Delhi Election 2020: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ऐसे क्या बदलाव हुए जिनसे 'आप' को मिली प्रचंड जीत
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दिल्ली में बेहतर सरकारी स्कूलों के मुद्दे पर चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी ने प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल की है। दिल्ली की जनता ने स्वीकार किया है कि यहां केजरीवाल सरकार ने वाकई स्कूलों के लिए काम किया है। चुनाव प्रचार के दौरान भी केजरीवाल समेत सभी आप नेताओं को स्कूल के मुद्दों पर दावा करते हुए देखा गया था।
ऐसे में यह जानना जरूरी है कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों की क्या हालत है और उनकी बेहतरी के लिए सरकार की ओर से क्या कुछ किया जा रहा है। हाल ही में दिल्ली सरकार और ब्रिटिश काउंसिल ने आपसी शैक्षिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है।
इस समझौते के पीछे का मकसद स्किल डेवलपमेंट और अंग्रेजी शिक्षा को बढ़ावा देना है। इससे पहले भी दिल्ली सरकार की ओर से कुछ ऐसे फैसले लिए गए हैं, जिनसे राजधानी की सरकारी स्कूलों की हालत सुधरने में काफी सहयोग मिला है। आइए जानते हैं दिल्ली सरकार के वो कौन से सराहनीय फैसले हैं:
ब्रिटिश काउंसिल के साथ एमओयू
दिल्ली सरकार की तरफ से दिल्ली के उप मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और ब्रिटिश काउंसिल की तरफ से डायरेक्टर एलेन गेमेल ओबीई ने सर्वोदय कन्या बाल विद्यालय, वेस्ट विनोद नगर में एक समझौता साइन किया है, जिसके माध्यम से युवाओं के स्किल डेवलपमेंट और कला-संस्कृति में सहयोग को लेकर काम किया जाएगा।
शिक्षकों को विदेश में ट्रेनिंग
दिल्ली की सरकारी स्कूलों में भी निजी स्कूलों की तरह पढ़ाई हो रही है। दिल्ली के एक हजार से अधिक सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्राचार्यों को अब तक प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर और फिनलैंड भेजा जा चुका है। वो वहां से ट्रेनिंग लेकर आते हैं और दिल्ली में पढ़ाई करवाते हैं।
स्कूल की इमारतों में हुआ काम
दिल्ली के कई सरकारी स्कूलों की दीवारों का रंग-रोगन हो चुका है और इनकी बुनियादी संरचना किसी निजी स्कूल से कम नहीं है। इससे बच्चों को साफ और बड़ी जगह में पढ़ाई का मौका मिल रहा है। इसमें बच्चों के लिए जिम, ग्राउंड, स्विमिंग पूल आदि शामिल हैं।
'हैप्पीनेस करिकुलम'
दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 40 अध्यापकों और शिक्षाविदों की एक टीम ने करीब छह महीने में 'हैप्पीनेस करिकुलम' बनाया है। इस पाठ्यक्रम के अलावा, नर्सरी से लेकर कक्षा सात तक छात्रों के लिए 45 मिनट का 'हैप्पीनेस पीरियड' होगा, जिसमें योग, कथावाचन, प्रश्नोत्तरी सत्र, मूल्य शिक्षा और मानसिक कसरत शामिल हैं।
बजट बढ़ाया
दिल्ली सरकार ने अपने पहले बजट भाषण में शिक्षा बजट दोगुना कर दिया था। बताया जा रहा है कि कुल बजट का 26 फीसदी हिस्सा शिक्षा पर खर्च हो रहा है।
एलमनी मीट
दिल्ली सरकार ने पहली बार सरकारी स्कूलों की एलमनी मीट करवाने का फैसला किया था। अब दिल्ली सरकार के सभी स्कूलों में एलमनी मीटिंग होगी। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शक्ति नगर के सरकारी स्कूल में एलमनी मीटिंग की औपचारिक शुरुआत की। इसमें 1961 के बाद इस स्कूल से पास हुए पूर्व विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था।