Delhi Election: मुस्तफाबाद सीट... कांग्रेस-भाजपा-आप के नेता हासिल कर चुके हैं जीत; अबकी बार कौन मारेगा बाजी?
मुस्तफाबाद सघन आबादी वाला क्षेत्र है। इसमें अधिकांश मध्यमवर्गीय परिवार रहते हैं। क्षेत्र में ज्यादातर परिवार घर में ही सिलाई-बुनाई का काम करते हैं। सभी परिवार विविध समुदायों से आते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर-पूर्वी दिल्ली की मुस्तफाबाद विधानसभा सीट परिसीमन के बाद वर्ष 2008 में अस्तित्व में आई। इस सीट पर कांग्रेस, भाजपा और आप के नेता जीत हासिल कर चुके हैं। यहां पहली बार कांग्रेस के उम्मीदवार हसन अहमद ने खाता खोला। वे लगातार दो बार यहां से विधायक बने।
मुस्तफाबाद सघन आबादी वाला क्षेत्र है। इसमें अधिकांश मध्यमवर्गीय परिवार रहते हैं। क्षेत्र में ज्यादातर परिवार घर में ही सिलाई-बुनाई का काम करते हैं। सभी परिवार विविध समुदायों से आते हैं। विधानसभा में मुस्तफाबाद, करावल नगर, गाजीपुर, झिलमिल, गाजीपुर गांव, कश्मीर गेट (कुछ हिस्से), विजय विहार सहित अन्य क्षेत्र आते हैं। परिसीमन से पहले इस सीट को करावल नगर के नाम से जाना जाता था। परिसीमन के बाद सीट का नाम बदला गया।
मुस्तफाबाद नगर विधानसभा क्षेत्र में निगम के पांच वार्ड हैं। इन पर भाजपा और कांग्रेस का कब्जा है। आम आदमी पार्टी यहां खाता भी नहीं खोल पाई। क्षेत्र के ईस्ट करावल नगर वार्ड से भाजपा की शिमला देवी, दयालपुर वार्ड से भाजपा के पुनीत शर्मा, नेहरू विहार से भाजपा के अरुण सिंह, ब्रजपुरी से कांग्रेस की नाजिया जावेद और मुस्तफाबाद वार्ड से कांग्रेस की शबीला बेगम पार्षद हैं।
2008 से अब तक कौन जीता, कौन हारा
वर्ष जीते (पार्टी) हारे (पार्टी)
2008 हसन अहमद (कांग्रेस) बोगेंद्र कुमार शर्मा (भाजपा)
2013 हसन अहमद (कांग्रेस) जगदीश प्रधान (भाजपा)
2015 जगदीश प्रधान (भाजपा) हसन अहमद (कांग्रेस)
2020 हाजी युनुस (आप) जगदीश प्रधान (भाजपा)
मुस्तफाबाद क्षेत्र की सभी सड़कें टूटी हुई हैं। इन सड़कों के कारण लोगों को परेशान होना पड़ता है। टूटी हुई सड़क में फंसकर अक्सर रिक्शे के पहिये टूट जाते हैं। लोगों का सामान गिर जाता है। इस बारे में प्रशासन को कई बार शिकायत की गई, लेकिन ठोस काम नहीं हो पाया। -शहजाद मलिक
क्षेत्र में विजली के तारों को लेकर सभी परेशान हैं। तारों के जाल के कारण दुर्घटना होने की आशंका रहती है। पानी को भी समस्या है। क्षेत्र में ज्यादातर लोग अपने घरों में ही रोजगार करते हैं। उन्हें उचित बिजली पानी की सप्लाई नहीं हो पाती। -अमजद अंसारी
क्षेत्र की गलियां टूटी हुई हैं। इन गलियों को ठीक करवाने के लिए कई बार क्षेत्र के विधायक को शिकायत भेजी गई, लेकिन विधायक क्षेत्र में नहीं आए। अक्सर टूटी गलियों के कारण लोग चोटिल हो जाते हैं। -वसीम राजपूत
क्षेत्र में पार्किंग की समस्या है। यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं, लेकिन वाहनों को खड़ा करने के लिए कोई उचित जगह नहीं है। लोग सड़क पर ही बाहुन खड़े करके चले जाते हैं। अवैध पार्किंग के कारण मुख्य रोड पर ही जाम लगता है। -मोहम्मद कासिम