विधानसभा चुनावः 12 जिलों में 60 विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों के नाम डिब्बे में बंद
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टिकट की दौड़ में शामिल भाजपा नेताओं की दावेदारी डिब्बे में बंद होनी शुरू हो गई है। बुधवार को 12 जिलों में करीब 60 विधानसभा क्षेत्रों के संभावित प्रत्याशियों के नाम पर रायशुमारी हुई। बृहस्पतिवार को भी दो जिलों में रायशुमारी की जाएगी।
पर्यवेक्षक की उपस्थिति में हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 45-50 भाजपा पदाधिकारियों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में टिकट की दौड़ में शामिल लोगों के नाम एक पर्चे पर लिखकर दिए। उन्हें एक विधानसभा क्षेत्र से तीन लोगों का नाम चयनित कर बंद डिब्बे में डाला।
हालांकि रायशुमारी करने वाले भी टिकट की दौड़ में शामिल हैं। लिहाजा अमूमन यह भी देखने को मिलता है कि वह भी अपना नाम टिकट की दौड़ में लिखकर डालते हैं।
भाजपा ने टिकट की दौड़ में शामिल लोगों की छंटनी शुरू कर दी है। बुधवार को नॉर्थ-ईस्ट संसदीय क्षेत्र में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, उत्तर-पश्चिमी लोकसभा क्षेत्र में केंद्रीय राज्यमंत्री नित्यानंद राय, चांदनी चौक में महामंत्री अनिल जैन, पश्चिमी दिल्ली में दुष्यंत गौतम, नई दिल्ली में प्रदेश चुनाव सहप्रभारी तरुण चुघ और पूर्वी दिल्ली में प्रदेश भाजपा प्रभारी श्याम जाजू की उपस्थिति में रायशुमारी की गई।
भाजपा पदाधिकारियों के अनुसार, योग्य उम्मीदवार के चयन और इस प्रक्रिया में पारदर्शिता दिखाने के लिए यह तरीका भाजपा अपनाती है। बुधवार को सभी 16 संगठनात्मक जिलों में इसके लिए बैठकें की गईं। बृहस्पतिवार को दो जिलों में प्रदेश भाजपा चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर की उपस्थिति में रायशुमारी की जाएगी।
रायशुमारी में विधानसभा क्षेत्र में तैनात किए गए विस्तारक, प्रभारी व संयोजक के साथ ही विधानसभा में अन्य मंडलों के अध्यक्ष के साथ ही 2015 विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी, पार्षद व पूर्व पार्षद, जिला अध्यक्ष, उस विधानसभा में रहने वाले प्रदेश, मोर्चे व जिले के पदाधिकारियों ने पर्चे पर संभावित उम्मीदवार के नाम लिखित तौर पर दिए।
प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि विधानसभा स्तर पर कार्यकर्ताओं की राय ली गई है। कुछ दिन में प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी। जानकारी के अनुसार, 60 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 1800 नेताओं ने 170-175 लोगों के नाम की रायशुमारी की।
शिक्षा पर खर्च तो बढ़ा लेकिन शिक्षकों की संख्या नहीं: भाजपा
दिल्ली सरकार की शिक्षा नीति पर भाजपा ने जमकर निशाना साधा है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे ने बुधवार को कहा है दिल्ली में शिक्षा पर खर्च तो बढ़ा, लेकिन शिक्षकों की संख्या नहीं बढ़ी। आम आदमी पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को ही शिक्षा विभाग में तैनात कर दिया।
आम आदमी पार्टी जवाब दे कि 10वीं क्लास के बच्चों का परीक्षा रिजल्ट क्यों खराब हो रहा है। 2015 में 95.81 प्रतिशत परीक्षा का रिजल्ट रहा जो 2019 में घटकर 71.58 प्रतिशत हो गया। 12वीं पास करने के बाद क्यों एक प्रतिशत छात्रों को भी डीयू में दाखिला नहीं मिल पाता। राजधानी में 51 प्रतिशत शिक्षकों के पद अभी भी क्यों खाली पड़े हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि केजरीवाल सरकार विकास नहीं दुष्प्रचार पर विश्वास करने वाली पार्टी है। दिल्ली सरकार के स्कूलों में चार लाख से ज्यादा छात्रों को दसवीं में दाखिला नहीं मिल पाता है। सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने 500 नए स्कूल बनाने का वादा किया था।
इसमें एक भी नया स्कूल नहीं बना। 20 नए कॉलेज के वादे भी पूरा नहीं हुए। दो विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा भी हवा हवाई साबित हुई है। 82 भूखंड दिल्ली सरकार के पास हैं फिर भी जमीन नहीं होने का बहाना बनाती है।
शिक्षा की बेहतरी के लिए दिल्ली सरकार ने नहीं किया कोई बड़ा कामः कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस ने दिल्ली सरकार पर शिक्षा के क्षेत्र में कोई काम नहीं करने का आरोप मढ़ा है। पार्टी ने कहा कि पिछले पांच साल में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा के क्षेत्र की बेहतरी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। हवा हवाई बातें तो जरूर की गईं, लेकिन जमीन पर योजनाएं नहीं उतरीं।
दिल्ली सरकार पर नाकामी के आरोप लगाते हुए वरिष्ठ नेता मुकेश शर्मा ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि पिछले पांच साल में महज एक स्कूल खोला गया जबकि 2015 विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में 500 स्कूलों के निर्माण का दावा किया था।
पिछले पांच साल में स्कूली छात्रों का रिजल्ट भी लगातार गिर रहा है। सरकारी स्कूल के बच्चों को 12वीं पास करने के बाद ना तो कॉलेजों में दाखिला मिलता है और ना ही रोजगार। यह तब है जब शिक्षा के नाम पर करोड़ों रुपये का बजट दिल्ली सरकार हर साल रखती है।
फंड जुटाने के लिए चाय पार्टी करेगी आप
आम आदमी पार्टी (आप) फंड जुटाने के लिए चाय पार्टी बुलाने जा रही है। इसमें पार्टी का ध्यान दिल्ली के बाजारों पर रहेगा। बाजार एसोसिएशन के साथ मिलकर पार्टी कारोबारियों से चंदा लेगी। आप की ट्रेड विंग के बृजेश गोयल का कहना है कि पहला फंड रेजिंग डिनर कार्यक्रम सफल रहा है। उसमें करीब 1.50 करोड़ रुपये का चंदा मिला।