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दिल्ली: अपोलो अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला, मरीज को आईसीयू बेड न मिलने पर परिजनों का हंगामा
Wed, 28 Apr 2021 01:45 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 28 Apr 2021 01:45 AM IST
सार
दिल्ली के अपोलो अस्पताल में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब यहां एक कोरोना के मरीज को आईसीयू बेड नहीं मिला। बेड न मिलने से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल पर हमला कर दिया।
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अपोलो अस्पताल में हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अस्पतालों में बिस्तरों का अभाव अब अराजकता की वजह बन रहा है। अपोलो अस्पताल में आईसीयू बेड न मिलने से एक कोरोना संक्रमित महिला की मौत हो गई। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल पर हमला कर दिया। करीब एक घंटे तक अस्पताल कर्मियों और परिजनों के बीच हुई मारपीट में डंडे, लाठी और ब्लेड तक चल गए। इस मारपीट में आधा दर्जन से ज्यादा लोग लहूलुहान हो गए। बहरहाल, देर शाम तक घटना की शिकायत पुलिस को नहीं मिली थी। साथ ही, पुलिस ने इस मामले में अब तक किसी की भी एमएलसी न होने की जानकारी दी है।
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मंगलवार तड़के मदनपुर खादर निवासी परिजन 62 वर्षीय महिला को ऑक्सीजन स्तर 70 से भी कम होने के चलते सरिता विहार स्थित अपोलो अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों ने आईसीयू बेड खाली नहीं होने की जानकारी देते हुए कहा कि मरीज की हालत काफी गंभीर है। इन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर नहीं रखा जा सकता और तत्काल आईसीयू चाहिए। परिजनों के लिए कहीं भी आईसीयू का बंदोबस्त करना आसान नहीं था, क्योंकि दिल्ली के 4637 में से र्कोई भी बेड खाली नहीं था। सुबह करीब 8 बजे मरीज ने दम तोड़ दिया।
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इससे गुस्साए परिजनों ने आपातकालीन वार्ड में ही कर्मचारियों पर हमला बोल दिया। देखते ही देखते तोड़फोड़ और मारपीट होने लगी। आरोप है कि परिजनों ने जूनियर डॉक्टर, नर्स और सुरक्षा गार्डों की पिटाई की। हालांकि अस्पताल ने इन कर्मचारियों की देर शाम तक एमएलसी नहीं कराई थी।
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दिल्ली पुलिस के दक्षिण पूर्वी डीसीपी आरपी मीणा ने कहा कि हमले की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। वहां स्थिति काफी गंभीर थी। पुलिस ने महिला का शव आनन-फानन में परिजनों के हवाले किया और फिर उन्हें अंतिम संस्कार के लिए रवाना किया। देर शाम तक अस्पताल ने लिखित शिकायत नहीं दी है।
अपोलो अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस घटना में सात कर्मचारी घायल हुए हैं। इनमें सबसे अधिक चोट सुरक्षा गार्ड को है। यह गार्ड कोरोना संक्रमित है और उस वक्त आपातकालीन वार्ड में भर्ती होने के लिए आया था। स्टाफ पर हमला होता देख वह बीच में आ गया। इस कारण उसे काफी चोटें आई हैं। अस्पताल के सुरक्षा अधिकारी समीर का आरोप है कि परिजन इस कदर बेकाबू थे कि उन्होंने ब्लेड तक का इस्तेमाल किया। इससे काफी लोगों को चोटें आई हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में दिख रहा है कि आपातकालीन वार्ड का काउंटर, गेट और कुर्सियां तक तोड़ दी गईं। वार्ड में फर्श पर चारों ओर खून ही खून दिखाई दे रहा था। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो क्लिप में परिजन और अस्पताल का स्टाफ एक-दूसरे पर हमला करते दिख रहे हैं।
पुलिस बोली- नहीं मिली तोड़फोड़ की शिकायत
अपोलो अस्पताल में हुए हंगामे को लेकर डीसीपी साउथ-ईस्ट, राजेंद्र प्रसाद मीणा ने कहा कि स्थिति इस समय नियंत्रण में है। हमें अस्पताल में तोड़फोड़ की कोई सूचना नहीं मिली है। हमने अपोलो अस्पताल के प्रबंधकों और डॉक्टरों के साथ बैठक की।