते एक सप्ताह से इनबॉक्स में अलग-अलग दलों से मैसेज आए हैं। हर वीडियो पर हजारों रुपये देने का ऑफर है। इसके बदले में उनके पक्ष में वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपलोड करना होगा।