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दिल्ली विस के बजट सत्र में नहीं होंगे जनता के सवाल

Tue, 23 Jun 2015 04:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 23 Jun 2015 04:02 PM IST
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Delhi Assembly budget session wiil be differ, would not question the public.

दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है जो 30 जून तक चलेगा। सत्र में कुल छह बैठकें होंगी। इसमें 24 जून को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा और 25 जून को बजट पेश होगा।

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इसके बाद 26 जून को प्राइवेट सदस्यों के संकल्पों पर चर्चा होगी। फिर दो दिन छुट्टी के बाद 29-30 जून को बजट पर चर्चा होगी और पास किया जाएगा। विस अध्यक्ष ने बताया कि जिन दिनों प्रश्नकाल नहीं होगा, उन दिनों के लिए अल्प सूचना प्रश्न उठाने का मौका सदस्यों को मिलेगा।
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एक दिन में 3 अल्प सूचना प्रश्न उठाए जा सकते हैं जिसकी सूचना 3 दिन पूर्व देनी जरूरी है।विधानसभा सचिवालय को 67 सवाल मिले हैं जबकि दो ही दिन प्रश्नकाल होगा।

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पहली बार प्रश्नकाल को जगह नहीं

Delhi Assembly budget session wiil be differ, would not question the public.

आम आदमी पार्टी की सरकार में आम जनता के सवालों को बजट सत्र की छह में से पहली चार बैठकों को जगह नहीं दी गई है। विस के बजट सत्र इतिहास में यह पहला मौका है जब नियमों में तय प्रश्नकाल को जगह नहीं दी गई है।

विशेषज्ञ इसे जनता और विधायकों के अधिकार का हनन बता रहे हैं। विस अध्यक्ष रामनिवास गोयल का कहना है कि सरकार की तरफ से देरी से सूचना मिली। कम से कम 12 दिन का समय प्रश्न पूछने केलिए सदस्यों को चाहिए होता है।

लेकिन अध्यक्ष की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 29-30 जून को प्रश्नकाल रखा है। विस को सूचना 17 जून को मिलने का कारण विस सचिवालय दे रहा है। ऐसे में दिल्ली सरकार की लापरवाही भी मानी जा सकती है।

चार बैठकों में नहीं होंगे जनता के सवाल

Delhi Assembly budget session wiil be differ, would not question the public.

11 जून को दिल्ली कैबिनेट ने बजट सत्र की तारीख को मंजूरी दी थी। विस सचिवालय को सूचना भेजने में इतनी देरी के कारण प्रश्नकाल शुरुआती 4 बैठकों में नहीं रखा जा सका है।

दिल्ली विस के पूर्व सचिव एसके शर्मा ने बताया कि विस के किसी भी विधिवत सत्र में बिना प्रश्नकाल के बैठक कभी नहीं हुई। नियमों में प्रश्नकाल का प्रावधान है।

प्रश्नकाल शामिल नहीं करने का मतलब है कि ये विधायिका के अधिकारों का हनन है। दो करोड़ जनता के सवाल रोकने की कोशिश है। कार्यपालिका पर अंकुश लगाने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका प्रश्नकाल होता है। जनता के प्रश्न कैसे पूछे जाएंगे।

ये बिल किए जाएंगे सत्र में पेश

Delhi Assembly budget session wiil be differ, would not question the public.

नेताजी सुभाष सूचना प्रौद्योगिकी विधेयक, 2015, दिल्ली विधानसभा सदस्य (आयोग्यता निवारण) (संशोधन) विधेयक, 2015, दिल्ली मूल्य संवर्द्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2015, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार (संशोधन) विधेयक, 2015, दिल्ली विनियोजन (संख्या-2) विधेयक, 2015 पेश किया जाएगा।

निजी स्कूलों की मनमानी रोकने और शिक्षा में सुधार को लेकर दिल्ली स्कूल शिक्षा(संशोधन) विधेयक, 2015 को बजट सत्र में पेश किए जाने को लेकर सरकार में अभी हां-ना की स्थिति बनी हुई है।

गैर सरकारी सदस्यों के तीन संकल्प पर 26 जून को चर्चा होगी। इसमें भाजपा विधायक की तरफ से अनाधिकृत कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं, आप विधायक की तरफ से डीडीए को तुरंत प्रभाव से दिल्ली सरकार में लाने और आपातकाल जैसी स्थिति की संभावना को देखते हुए संविधान में उचित परिवर्तन के मुद्दे पर चर्चा स्वीकार की गई है।

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