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एनसीआर में गहराया सांसों का संकट, दिल्ली की हवा पहुंची आपात स्तर पर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 09 Nov 2018 05:14 AM IST
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दिवाली के बाद प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नजरअंदाज कर दिल्ली-एनसीआर के लोगों ने दिवाली पर जमकर पटाखे फोड़े। पुलिस की मुस्तैदी का भी लोगों पर असर नहीं दिखा और आदेश कागजों में ही सीमित रह गए। आतिशबाजी के कारण धुएं से दिल्ली-एनसीआर गैस चैंबर के रूप में तबदील हो गए और प्रदूषण सीवियर प्लस इमरजेंसी (खतरनाक और आपात स्थिति) स्तर पर पहुंच गया।
बृहस्पतिवार सुबह हवा में धूल के महीन कण पीएम 2.5 की मात्रा मानक से 26 गुना ज्यादा चली गई जबकि देर शाम करीब 6 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक इमरजेंसी स्तर 642 तक पहुंच गया। सेंटर फार एयर क्वालिटी एंड वेदर क्वालिटी एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक दो दिन बाद ही हवा की गुणवत्ता में सुधार आने की संभावना है।
वहीं, दल्ली सरकार ने दिवाली के दिन 24 घंटों के वायु प्रदूषण के आंकड़े जारी किए। इसके मुताबिक, दिवाली पर धूल के महीने कणों पीएम10 का स्तर अधिकतम 1859 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर व पीएम2.5 का स्तर अधिकतम 1560 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के बीच रहा।
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यह पीएम10 व पीएम2.5 के मानक स्तर 100 व 60 की तुलना में 18 और 25 गुना तक ज्यादा है। जबकि पिछली दिवाली पर दोनों प्रदूषण मानक नौ व आठ गुना ज्यादा दर्ज किए गए थे।
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बृहस्पतिवार सुबह हवा में धूल के महीन कण पीएम 2.5 की मात्रा मानक से 26 गुना ज्यादा चली गई जबकि देर शाम करीब 6 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक इमरजेंसी स्तर 642 तक पहुंच गया। सेंटर फार एयर क्वालिटी एंड वेदर क्वालिटी एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक दो दिन बाद ही हवा की गुणवत्ता में सुधार आने की संभावना है।
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वहीं, दल्ली सरकार ने दिवाली के दिन 24 घंटों के वायु प्रदूषण के आंकड़े जारी किए। इसके मुताबिक, दिवाली पर धूल के महीने कणों पीएम10 का स्तर अधिकतम 1859 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर व पीएम2.5 का स्तर अधिकतम 1560 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के बीच रहा।
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यह पीएम10 व पीएम2.5 के मानक स्तर 100 व 60 की तुलना में 18 और 25 गुना तक ज्यादा है। जबकि पिछली दिवाली पर दोनों प्रदूषण मानक नौ व आठ गुना ज्यादा दर्ज किए गए थे।
सफर का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक मौसमी दशाएं खराब रहेंगी। इस दौरान हवा की चाल तकरीबन स्थिर रहेगी। इससे वायु की गुणवत्ता में ज्यादा सुधार होने की उम्मीद नहीं है। शनिवार के बाद एक बार फिर मौसम के करवट लेने से वायु की गुणवत्ता में सुधार आएगा। सुप्रीम कोर्ट ने दो घंटे तक ही आतिशबाजी की इजाजत दी थी लेकिन लोग सुबह तक पटाखे फोड़ते रहे।
दिवाली की रात सूचकांक पहुंचा 500
सफर के मुताबिक दिवाली की देर रात वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 से ज्यादा रहा। रात करीब दो बजे हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर तक पहुंच गई थी। इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह तक कमोवेश एक जैसी स्थिति रही।
दिन में तापमान बढ़ने से गुणवत्ता में थोड़ा सुधार आया। इस दौरान सूचकांक बेहद खराब स्तर पर रहा। लेकिन शाम को एक बार फिर सूचकांक खतरनाक और आपात स्थिति (500 से ज्यादा) में पहुंच गया।
सफर के मुताबिक बुधवार को हवा की धीमी चाल की वजह से वायु की गुणवत्ता ज्यादा खराब हुई। दिवाली की रात हवा की चाल 2 किमी प्रति घंटे थी। इससे पटाखों से निकला प्रदूषण दिल्ली की आबोहवा में ही ठहरा गया।
दिवाली की रात सूचकांक पहुंचा 500
सफर के मुताबिक दिवाली की देर रात वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 से ज्यादा रहा। रात करीब दो बजे हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर तक पहुंच गई थी। इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह तक कमोवेश एक जैसी स्थिति रही।
दिन में तापमान बढ़ने से गुणवत्ता में थोड़ा सुधार आया। इस दौरान सूचकांक बेहद खराब स्तर पर रहा। लेकिन शाम को एक बार फिर सूचकांक खतरनाक और आपात स्थिति (500 से ज्यादा) में पहुंच गया।
सफर के मुताबिक बुधवार को हवा की धीमी चाल की वजह से वायु की गुणवत्ता ज्यादा खराब हुई। दिवाली की रात हवा की चाल 2 किमी प्रति घंटे थी। इससे पटाखों से निकला प्रदूषण दिल्ली की आबोहवा में ही ठहरा गया।
अशोक विहार की हालत सबसे रही बुरी
दिवाली पर पीएम10 व पीएम2.5 का स्तर अशोक विहार इलाके में सबसे ज्यादा रहा। दिवाली की रात करीब एक बजे अशोक विहार में पीएम10 का स्तर 1859 व पीएम2.5 का 1560 था।
जबकि पिछले साल दिवाली के दिन पीएम 10 का अधिकतम स्तर आनंद विहार में 951 व पीएम 2.5 का 440 आरके पुरम में रिकार्ड किया गया था। इस दौरान जनकपुरी, नेहरू नगर, वजीरपुर, आनंद विहार, पंजाबी बाग, आरके पुरम में पीएम 10 का स्तर 1000 से ज्यादा रहा।
खतरनाक और आपत स्थित के मायने
वायु गुणवत्ता सूचकांक अगर इस स्तर पर पहुंच जाए तो स्वस्थ लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगती है। लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने पर सांसों की गंभीर बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।
जबकि पिछले साल दिवाली के दिन पीएम 10 का अधिकतम स्तर आनंद विहार में 951 व पीएम 2.5 का 440 आरके पुरम में रिकार्ड किया गया था। इस दौरान जनकपुरी, नेहरू नगर, वजीरपुर, आनंद विहार, पंजाबी बाग, आरके पुरम में पीएम 10 का स्तर 1000 से ज्यादा रहा।
खतरनाक और आपत स्थित के मायने
वायु गुणवत्ता सूचकांक अगर इस स्तर पर पहुंच जाए तो स्वस्थ लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगती है। लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने पर सांसों की गंभीर बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।