फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi: Air pollution complaints settled on paper

Delhi : वायु प्रदूषण की शिकायतों का कागजों में निपटारा, समाधान में जल बोर्ड फिसड्डी... नगर निगम का भी यही हाल

Sun, 17 Nov 2024 03:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा आशीष सिंह, नई दिल्ली
आशीष सिंह, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 17 Nov 2024 03:39 AM IST
सार

प्रदूषण से संबंधित शिकायतों का निपटारा कागजों और फाइलों में ही है। हकीकत में स्थिति अलग है। आलम यह है कि विभिन्न एजेंसियों को प्राप्त 40 फीसदी शिकायतें अपने सुधार के इंतजार में है। 

विज्ञापन
Delhi: Air pollution complaints settled on paper
दिल्ली में बढ़ा वायु प्रदूषण - फोटो : PTI

विस्तार

प्रदूषण को कम करने की जिम्मेदारी जिस एजेंसियों व विभाग को है वह लापरवाही बरत रहे। प्रदूषण से संबंधित शिकायतों का निपटारा कागजों और फाइलों में ही है। हकीकत में स्थिति अलग है। आलम यह है कि विभिन्न एजेंसियों को प्राप्त 40 फीसदी शिकायतें अपने सुधार के इंतजार में है। 

विज्ञापन


प्रदूषण से जुड़ी शिकायतों के निपटारे में सबसे फिसड्डी दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) है। उसके बाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) है। जोकि शिकायतों पर ध्यान ही नहीं दे रही है। यही नहीं, जहां सरकार डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा दे रही है, वहां भी एजेंसियां प्राप्त शिकायतों के सुधार के मामले में सुस्ती दिखा रही है।
विज्ञापन


केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक शिकायत एमसीडी को प्राप्त हुई हैं। इसमें 4300 शिकायत में से केवल 2155 शिकायतों को ठीक किया गया है। यानी 50 फीसदी शिकायतों को सुलझाया ही नहीं गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, दिल्ली जल बोर्ड को 183 शिकायतें मिलीं, लेकिन वह 57 शिकायतों के निपटारे तक ही सीमित रहा, जोकि 31 फीसदी ही है। बाकि, 69 प्रतिशत शिकायतों पर अभी तक एजेंसी ने ध्यान ही नहीं दिया है। यह सभी शिकायतें 15 अक्तूबर, 2022 से लेकर 11 नवंबर, 2024 तक समीर एप में प्राप्त हुईं हैं। 


ऐसे में जिम्मेदार वायु प्रदूषण से संबंधित शिकायतों के मामले में बेखबर हैं। इससे बाहरी के साथ स्थानीय प्रदूषक दिल्ली को गैस चैंबर बना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय से शिकायतों को सुलझाया नहीं जाता तो स्थिति और खराब होती है। प्रदूषण के विरुद्ध अगर ठीक से काम किया जाए तो यह तस्वीर बदल सकती है। यह आंकड़े विभागों व एजेंसियों के दावों की पोल खोल रहे हैं।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed