Delhi Election 2020: तीन बजे के बाद अचानक बढ़े मतदान को लेकर भाजपा-कांग्रेस कन्फ्यूज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही राष्ट्रीय दलों के नेता शनिवार को तीन बजे के बाद अचानक बड़ी वोटिंग को लेकर कंफ्यूज हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि अंतिम क्षणों में बड़ा मतदान किसके पक्ष में जा रहा है। कांग्रेस के एक शीर्ष नेता ने बताया कि अंतिम क्षणों में हुआ यह मतदान उनकी पार्टी के पक्ष में जाएगा, जबकि भाजपा के एक महामंत्री का दावा है कि तीन बजे के बाद उनके कार्यकर्ताओं ने अपने वोटरों को घर से निकालने की कोशिश की और बेहतर मतदान कराने का प्रयास किया। उसी का परिणाम है कि तीन बजे के बाद भारी संख्या में मतदाता बाहर निकले और अचानक वोट प्रतिशत बढ़ गया।
गौरतलब है कि शनिवार को हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव के मतदान के दौरान तीन बजे तक बहुत कम वोटिंग हुई। इस समय तक कई क्षेत्रों में मतदान 30 फीसदी के आसपास रहा, जबकि तीन बजे के बाद मतदान खत्म होने तक लगभग 30 से 35 फीसदी का मतदान हुआ। ऐसे में सभी दलों के द्वारा यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह मतदान में बड़ा उलटफेर कर सकता है। जिस भी विचारधारा के सपोर्टरों ने तीन बजे के बाद मतदान केंद्रों की तरफ रुख किया है, माना जा रहा है कि इस चुनाव का विजेता वही हो सकता है। ये मतदाता चुनाव को पूरी तरह से पलट कर रख देंगे।
दिल्ली विधानसभा चुनाव को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि चुनाव नतीजे लोगों को चौंका कर रख देंगे। कांग्रेस ने लगभग दो दर्जन सीटों पर बेहतर प्रदर्शन करने का दावा किया है। उसे उम्मीद है कि चुनाव नतीजे हरियाणा विधानसभा की तरह एग्जिट पोल से काफी अलग होंगे।
इसी प्रकार भाजपा ने भी चुनाव पूर्व सर्वेक्षण को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पार्टी का मानना है कि उसने चुनाव में काफी अच्छा काम किया है और जनता उसे बेहतर परिणाम देगी। वहीं, पोल्स में लगभग क्लीन स्वीप करती दिख रही आम आदमी पार्टी ने चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों का स्वागत किया है, लेकिन पार्टी ने ईवीएम की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है।
कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कहा कि इसके पहले भी कई चुनाव सर्वेक्षणों में उन्हें बहुत कम करके आंका गया था, लेकिन असली चुनाव परिणामों में कांग्रेस ने काफी बेहतर प्रदर्शन किया है और इस बार भी यह ट्रेंड बरकरार रहेगा। उन्होंने कहा कि उनके लगभग दो दर्जन उम्मीदवार काफी मजबूत लड़ाई लड़े हैं और 3 दर्जन के लगभग उम्मीदवारों ने अपने चुनाव क्षेत्र में काफी अच्छा मत प्रतिशत हासिल किया है। इसलिए कांग्रेस को सिर्फ 3 से 5 सीटों पर समेट देना किसी भी तरह से सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमारे मत प्रतिशत को भी बहुत कम करके आंका जा रहा है। कांग्रेस अपने पुराने मत प्रतिशत से कहीं ज्यादा आगे बढ़कर प्रदर्शन करेगी।